फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Karampur Chaudhary seal, heavy force deployed with arrangements for riot control

करमपुर चौधरी सील, दंगा नियंत्रण के इंतजाम के साथ भारी फोर्स तैनात

Thu, 09 Apr 2020 12:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2020 12:34 AM IST
विज्ञापन
Karampur Chaudhary seal, heavy force deployed with arrangements for riot control
करमपुर चौधरी में अमर उजाला पढ़ते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

रास्तों को बैरियर लगाकर बंद किया, तीसरे दिन भी सन्नाटे में डूबा रहा गांव

विज्ञापन
बरेली। करमपुर चौधरी में सोमवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने पूरे गांव को जगह-जगह बैरियर लगाकर सील कर दिया है। दंगा नियंत्रण के तमाम इंतजाम के साथ बुधवार को तीसरे दिन भी गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। मुस्लिम आबादी में ज्यादातर लोग फरार हैं। कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं रह गई हैं। इस वजह से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा दिखा।
इज्जतनगर के गांव करमपुर चौधरी में सोमवार को चीता मोबाइल के सिपाहियों ने लॉक डाउन तोड़ने पर एक युवक को पीट दिया था जिसके बाद गांव के तीन-चार सौ लोगों की भीड़ ने बैरियर वन पुलिस चौकी को घेरकर पुलिस पर हमला करने की कोशिश की थी। चौकी पर कई थानों का फोर्स इकट्ठा किए जाने के बाद पुलिस ने गांव वालों पर जमकर लाठीचार्ज किया। इसके बाद बलवे की रिपोर्ट दर्ज कर ग्राम प्रधान और उसके पति समेत 42 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया। मंगलवार को ही इन सबको जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

पुलिस चौकी पर बवाल के बाद पुलिस ने ज्यादातर रास्तों पर बैरिकेडिंग करके पूरे गांव को सील कर दिया है। ड्रोन, टियर गैस, हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस काफी पुलिस फोर्स यहां बुधवार को भी तैनात रहा। गांव में हर आने-जाने वाले शक्स से पूछताछ की जा रही है। महिला पुलिस के साथ गांव में पीएसी को भी तैनात किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घर छोड़कर भागे, आधे से ज्यादा दरवाजों पर ताले

गांव की मुस्लिम बस्ती के आधे से ज्यादा घरों के दरवाजों पर बुधवार को भी ताले लटके नजर आए। करीब 80 फीसदी घरों से पुरुष गायब हैं। जेल जाने वालों में किसी घर से एक तो किसी से चार लोग तक शामिल हैं। दो सौ अज्ञात लोगों पर भी एफआईआर है जिनकी पहचान वीडियो के आधार पर होनी है लिहाजा जिन लोगों के नाम अब तक एफआईआर में नहीं है, उनमें भी दहशत फैली हुई है। घरों में सिर्फ महिलाएं, बच्चे या कुछ बुजुर्ग ही बचे हैं।

महिलाओं का सिरदर्द, खेतों

पीएफए ने शुरू की पशुओं की देखभाल

घरों में मौजूद महिलाओं ने अमर उजाला को बताया कि गेहूं की कटाई का वक्त है लेकिन पुलिस उन्हें खेतों पर भी नहीं जाने दे रही है। फसल कटनी नहीं शुरू हुई तो उन्हें बहुत नुकसान होगा। इसके अलावा पशुओं के लिए चारे का भी इंतजाम नहीं हो पा रहा है। आंखों के सामने जानवर भूख से तड़प रहे हैं। बता दें कि उपद्रव के तमाम आरोपी भूखे-प्यासे जानवर भी घरों में बंधे छोड़ गए हैं। मंगलवार को पशुओं के भूखे होने की सूचना अफसरों तक पहुंची तो पीएफए को सक्रिय किया गया। पीएफए वाइल्ड लाइफ सोसायटी के सचिव सतीश यादव, रेस्क्यू प्रभारी धीरज पाठक, गोसेवा प्रमुख डॉ. निरुपमा शर्मा गांव पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में बंद घरों के ताले खुलवाकर पशुओं को पानी पिलवाया। उनके आगे चारा भी डाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed