लखीमपुर खीरी हिंसा: 276 दिन बाद आज हो सकती है आशीष मिश्र की रिहाई, सुप्रीम कोर्ट से मिली है सशर्त जमानत
तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को सुप्रीम कोर्ट से आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत मिली है। आशीष मिश्र की रिहाई का रास्ता एक बार फिर से साफ हो गया है। इससे पहले जमानत रद होने पर 24 अप्रैल 2022 को आशीष मिश्र ने सरेंडर किया था। वह पिछले 276 दिन से जेल में बंद है।
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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में जेल में बंद आशीष मिश्र मोनू की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत की मंजूरी के बाद एडीजे सुनील वर्मा ने तीन-तीन लाख रुपये के दो जमानतदार दाखिल किए जाने की शर्त पर रिहाई के आदेश दिए हैं। इसके अनुपालन में बुधवार को ही आशीष मिश्र मोनू की ओर से दो जमानतदार दाखिल कर दिये गए। इनके सत्यापन के लिए अदालत ने आदेशित किया है। शुक्रवार को थाना और तहसील से सत्यापन के आदेश प्राप्त होते ही आशीष मिश्र मोनू की रिहाई सुनिश्चित है।
एक हफ्ते में आशीष मिश्र को छोड़ना होगा यूपी और एनसीआर
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र को सशर्त आठ हफ्तों के लिए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वह अपनी लोकेशन के बारे में संबंधित न्यायालय को जानकारी दे। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने कहा कि आशीष मिश्र या उसके परिवार ने अगर मामले से जुड़े गवाहों को प्रभावित करने या फिर ट्रायल में देरी करने की कोशिश की तो आशीष मिश्र की जमानत रद कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए यह शर्त भी लगाई है कि वह दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश में नहीं रहेगा। जमानत मिलने के बाद एक हफ्ते में आशीष मिश्र को उत्तर प्रदेश छोड़ना होगा।
276 दिन से जेल में बंद है आशीष
तिकुनिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र और मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। आशीष मिश्र की रिहाई का रास्ता एक बार फिर से साफ हो गया है। इससे पहले जमानत रद्द होने पर 24 अप्रैल 2022 को आशीष मिश्र ने सरेंडर किया था। पिछले 276 दिन से आशीष मिश्र मोनू जेल में बंद है। उधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मृतक किसानों के परिजन ने नाखुशी जताई है। हालांकि, अदालत ने क्रॉस केस मामले में जेल में बंद चारों किसानों को भी जमानत दी है।
एक साल के भीतर तय हो गए थे आरोप
तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत सभी 13 आरोपियों पर 6 दिसंबर 2022 को अदालत ने आरोप तय कर दिये थे। सुनवाई के दौरान एडीजे सुनील वर्मा की अदालत ने मंत्री पुत्र समेत सभी 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमला सहित गंभीर धाराओं में आरोप तय किये थे। एसआईटी की तरफ से दाखिल की गई पांच हजार पन्नों की चार्जशीट पर मुहर लगाते हुए अदालत ने आशीष समेत सभी 13 आरोपियों पर हत्या, जानलेवा हमला वा साजिश के आरोप तय किए थे।क्रॉस केस में सुनवाई तीन फरवरी को
तिकुनिया हिंसा मामले में अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीडीसी राजेश सिंह ने बताया कि बुधवार को सुनवाई शुरू हुई। क्रॉस केस मामले के वादी सुमित जायसवाल को पुलिस अभिरक्षा में बयान के लिए अदालत में पेश किया गया। इस दौरान आरोपी कमलजीत सिंह की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता तेज प्रताप सिंह अदालत में हाजिर हुए।उन्होंने आरोपी की ओर से मुकदमा वादी सुमित जायसवाल से लंबी जिरह की, लेकिन अदालती समय समाप्त होने तक सवाल जवाब खत्म नहीं हुए तब अदालत ने शेष जिरह के लिए तीन फरवरी की तारीख मुकर्रर करते हुए जेल अधीक्षक को सुमित जायसवाल की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आदेशित किया है।