UP: मासूम से बोला था- तुम्हारे लिए नई मम्मी लाएंगे; बेटी की गवाही पर मां के हत्यारे पिता-चाचा को मिली सजा
बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र में 16 अगस्त 2021 को शांति विहार कॉलोनी निवासी विनीता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने उसके पति विपिन और देवर आकाश को दोषी मनाते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को सजा दिलाने में घटना की चश्मदीद मासूम बेटी की गवाही अहम रही।
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उत्तर प्रदेश के बरेली में महिला की हत्या के मामले में कोर्ट ने उसके पति और देवर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले की एकमात्र चश्मदीद छह साल की बेटी ने कोर्ट में पिता व चाचा के खिलाफ गवाही दी थी। महिला की हत्या के बाद आरोपियों ने मासूम बेटी को कमरे में बंद कर दिया था। उससे कहा था कि उसके लिए नई मम्मी लाएंगे।
घटना थाना सुभाषनगर क्षेत्र की है। 16 अगस्त 2021 को शांति विहार कॉलोनी निवासी विनीता की हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता सत्य प्रकाश सक्सेना ने दामाद विपिन सक्सेना, उसके भाई आकाश सक्सेना, पिता राजकुमार सक्सेना और मां सुनीता सक्सेना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जांच के बाद विपिन व आकाश के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया गया था। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने सात गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद की कोर्ट ने शुक्रवार को विपिन सक्सेना व उसके भाई आकाश सक्सेना को दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 27-27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
बेटी बोली- मां को बटनी से मारा था
विनीता की छह साल की बेटी कोमल ने कोर्ट में गवाही के दौरान बताया कि उसके पापा, चाचा और दादी-बाबा उसकी मां को बेल्ट से मारते थे। वे उसकी मां को पसंद नहीं करते थे। घटना वाले दिन इन्होंने मां को बटनी (सिलबट्टे) से मारा। वह चीखी तो चाचा आकाश ने कोमल को कमरे में बंद कर दिया था। जाते वक्त कहा था कि वह उसके लिए नई मम्मी लाएंगे।
घटना के कुछ देर बाद कॉलोनी में ही रहने वाली आकाश की मौसी राजकुमारी सब्जी देने उनके घर पहुंचीं तो घर में सन्नाटा था। कमरे का दरवाजा बंद था। उन्होंने आवाज दी तो कमरे से विनीता की छह वर्षीय बेटी कोमल ने दरवाजा खोलने को कहा। राजकुमारी ने दरवाजा खोला तो डरी सहमी कोमल उनसे लिपट गई। उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा खोला तो चारपाई के पास खून से लथपथ विनीता का शव पड़ा था।
कोमल ने उन्हें बताया कि रात में आकाश चाचा ने उसके सामने मम्मी को सिलबट्टे से मार डाला। चीखने पर चाचा ने उसे भी कमरे में बंद कर दिया। जाते वक्त चाचा ने कहा कि वह उसके लिए दूसरी मम्मी लेकर आएंगे। इसके बाद राजकुमारी ने बाहर आकर शोर मचाया तो किसी ने यूपी-112 को सूचना दे दी।
अगस्त 2021 में घटना के बाद बचाव में चाचा आकाश ने कोमल को धमकाया था। विनीता की बहन सरिता ने बताया कि आकाश ने कोमल से कहा था कि अगर कोई उससे पूछे तो कह देना कि चाचा से मम्मी गंदी बात करती थीं। मना करने पर भी नहीं मानीं तो उसने (आकाश ने) मार डाला।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने सात गवाह पेश किए। अब अपनी मौसी सरिता के साथ रहने वाली कोमल तब केजी में में पढ़ती थी। वह हत्या की घटना के सात गवाहों में से एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी थी। अदालत ने उसकी गवाही को विश्वसनीय व अकाट्य माना। विनीता के पिता व बहन के साक्ष्य को इस मामले में अकाट्य पाया कि अभियुक्त गण दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।