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हो गई कस्तूरबा स्कूल की जमीन की डील
बरेली
Updated Wed, 13 Jan 2016 02:25 AM IST
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बरेली। नगर निगम से संचालित कस्तूरबा कन्या इंटर कालेज के जीर्ण शीर्ण भवन के हस्तांतरण की आड़ में 25 सौ वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन की डील हो गई। विद्यालय की जमीन हस्तांतरण का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी ये प्रस्ताव दोबारा बोर्ड में लाया जा रहा है। प्रस्ताव में जमीन मालिक का नाम नहीं खोला गया है लेकिन कस्तूरबा की बिल्डिंग तिलक इंटर कालेज में हस्तांतरित कर जमीन हस्तांतरित करने की बात कही गई है। पार्षद भी इस प्रस्ताव पर एकमत नहीं हैं।
कस्तूरबा इंटर कालेज निजी जमीन पर स्थापित है। भवन मालिकों ने ये जमीन पूर्वजों की बताकर कब्जे को लेकर न्यायालय में वाद दायर कर रखा है। नियमानुसार न्यायालय में लंबित मामलों के प्रस्ताव बोर्ड या कार्यकारिणी में नहीं लाए जा सकते, न ही कोई कमेटी गठित हो सकती है। इसके बावजूद नगर निगम ने स्कूल के भवन हस्तांतरण पर दो कमेटियां बना दीं। उपसभापति रेहान अली की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी ने 10 सितंबर 2015 को कस्तूरबा स्कूल का भवन जीर्ण शीर्ण होने की रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया था कि छात्राओं को भवन गिरने का खतरा बताकर इसे तिलक इंटर कालेज हस्तांतरित करने की सलाह दी गई थी। नगर निगम की शर्त ये थी कि भवन मालिक नई बिल्डिंग बनवाकर दें तो वह हस्तांतरित करने को तैयार हैं। मुकदमे के बीच में जमीन खाली कराने के लिए जमीन मालिक, पार्षदों के एक गुट और अफसरों के बीच तगड़ी डील होने की चर्चा है। इसमें बिना नई बिल्डिंग बनवाए ‘बा’ स्कूल का पुराना भवन स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई है। बताया जाता है कि सपा नेता और पांच पार्षदों ने 25 लाख रुपये एडवांस भी ले लिए हैं। डील में दो नामित पार्षद भी शामिल हैं। दशकों से विवादित चल रही ये जमीन खाली कराकर कस्तूरबा इंटर कालेज के भवन हस्तांतरण का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया है, जिसे इसी डील से जोड़कर देखा जा रहा है। बहुत से पार्षद इस प्रस्ताव पर एकमत नहीं हैं।
कमेटी ने भी पक्ष में दी रिपोर्ट
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने इस मामले में 30 अप्रैल 2015 को अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी, जिसमें एक्सईएन सतीश कुमार, गयूर अहमद और प्रधानाचार्य रश्मि जायसवाल शामिल थीं। इस कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट जमीन हस्तांतरण के पक्ष में दी।
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‘पुराने भवन से छात्राओं को खतरा है। विद्यालय स्टाफ खुद पुराने भवन को शिफ्ट कराने की मांग कर चुका है। न्यायालय में लंबित होने से ये भवन नया नहीं बनवाया जा सकता।’ रेहान अली, उपसभापति नगर निगम
‘शिक्षा विभाग के अफसरों ने ही विद्यालय का भवन कहीं और शिफ्ट कराने की रिपोर्ट दी थी। केवल छात्राओं को शिक्षक स्टाफ के हित में भवन शिफ्ट किया जाएगा।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
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कस्तूरबा इंटर कालेज निजी जमीन पर स्थापित है। भवन मालिकों ने ये जमीन पूर्वजों की बताकर कब्जे को लेकर न्यायालय में वाद दायर कर रखा है। नियमानुसार न्यायालय में लंबित मामलों के प्रस्ताव बोर्ड या कार्यकारिणी में नहीं लाए जा सकते, न ही कोई कमेटी गठित हो सकती है। इसके बावजूद नगर निगम ने स्कूल के भवन हस्तांतरण पर दो कमेटियां बना दीं। उपसभापति रेहान अली की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी ने 10 सितंबर 2015 को कस्तूरबा स्कूल का भवन जीर्ण शीर्ण होने की रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया था कि छात्राओं को भवन गिरने का खतरा बताकर इसे तिलक इंटर कालेज हस्तांतरित करने की सलाह दी गई थी। नगर निगम की शर्त ये थी कि भवन मालिक नई बिल्डिंग बनवाकर दें तो वह हस्तांतरित करने को तैयार हैं। मुकदमे के बीच में जमीन खाली कराने के लिए जमीन मालिक, पार्षदों के एक गुट और अफसरों के बीच तगड़ी डील होने की चर्चा है। इसमें बिना नई बिल्डिंग बनवाए ‘बा’ स्कूल का पुराना भवन स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई है। बताया जाता है कि सपा नेता और पांच पार्षदों ने 25 लाख रुपये एडवांस भी ले लिए हैं। डील में दो नामित पार्षद भी शामिल हैं। दशकों से विवादित चल रही ये जमीन खाली कराकर कस्तूरबा इंटर कालेज के भवन हस्तांतरण का प्रस्ताव बोर्ड में रखा गया है, जिसे इसी डील से जोड़कर देखा जा रहा है। बहुत से पार्षद इस प्रस्ताव पर एकमत नहीं हैं।
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कमेटी ने भी पक्ष में दी रिपोर्ट
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने इस मामले में 30 अप्रैल 2015 को अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी, जिसमें एक्सईएन सतीश कुमार, गयूर अहमद और प्रधानाचार्य रश्मि जायसवाल शामिल थीं। इस कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट जमीन हस्तांतरण के पक्ष में दी।
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‘पुराने भवन से छात्राओं को खतरा है। विद्यालय स्टाफ खुद पुराने भवन को शिफ्ट कराने की मांग कर चुका है। न्यायालय में लंबित होने से ये भवन नया नहीं बनवाया जा सकता।’ रेहान अली, उपसभापति नगर निगम
‘शिक्षा विभाग के अफसरों ने ही विद्यालय का भवन कहीं और शिफ्ट कराने की रिपोर्ट दी थी। केवल छात्राओं को शिक्षक स्टाफ के हित में भवन शिफ्ट किया जाएगा।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
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