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आईवीआरआई ने लंपी वायरस पर कसी नकेल : योगी
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बरेली। आईवीआरआई के 11वें दीक्षांत समारोह में सीएम योगी ने कहा कि संस्थान ने लंपी वायरस पर नकेल कसने का महत्वपूर्ण कार्य किया। यह वायरस गोवंशीय पशुओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा था। गोरखपुर में हमारी गोशाला में भी संक्रमण फैल चुका था। वैज्ञानिकों से बात की तो पता लगा कि इससे बचाव के लिए बनाई गई वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है। तब तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला से बात की। आईवीआरआई में बनाई गई वैक्सीन ने पूरे प्रदेश से लंपी वायरस का सफाया कर दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्ष 1889 में स्थापित संस्थान ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों के शोध कार्यों और संस्थान के नाम दर्ज कई पेटेंट्स, डिजाइन, कॉपीराइट्स की चर्चा की। कहा कि ''प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर'' कहावत पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी पूरी तरह से लागू होती है। बीमारियों की रोकथाम में टीकाकरण की अहम भूमिका है। संस्थान के लिए गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कई टीके यहीं पर विकसित किए गए। उन्होंने वैज्ञानिकों से आगे और बेहतर करने का आह्वान किया।
राष्ट्रगान से हुआ आगाज और समापन
राष्ट्रपति करीब 10:02 बजे वायु सेना के विशेष विमान से बरेली आईं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह उनके साथ ही आए थे। त्रिशूल एयरबेस पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महापौर उमेश गौतम समेत अन्य अतिथियों ने उनका स्वागत किया। करीब 15 मिनट के अंतराल पर वह आईवीआरआई ऑडिटोरियम पहुंचीं। वहां राष्ट्रपति का स्वागत किया गया। कार्यक्रम पौने 12 बजे समाप्त हो गया। कार्यक्रम का प्रारंभ और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा करते हुए सभी अतिथियों का आभार जताया।
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बारिश की वजह से कम रही भीड़
सुबह से हो रही तेज बारिश की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले। इस वजह से सड़कों पर भीड़ कम रही। हालांकि, आदिनाथ चौराहे पर कुछ लोग डेलापीर जाने के लिए खड़े नजर आए। डेलापीर की ओर से नैनीताल रोड पर परीक्षा देने जा रहे युवक को आगे नहीं जाने दिया गया। राष्ट्रपति का काफिला निकलने के बाद रास्ता खोल दिया गया। डेलापीर मंडी से आदिनाथ चौराहे तक पशुओं को पकड़ने वाली नगर निगम की टीम मौजूद रही। दरअसल, डेलापीर मंडी के बाहर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। राष्ट्रपति के आगमन के दौरान कोई पशु रोड पर ना आ जाए, इसलिए एक दिन पहले से ही पशुओं को पकड़ने का काम शुरू हो गया था।
इनकी रही मौजूदगी
वनमंत्री डाॅ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, क्रेंदीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, डॉ. मांगी लाल जाट, डॉ. राघवेंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्ष 1889 में स्थापित संस्थान ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों के शोध कार्यों और संस्थान के नाम दर्ज कई पेटेंट्स, डिजाइन, कॉपीराइट्स की चर्चा की। कहा कि ''प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर'' कहावत पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी पूरी तरह से लागू होती है। बीमारियों की रोकथाम में टीकाकरण की अहम भूमिका है। संस्थान के लिए गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कई टीके यहीं पर विकसित किए गए। उन्होंने वैज्ञानिकों से आगे और बेहतर करने का आह्वान किया।
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राष्ट्रगान से हुआ आगाज और समापन
राष्ट्रपति करीब 10:02 बजे वायु सेना के विशेष विमान से बरेली आईं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह उनके साथ ही आए थे। त्रिशूल एयरबेस पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महापौर उमेश गौतम समेत अन्य अतिथियों ने उनका स्वागत किया। करीब 15 मिनट के अंतराल पर वह आईवीआरआई ऑडिटोरियम पहुंचीं। वहां राष्ट्रपति का स्वागत किया गया। कार्यक्रम पौने 12 बजे समाप्त हो गया। कार्यक्रम का प्रारंभ और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा करते हुए सभी अतिथियों का आभार जताया।
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बारिश की वजह से कम रही भीड़
सुबह से हो रही तेज बारिश की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले। इस वजह से सड़कों पर भीड़ कम रही। हालांकि, आदिनाथ चौराहे पर कुछ लोग डेलापीर जाने के लिए खड़े नजर आए। डेलापीर की ओर से नैनीताल रोड पर परीक्षा देने जा रहे युवक को आगे नहीं जाने दिया गया। राष्ट्रपति का काफिला निकलने के बाद रास्ता खोल दिया गया। डेलापीर मंडी से आदिनाथ चौराहे तक पशुओं को पकड़ने वाली नगर निगम की टीम मौजूद रही। दरअसल, डेलापीर मंडी के बाहर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। राष्ट्रपति के आगमन के दौरान कोई पशु रोड पर ना आ जाए, इसलिए एक दिन पहले से ही पशुओं को पकड़ने का काम शुरू हो गया था।
इनकी रही मौजूदगी
वनमंत्री डाॅ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, क्रेंदीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, डॉ. मांगी लाल जाट, डॉ. राघवेंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे। ब्यूरो