Bareilly: 'मतगणना स्थल के बाहर रहेगी 20 हजार की भीड़', सपा नेता बोले- बेईमानी हुई तो करेंगे आंदोलन
बरेली में मतगणना से एक दिन पहले सपा नेताओं ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान भाजपा सरकार के इशारे पर कोई साजिश की गई तो हम लोहिया के अनुयायी आंबेडकर के संविधान की ताकत से आंदोलन को मजबूर होंगे।
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बरेली में मंगलवार को होने वाली मतगणना को लेकर सपा की स्थानीय इकाई और बरेली प्रत्याशी ने सोमवार को पत्रकारों से वार्ता की। बताया कि उन्हें अभी तक पुलिस प्रशासन के अफसरों पर भरोसा है लेकिन पर मोदी सरकार चुनाव जीतने के लिए कोई हथकंडा अपना सकती है। अफसरों पर तीन दिन से दबाव पड़ रहा है। कोई भी खुराफात हो सकती है। ऐसा हुआ तो जनता के साथ सपाई सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
एक होटल में पत्रकारों को पहले सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर तैयार प्रेसनोट पढ़कर सुनाया। इसमें जिक्र था कि भाजपा ने साजिश करके अपने हक में एक्जिट पोल बनवा लिया है। यह प्रशासन पर दबाव बनाने की साजिश है। तर्क दिया है कि भाजपा की सभाओं में कुर्सियां खाली पड़ी थीं जबकि इंडिया गठबंधन की सभाओं में कार्यकर्ताओं ने जोश में बांस बल्ली तक उखाड़ दी थी।
उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान भाजपा सरकार के इशारे पर कोई साजिश की गई तो हम लोहिया के अनुयायी आंबेडकर के संविधान की ताकत से आंदोलन को मजबूर होंगे। सपाइयों का साथ देने के लिए कम से कम बीस हजार लोग मतगणना स्थल के पास मौजूद रहेंगे ताकि जरूरत पर क्रांति का बिगुल बजा दिया जाए।
ऐरन बोले- मोदी हैं तो बेईमानी भी मुमकिन है
सपा प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन के अफसरों से उन्हें कोई दिक्कत नहीं आई। अब भी अफसरों की नीयत पर भरोसा है पर उन्हें जानकारी है कि तीन-चार दिन से भाजपा हाईकमान ने स्थानीय अफसरों पर भी दबाव बना रखा है। इसलिए किसी भी आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता क्योंकि मोदी हैं तो बेईमानी भी मुमकिन हो सकती है।
वह चाहते हैं कि अफसर अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनें और सच का साथ दें। ऐरन ने सवाल उठाया कि जीपीएस और लाइव लोकेशन के जमाने में मीडिया के कैमरे भी मतगणना क्षेत्र में सीमित कर दिए गए हैं। ऐसे में अगर किसी विपक्षी प्रत्याशी या एजेंट के साथ अन्याय हुआ तो जनता को उसकी जानकारी तत्काल नहीं पाएगी। ये तानाशाही जैसे हालात हैं।