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घरेलू बिजली बिल पर ब्याज माफी योजना शुरू
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बरेली। पॉवर कारपोरेशन ने चार किलोवाट क्षमता के घरेलू कनेक्शन बिलों पर सरचार्ज यानी ब्याज माफी योजना लागू कर दी है। इसके तहत पंजीकृत शहरी बकायेदारों को 12 आसान किश्तों पर मूलधन जमा करना होगा। योजना 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी।
प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण क्षेत्र संजय गोयल ने एक बातचीत में अमर उजाला से कहा कि 31 अक्टूबर तक बकाया शहरी और ग्रामीण घरेलू बिजली बिल बकाया तक ब्याज माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना सिर्फ चार किलोवाट के घरेलू कनेक्शनों पर ही लागू है। इसका लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद 12 किश्तों में शहरी और 24 किस्तों में ग्रामीण बकायेदारों को नियमित बिलों के साथ अपना बकाया जमा करना होगा।
प्रबंध निदेशक गोयल ने बताया कि किश्त की धनराशि मूल बिल के बकाये का पांच प्रतिशत अथवा न्यूनतम 15 सौ रुपये देना है। लगातार दो माह तक वर्तमान बिल और किस्त जमा नहीं करने पर पंजीकरण स्वत: रद्द हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किश्त टूटने के बाद योजना का लाभ नहीं मिलेगा और पूरी बकाया राशि मय ब्याज जमा करनी होगी। संवाद
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प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण क्षेत्र संजय गोयल ने एक बातचीत में अमर उजाला से कहा कि 31 अक्टूबर तक बकाया शहरी और ग्रामीण घरेलू बिजली बिल बकाया तक ब्याज माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना सिर्फ चार किलोवाट के घरेलू कनेक्शनों पर ही लागू है। इसका लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद 12 किश्तों में शहरी और 24 किस्तों में ग्रामीण बकायेदारों को नियमित बिलों के साथ अपना बकाया जमा करना होगा।
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प्रबंध निदेशक गोयल ने बताया कि किश्त की धनराशि मूल बिल के बकाये का पांच प्रतिशत अथवा न्यूनतम 15 सौ रुपये देना है। लगातार दो माह तक वर्तमान बिल और किस्त जमा नहीं करने पर पंजीकरण स्वत: रद्द हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किश्त टूटने के बाद योजना का लाभ नहीं मिलेगा और पूरी बकाया राशि मय ब्याज जमा करनी होगी। संवाद
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