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बहेड़ी खनन प्रकरण- अवैध खनन में फंसी हरियाणा की कंपनी आखिरकार ब्लैकलिस्ट
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बरेली। बहेड़ी के मोहम्मदपुर में अवैध खनन में फंसी हरियाणा की कंपनी मैसर्स बुक स्मार्ट ट्रक एलएलपी को प्रशासन ने ब्लैक लिस्ट कर दिया है। जून में शासन से आई टीम ने जांच के दौरान किच्छा नदी में प्रतिबंधित मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध खनन होते हुए पकड़ा था। खनन अधिकारी ने कंपनी के प्रोप्राइटर गुरपाल सिंह को नोटिस देकर जवाब मांगा था। कंपनी की ओर से स्पष्टीकरण न देने पर प्रशासन ने उसे ब्लैक लिस्ट में डालकर सभी 75 जिलों को चिट्ठी जारी कर दी गई है ताकि उसे कहीं और पट्टा न मिल सके। उधर, ट्यिूला के पट्टेधारक को 26 लाख की रॉयल्टी न जमा करने पर फिर नोटिस दिया गया है।
मोहम्मदपुर के खनन पट्टे की जांच करने जून में शासन से आई टीम ने तमाम गंभीर गड़बड़ी पकड़ी थी। जांच दल ने पाया था कि यहां 884 घनमीटर बालू का खनन और उसका परिवहन अवैध रूप से किया गया है। पट्टाधारक ने रॉयल्टी की किस्तें भी जमा नहीं की थीं। मौके पर प्रतिबंधित मशीनों से खुदाई होते हुए पाई गई। इसमें पोकलेन मशीन का इस्तेमाल भी होता मिला था। एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने यह गड़बड़ी सामने आने के बाद खनन पर रोक लगा दी थी। साथ ही पट्टाधारक से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका अब तक पट्टाधारक ने कोई जवाब नहीं दिया है। इसके बाद कंपनी की 15.59 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने के साथ ही उसे काली सूची में डाल दिया गया है। साथ ही डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह की तरफ से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को इस कंपनी को पट्टा न देने संबंधी पत्र भी जारी करा दिया गया है।
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मोहम्मदपुर के खनन पट्टे की जांच करने जून में शासन से आई टीम ने तमाम गंभीर गड़बड़ी पकड़ी थी। जांच दल ने पाया था कि यहां 884 घनमीटर बालू का खनन और उसका परिवहन अवैध रूप से किया गया है। पट्टाधारक ने रॉयल्टी की किस्तें भी जमा नहीं की थीं। मौके पर प्रतिबंधित मशीनों से खुदाई होते हुए पाई गई। इसमें पोकलेन मशीन का इस्तेमाल भी होता मिला था। एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने यह गड़बड़ी सामने आने के बाद खनन पर रोक लगा दी थी। साथ ही पट्टाधारक से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका अब तक पट्टाधारक ने कोई जवाब नहीं दिया है। इसके बाद कंपनी की 15.59 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने के साथ ही उसे काली सूची में डाल दिया गया है। साथ ही डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह की तरफ से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को इस कंपनी को पट्टा न देने संबंधी पत्र भी जारी करा दिया गया है।
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