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कुतुबखाना फ्लाईओवर को अब वाईशेप में बनाने की तैयारी
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बरेली। कुतुबखाना पुल का अब सिर्फ चौपुला मार्ग पर उतरना संभव नहीं दिख रहा है। इसमें कई पेच फंस गए हैं। इसे देखते हुए कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. की ओर से बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी अब पुल को वाईशेप में बनाने की तैयारी कर रही है।
कमेटी ने प्रथम दृष्टया पाया है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पुल वाईशेप में ही बनना चाहिए। चौपुला मार्ग पर पुल उतरता है तो वाहनों को आगे मुड़ने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा यहां हर साल उर्स के बड़े आयोजन के दौरान दो-तीन दिन वाहनों की आवाजाही बंद रहती है। ऐसे में कुतुबखाना पुल को बंद नहीं किया जा सकेगा। कई अन्य बाधाएं भी सामने आ रही हैं। पुल को वाईशेप में बनाने की योजना को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय की अध्यक्षता में बनी कमेटी फिर से मौका मुआयना करके अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपेगी।
कुतुबखाना पुल लगभग 1400 मीटर लंबा होगा। स्मार्ट सिटी के तहत 90 करोड़ की लागत से इसका निर्माण होना है। पहले पुल का डिजाइन कोतवाली मार्ग पर उतारने के लिए बनाया गया लेकिन बाद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुल की दिशा बदलकर चौपुला मार्ग कर दी। हैदराबाद की कंपनी के इंजीनियर भी इसके निर्माण के लिए पहुंच गए लेकिन इस समय कार्य बंद है, क्योंकि पुल का डिजाइन ही फाइनल नहीं हो पा रहा है। व्यापारी भी पुल का विरोध कर रहे हैं। इसी बीच कमिश्नर ने उच्च स्तरीय कमेटी बना दी। कमेटी ने दो दिन पहले क्षेत्र का दौरा किया। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी। नगर निगम, सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। कमिश्नर के आदेश पर कमेटी शुक्रवार को पुल का फाइनल डिजाइन तय करेगी।
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वाईशेप पुल बनने पर खड़ा होगा बजट का संकट
उच्च स्तरीय कमेटी इस पुल को कोतवाली और चौपुला मार्ग पर उतारना चाहती है ताकि भविष्य में फिर किसी अन्य पुल की यहां आवश्यकता महसूस न हो। कमेटी अपनी सिफारिश लागू करवाती है तो उसके सामने बजट का संकट खड़ा होगा। बैठक के दौरान यह बात सामने आई की पुल चाहे दोनों ओर उतरे या फिर एक साइड में बजट 90 करोड़ से अधिक नहीं मिल पाएगा। ऐसे में बजट का संकट खड़ा होगा। कमेटी चाहती है कि पुल के लिए बजट बढ़ाया जाए।
जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेगी कमेटी
उच्च स्तरीय कमेटी इस पुल को लेकर जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव लेगी। उनके सुझावों को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा और फिर इस प्रस्ताव को फाइनल किया जाएगा। इसके अलावा कमेटी के समक्ष व्यापारी भी अपनी बात रख सकेंगे।
सुभाषनगर पुल के लिए रेलवे अफसरों को बुलाया
सुभाषनगर पुल धरातल पर उतर सके, इसकेे लिए भी मौका मुआयना शुक्रवार को टीम करेगी। रेलवे के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है। इस पुल की राह में रेलवे कि कितनी जगह आ रही है और उसकी कीमत क्या होगी, इन सभी बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा।
कुतुबखाना पुल कोतवाली और चौपुला दोनों मार्गों पर उतरेगा तो जनता को अधिक लाभ मिलेगा। शुक्रवार को मौका मुआयना करके रिपोर्ट तैयार करेंगे। जनप्रतिनिधियों के भी सुझाव लिए जाएंगे। - राजीव पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट
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कमेटी ने प्रथम दृष्टया पाया है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पुल वाईशेप में ही बनना चाहिए। चौपुला मार्ग पर पुल उतरता है तो वाहनों को आगे मुड़ने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा यहां हर साल उर्स के बड़े आयोजन के दौरान दो-तीन दिन वाहनों की आवाजाही बंद रहती है। ऐसे में कुतुबखाना पुल को बंद नहीं किया जा सकेगा। कई अन्य बाधाएं भी सामने आ रही हैं। पुल को वाईशेप में बनाने की योजना को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय की अध्यक्षता में बनी कमेटी फिर से मौका मुआयना करके अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपेगी।
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कुतुबखाना पुल लगभग 1400 मीटर लंबा होगा। स्मार्ट सिटी के तहत 90 करोड़ की लागत से इसका निर्माण होना है। पहले पुल का डिजाइन कोतवाली मार्ग पर उतारने के लिए बनाया गया लेकिन बाद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुल की दिशा बदलकर चौपुला मार्ग कर दी। हैदराबाद की कंपनी के इंजीनियर भी इसके निर्माण के लिए पहुंच गए लेकिन इस समय कार्य बंद है, क्योंकि पुल का डिजाइन ही फाइनल नहीं हो पा रहा है। व्यापारी भी पुल का विरोध कर रहे हैं। इसी बीच कमिश्नर ने उच्च स्तरीय कमेटी बना दी। कमेटी ने दो दिन पहले क्षेत्र का दौरा किया। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपी। नगर निगम, सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। कमिश्नर के आदेश पर कमेटी शुक्रवार को पुल का फाइनल डिजाइन तय करेगी।
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वाईशेप पुल बनने पर खड़ा होगा बजट का संकट
उच्च स्तरीय कमेटी इस पुल को कोतवाली और चौपुला मार्ग पर उतारना चाहती है ताकि भविष्य में फिर किसी अन्य पुल की यहां आवश्यकता महसूस न हो। कमेटी अपनी सिफारिश लागू करवाती है तो उसके सामने बजट का संकट खड़ा होगा। बैठक के दौरान यह बात सामने आई की पुल चाहे दोनों ओर उतरे या फिर एक साइड में बजट 90 करोड़ से अधिक नहीं मिल पाएगा। ऐसे में बजट का संकट खड़ा होगा। कमेटी चाहती है कि पुल के लिए बजट बढ़ाया जाए।
जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेगी कमेटी
उच्च स्तरीय कमेटी इस पुल को लेकर जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव लेगी। उनके सुझावों को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा और फिर इस प्रस्ताव को फाइनल किया जाएगा। इसके अलावा कमेटी के समक्ष व्यापारी भी अपनी बात रख सकेंगे।
सुभाषनगर पुल के लिए रेलवे अफसरों को बुलाया
सुभाषनगर पुल धरातल पर उतर सके, इसकेे लिए भी मौका मुआयना शुक्रवार को टीम करेगी। रेलवे के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है। इस पुल की राह में रेलवे कि कितनी जगह आ रही है और उसकी कीमत क्या होगी, इन सभी बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा।
कुतुबखाना पुल कोतवाली और चौपुला दोनों मार्गों पर उतरेगा तो जनता को अधिक लाभ मिलेगा। शुक्रवार को मौका मुआयना करके रिपोर्ट तैयार करेंगे। जनप्रतिनिधियों के भी सुझाव लिए जाएंगे। - राजीव पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट