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ये ‘किसान आंदोलन’ भूमाफिया पर कार्रवाई के लिए
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सर्द रात में धरने में बेठे किसान - संवाद
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बरेली। शहर में भी एक किसान आंदोलन शुरू हो गया है। मीरगंज तहसील के गांव रहपुरा जागीर में 850 बीघा जमीन को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराने के लिए सोमवार को तमाम किसान जिला मुख्यालय आकर सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में जम गए। मीरगंज विधायक डीसी वर्मा के दबाव में भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई रोक देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आर-पार की लड़ाई का एलान किया है।
रहपुरा जागीर में ग्राम समाज की 850 बीघा जमीन पर भूमाफिया का कब्जा बताया जा रहा है। गांव के किसान काफी समय से इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कुछ समय पहले उनकी शिकायत पर जिला प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कराकर उसे कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था जिस पर राजस्व विभाग ने पैमाइश भी शुरू करा दी थी लेकिन बाद में मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा के दबाव में पैमाइश रोक दी गई। इसके बाद भूमाफिया की ओर से उन्हें धमकियां भी दी जाने लगीं।
रविवार की देर रात रहपुरा जागीर से तमाम लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर देर रात सांसद संतोष गंगवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने सांसद को पूरी बताकर कार्रवाई कराने की मांग की मगर उनकी बात से आश्वस्त नहीं हुए। इसके बाद सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और फिर आर-पार की लड़ने का एलान करते हुए सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में डेरा डालकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि वे अब यहां से तभी जाएंगे जब भूमाफिया पर कार्रवाई कर जमीन को उनके कब्जे से मुक्त करा दिया जाएगा।
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देर रात धरनास्थल पर बैठे किसान तीरथ सिंह, राजकुमार पाल, हरवंश प्रजापति, मोर सिंह, धर्मपाल प्रजापति, जगतपाल राजपूत, सुरेश, डालचंद्र, जयपाल, जोगराज, बुद्धसेन, भगवान दास, राधेश्याम, राजीव, जमुना प्रसाद आदि ने कहा कि सरकार का भूमाफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश है लेकिन यहां भाजपा के ही विधायक भूमाफिया के साथ जमीनों पर कब्जा करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन अब कार्रवाई होने तक जारी रहेगा।
हमारे लिए शुद्ध पानी, अलाव, सुरक्षा और
मोबाइल टॉयलेट का बंदोबस्त करे प्रशासन
किसानों ने कहा कि भूमाफिया को जिस तरह विधायक का खुला संरक्षण हासिल है, उससे तय है कि उन्हें इसके लिए लंबा आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के दौरान उनके पीने के शुद्ध पानी, सचल शौचालय, अलाव के लिए लकड़ी और पुलिस सुरक्षा का बंदोबस्त करे।
विधायक और प्रशासन से बात तक नहीं की सांसद ने
किसानों ने बताया कि उनकी शिकायत के बाद भी सांसद संतोष गंगवार ने प्रशासन और विधायक से बात करने से इनकार कर दिया। ग्राम समाज की 850 बीघा जमीन पर अवैध कब्जेदार काबिज हैं। मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा उनसे मिले हुए हैं। पिछले दिनों उन्होंने जमीन पर कब्जे के संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। इस पर डीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। 23 नवंबर को जमीन की पैमाइश शुरू हुई और कुछ भूमि कब्जामुक्त भी हुई पर दो दिन बाद कब्जेदारों ने विधायक से संपर्क कर कार्रवाई रुकवा दी।
पार्क में ही प्रदर्शनकारियों
के लिए शुरू किया लंगर
सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने के बाद किसानों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में ही टेंट लगा लिया। रजाई, गद्दे, कंबल, तकिया आदि सामान लेकर वह पार्क में ही भोजन बनाने लगे। तीरथ राम ने बताया कि भोजन के लिए राशन की कोई कमी नहीं है। जब तक इंसाफ नहीं होगा वह धरने पर ही रहेंगे। इस दौरान अगर किसी की तबियत बिगड़ी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की ताकि भीषण ठंड में लोगों की जान सुरक्षित रहे।
