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Bareilly News: ब्रह्म योग में विराजेंगे गणपति, हरेंगे भक्तों के संकट
Fri, 11 Sep 2026 03:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 11 Sep 2026 03:45 AM IST
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बरेली। गणेश महोत्सव 14 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। धार्मिक महोत्सव 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाएगा, जिसके अंतिम दिन गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। विघ्नहर्ता इस बार ब्रह्म योग में विराजकर अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर करेंगे और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगे।
पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि स्थापना के दिन मन, भावना के कारक चंद्रमा तथा सौंदर्य, कला, प्रेम व सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र एक साथ तुला राशि में बैठकर शुभ कलात्मक योग का निर्माण कर रहे हैं। इन दोनों सौम्य ग्रहों के मिलन से जातकों के भीतर कलात्मक क्षमता का अत्यधिक विकास होता है। यही वजह है कि इस बार की गणेश चतुर्थी विशेष रूप से फलदायी रहने वाली है और बप्पा अपने भक्तों पर कृपा की विशेष वर्षा करेंगे। बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इसी दिन भगवान गणेश ने चंद्रमा को श्राप दिया था, जिसके चलते इस तिथि पर चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना गया है। गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से मिथ्या कलंक लगने का भय रहता है, इसलिए श्रद्धालुओं को इस बात का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
14 सितंबर को सुबह 11:03 बजे से दोपहर 01:32 बजे तक
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पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि स्थापना के दिन मन, भावना के कारक चंद्रमा तथा सौंदर्य, कला, प्रेम व सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र एक साथ तुला राशि में बैठकर शुभ कलात्मक योग का निर्माण कर रहे हैं। इन दोनों सौम्य ग्रहों के मिलन से जातकों के भीतर कलात्मक क्षमता का अत्यधिक विकास होता है। यही वजह है कि इस बार की गणेश चतुर्थी विशेष रूप से फलदायी रहने वाली है और बप्पा अपने भक्तों पर कृपा की विशेष वर्षा करेंगे। बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इसी दिन भगवान गणेश ने चंद्रमा को श्राप दिया था, जिसके चलते इस तिथि पर चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना गया है। गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से मिथ्या कलंक लगने का भय रहता है, इसलिए श्रद्धालुओं को इस बात का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
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गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
14 सितंबर को सुबह 11:03 बजे से दोपहर 01:32 बजे तक