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लॉक डाउन : सैकड़ों किलोमीटर का सफर वो भी पैदल
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मजबूरी में दिल्ली से पैदल लौट रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दिल्ली से आने वालों की संख्या कम रही मगर उत्तराखंड से लोग आ रहे पैदल
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बरेली। दिल्ली से आने वाले यात्रियों की संख्या मंगलवार को कम देखी गई, मगर उत्तराखंड के टनकपुर और हल्द्वानी समेत अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग पैदल आ रहे हैं। कोई साधन न मिलने की वजह से इन्हें काफी परेशान होना पड़ रहा है। खासकर बूढ़े लोग और बच्चों के लिए मुसीबत हो गई है।
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सवा सौ किलोमीटर पैदल चले.. इतना ही सफर बाकी
टनकपुर से कासगंज के लिए निकले बबलू ने कहा कि वह टनकपुर में एक मिठाई की दुकान पर काम करते हैं। इधर, दुकान बंद थी और लाकडाउन के बीच उनके मालिक ने भी उन्हें घर जाने का फरमान सुना दिया। उन्होंने बताया कि करीब सवा सौ किलोमीटर की उन्हें पैदल यात्रा करनी पड़ी है और अभी भी करीब सवा सौ किलोमीटर ही जाना है। उम्मीद थी कि रास्ते में कोई सवारी गाड़ी मिल जाएगी मगर कोई वाहन नहीं मिला। उनके साथ मौजूद भाई ऋषभ ने बताया कि पुलिस अब भी जगह-जगह खाना आदि दे रही है।
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हल्द्वानी से वृद्ध महिला छोटे बच्चों के साथ पैदल ही कानपुर को निकलीं
हल्द्वानी से 85 साल की बूढ़ी औरत रामकली अपने पूरे परिवार के साथ पैदल ही कानपुर के लिए निकल पड़ीं। बताया कि हल्द्वानी में उनका परिवार फेरी लगाता है। उन्हें उम्मीद थी कि रास्ते में कोई तो सवारी गाड़ी मिलेगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। एक जगह एक पिकअप ने कुछ किलोमीटर तक उन्हें सहारा दिया। मगर इसके बाद इन सबको पैदल ही चलना पड़ा। परिवार के करीब दस सदस्य है, जिनमें दो छोटे बच्चे रानू (10) और नेहा (08) भी है। सभी को पैदल चलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी उम्र हो गई पर आज तक ऐसी बंदी नहीं देखी। परिवार की बहू रेखा ने बताया कि उन्हें कानपुर के शास्त्री नगर तक जाना है। यदि आगे भी कोई संसाधन नहीं मिला तो उन्हें काफी परेशानी होगी।
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