ग्रामीणों की ओर से जमीन के प्रकरण से संबंधित कोई ज्ञापन मुझे प्राप्त नहीं हुआ है। अगर, लिखित शिकायत प्राप्त होगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - मानवेंद्र सिंह, डीएम
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रहपुरा जागीर में ग्राम समाज की 850 बीघा जमीन पर भूमाफिया का कब्जा बताया जा रहा है। गांव के किसान काफी समय से इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कुछ समय पहले उनकी शिकायत पर जिला प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कराकर उसे कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था जिस पर राजस्व विभाग ने पैमाइश भी शुरू करा दी थी लेकिन बाद में मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा के दबाव में पैमाइश रोक दी गई। इसके बाद भूमाफिया की ओर से उन्हें धमकियां भी दी जाने लगीं।
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रविवार की देर रात रहपुरा जागीर से तमाम लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर देर रात सांसद संतोष गंगवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने सांसद को पूरी बताकर कार्रवाई कराने की मांग की मगर उनकी बात से आश्वस्त नहीं हुए। इसके बाद सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और फिर आर-पार की लड़ने का एलान करते हुए सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में डेरा डालकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि वे अब यहां से तभी जाएंगे जब भूमाफिया पर कार्रवाई कर जमीन को उनके कब्जे से मुक्त करा दिया जाएगा।
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देर रात धरनास्थल पर बैठे किसान तीरथ सिंह, राजकुमार पाल, हरवंश प्रजापति, मोर सिंह, धर्मपाल प्रजापति, जगतपाल राजपूत, सुरेश, डालचंद्र, जयपाल, जोगराज, बुद्धसेन, भगवान दास, राधेश्याम, राजीव, जमुना प्रसाद आदि ने कहा कि सरकार का भूमाफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश है लेकिन यहां भाजपा के ही विधायक भूमाफिया के साथ जमीनों पर कब्जा करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन अब कार्रवाई होने तक जारी रहेगा।
हमारे लिए शुद्ध पानी, अलाव, सुरक्षा और
मोबाइल टॉयलेट का बंदोबस्त करे प्रशासन
किसानों ने कहा कि भूमाफिया को जिस तरह विधायक का खुला संरक्षण हासिल है, उससे तय है कि उन्हें इसके लिए लंबा आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के दौरान उनके पीने के शुद्ध पानी, सचल शौचालय, अलाव के लिए लकड़ी और पुलिस सुरक्षा का बंदोबस्त करे।
विधायक और प्रशासन से बात तक नहीं की सांसद ने
किसानों ने बताया कि उनकी शिकायत के बाद भी सांसद संतोष गंगवार ने प्रशासन और विधायक से बात करने से इनकार कर दिया। ग्राम समाज की 850 बीघा जमीन पर अवैध कब्जेदार काबिज हैं। मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा उनसे मिले हुए हैं। पिछले दिनों उन्होंने जमीन पर कब्जे के संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। इस पर डीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। 23 नवंबर को जमीन की पैमाइश शुरू हुई और कुछ भूमि कब्जामुक्त भी हुई पर दो दिन बाद कब्जेदारों ने विधायक से संपर्क कर कार्रवाई रुकवा दी।
पार्क में ही प्रदर्शनकारियों
के लिए शुरू किया लंगर
सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने के बाद किसानों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में ही टेंट लगा लिया। रजाई, गद्दे, कंबल, तकिया आदि सामान लेकर वह पार्क में ही भोजन बनाने लगे। तीरथ राम ने बताया कि भोजन के लिए राशन की कोई कमी नहीं है। जब तक इंसाफ नहीं होगा वह धरने पर ही रहेंगे। इस दौरान अगर किसी की तबियत बिगड़ी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की ताकि भीषण ठंड में लोगों की जान सुरक्षित रहे।
ग्रामीणों की ओर से जमीन के प्रकरण से संबंधित कोई ज्ञापन मुझे प्राप्त नहीं हुआ है। अगर, लिखित शिकायत प्राप्त होगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - मानवेंद्र सिंह, डीएम