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Bareilly News: कार चोर गिरोह के लिए चाबी बनाने वाले की दुकान में लग सकता है ताला
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बरेली। एक दिन पहले पकड़े गए अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह की सबसे अहम कड़ी भगवंत सिंह है। यही भगवंत सिंह सेंसर लगी कारों को चुराने के लिए गिरोह को इलेक्ट्रानिक चाबियां बनाकर देता था। उसकी गिरफ्तारी तो हो चुकी है, लेकिन यह जांच का विषय है कि वह किसकी अनुमति से दुकान चला रहा था। पुलिस ने जांच करनी चाही, लेकिन उसके कर्मचारी भी दुकान में ताला लगाकर फरार हैं। गाड़ियों की चाबी बनाने की दुकान के लिए आरटीओ में पंजीकरण कराने के साथ ही अनुमति भी जरूरी होती है। अनुमति नहीं ली है तो उसकी दुकान में ताला लग सकता है।
सेंसर हैक कर कारें चुराने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया था। अलीगढ़ के मोहनपुर थाना अकराबाद निवासी लविश चौधरी उर्फ शेरा, बेरली के आशीष रॉयल पार्क निवासी भगवंत सिंह, बदायूं के बिल्सी निवासी जतिन वर्मा, समीर वर्मा, गिरोह के सरगना प्रवेश वर्मा उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया था। सबसे शातिर भगवंत सिंह है, जो रामपुर गार्डन मोड़ पर चाभी की दुकान चलाता है। भगवंत के पास कार का दरवाजा खोलने और कार के सिस्टम को हैक कर नई चाबी बनाने के लिए कई उपकरण हैं।
भगवंत सिंह के साथी ब्लड प्रेशर मशीन को कार के दरवाजे में फंसाकर दरवाजा फैला देते हैं। फिर उसमें एक विशेष छड़ी डालकर पलक झपकते ही किसी भी कार का लॉक खोल देते हैं। इसके बाद वाहन चोर कार में बैठकर उसके सिस्टम को सॉफ्टवेयर के जरिये हैक कर नई इलेक्ट्रानिक चाबी बना लेते हैं और कार लेकर फरार हो जाते हैं। फिलहाल वीरजी के साथी व कर्मचारी भी दुकान में ताला डालकर फरार हो गए हैं।
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कार की चाबी बनाने के लिए भगवंत के पास टैबलेट समेत कई विशेष उपकरण हैं। भगवंत के पास हर कार की इलेक्ट्रानिक ब्लैंक चाबी पहले से होती है। इन चाबियों को ही कार के सिस्टम को हैक कर एक्टिव किया जाता है। उसके पास मैनुअल चाबी बनाने की भी मशीन है। इसके जरिये किसी भी कार की मैनुअल चाबी तैयार की जा सकती है। अक्सर किसी की कार की चाबी खो जाने पर भगवंत से ही चाबी तैयारी कराई जाती थी। शहर में यह काम कोई और चाबी वाला नहीं कर पाता है इसलिए भगवंत इसके लिए मुंहमांगी कीमत वसूलता था। आशंका है कि रामपुर गार्डन से चुराई गईं कारों की चाबी यहीं से बनी हैं। शहर में ऐसी सैकड़ों कारें हो सकती हैं, जिनकी क्लोन चाबी भगवंत ने बनवा ली होंगी। अब पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
परिवहन विभाग का काम सिर्फ वाहन का पंजीकरण कराना है। किसी वाहन की चाबी बनाने की प्रक्रिया या लाइसेंस देने का काम हमारे अधीन नहीं है। आरोपी किसकी अनुमति पर नई चाबी बना रहे थे, पुलिस को इसकी जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए। - मनोज कुमार, एआरटीओ प्रशासन
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सेंसर हैक कर कारें चुराने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया था। अलीगढ़ के मोहनपुर थाना अकराबाद निवासी लविश चौधरी उर्फ शेरा, बेरली के आशीष रॉयल पार्क निवासी भगवंत सिंह, बदायूं के बिल्सी निवासी जतिन वर्मा, समीर वर्मा, गिरोह के सरगना प्रवेश वर्मा उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया था। सबसे शातिर भगवंत सिंह है, जो रामपुर गार्डन मोड़ पर चाभी की दुकान चलाता है। भगवंत के पास कार का दरवाजा खोलने और कार के सिस्टम को हैक कर नई चाबी बनाने के लिए कई उपकरण हैं।
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भगवंत सिंह के साथी ब्लड प्रेशर मशीन को कार के दरवाजे में फंसाकर दरवाजा फैला देते हैं। फिर उसमें एक विशेष छड़ी डालकर पलक झपकते ही किसी भी कार का लॉक खोल देते हैं। इसके बाद वाहन चोर कार में बैठकर उसके सिस्टम को सॉफ्टवेयर के जरिये हैक कर नई इलेक्ट्रानिक चाबी बना लेते हैं और कार लेकर फरार हो जाते हैं। फिलहाल वीरजी के साथी व कर्मचारी भी दुकान में ताला डालकर फरार हो गए हैं।
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कार की चाबी बनाने के लिए भगवंत के पास टैबलेट समेत कई विशेष उपकरण हैं। भगवंत के पास हर कार की इलेक्ट्रानिक ब्लैंक चाबी पहले से होती है। इन चाबियों को ही कार के सिस्टम को हैक कर एक्टिव किया जाता है। उसके पास मैनुअल चाबी बनाने की भी मशीन है। इसके जरिये किसी भी कार की मैनुअल चाबी तैयार की जा सकती है। अक्सर किसी की कार की चाबी खो जाने पर भगवंत से ही चाबी तैयारी कराई जाती थी। शहर में यह काम कोई और चाबी वाला नहीं कर पाता है इसलिए भगवंत इसके लिए मुंहमांगी कीमत वसूलता था। आशंका है कि रामपुर गार्डन से चुराई गईं कारों की चाबी यहीं से बनी हैं। शहर में ऐसी सैकड़ों कारें हो सकती हैं, जिनकी क्लोन चाबी भगवंत ने बनवा ली होंगी। अब पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
परिवहन विभाग का काम सिर्फ वाहन का पंजीकरण कराना है। किसी वाहन की चाबी बनाने की प्रक्रिया या लाइसेंस देने का काम हमारे अधीन नहीं है। आरोपी किसकी अनुमति पर नई चाबी बना रहे थे, पुलिस को इसकी जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए। - मनोज कुमार, एआरटीओ प्रशासन