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धौरा जलाशय के कब्जेदारोें की सूची दबा रहा सिंचाई विभाग
बहेड़ी।
Updated Wed, 21 Jun 2017 01:03 AM IST
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धौरा जलाशय के कब्जेदारोें की सूची दबा रहा सिंचाई विभाग
- फोटो : धौरा जलाशय के कब्जेदारोें की सूची दबा रहा सिंचाई विभाग
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धौरा जलाशय की जमीन पर कब्जे का मामला मंगलवार को तहसील दिवस में फिर गूंजा। इसकी शिकायत लेकर भाजपाई जब तहसील आकर डीएम से मिले तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दफ्तर से जांच कर कब्जे हटाने के आदेश मिले हैं। सिंचाई विभाग कब्जा करने वालों की लिस्ट नहीं दे रहा है, संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ शासन को लिखकर भेजा जाएगा। साथ ही रुद्रपुर के डीएम और एसएसपी के साथ बैठक कर कब्जे हटाने की रणनीति बनाई जाएगी।
जिसाई नागर, बिजौरिया, सकरस, डंडिया समेत दर्जनों गांवों के किसान भाजपा नेता दलपत सिंह और सुरेंद्र सिंह के साथ डीएम से मिले। दलपत सिंह ने कहा कि धौरा जलाशय से करीब दस सालों से नहरों में पानी नहीं आ रहा है। क्षेत्र की हजारों एकड़ जमीन बिन पानी से बंजर हो गई है। आरोप लगाया कि जलाशय की जमीन पर मोटी रकम लेकर सिंचाई विभाग के अफसरों ने कब्जे करा दिए हैं। इस पर डीएम ने कहा कि सीएम आफिस में विधायक छत्रपाल सिंह ने शिकायत की थी। उनके पत्र के साथ अखबार की कटिंग सीएम आफिस से जांच के लिए आ गई है। सिंचाई विभाग से कब्जेदारों की लिस्ट मांगी गई थी जो दस दिन बीतने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
डीएम बोलीं- अमर उजाला ने साफ कर दी पूरी तस्वीर
धौरा जलाशय के मामले में डीएम पिंकी जोवल से बात की गई तो वह बोलीं कि इस मामले में बताने के लिए अब कुछ बाकी नहीं है। सारी तस्वीर अमर उजाला ने खबरों के जरिये साफ कर दी है। इस मामले में एसडीएम को आदेश दिए हैं कि वो मौके पर जाकर जांच करें। एडीएम प्रशासन को जांच में जुटाया गया है।
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दस दिन में खस्ताहाल नहरों को कर लें ठीक
डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह दस दिनों के अंदर खस्ताहाल नहरों व गूलों को ठीक कर लें। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में सबसे ज्यादा शिकायतें सिंचाई विभाग को लेकर हैं। किसान नहरों में पानी न आने की शिकायतें लगातार कर रहे हैं। वर्षा आने से पहले सिंचाई विभाग अपनी सभी नहरें ठीक कर लें। वह गांव के प्रधान और लेखपाल के जरिये इसकी रिपोर्ट मांगेंगी।
जिसाई नागर, बिजौरिया, सकरस, डंडिया समेत दर्जनों गांवों के किसान भाजपा नेता दलपत सिंह और सुरेंद्र सिंह के साथ डीएम से मिले। दलपत सिंह ने कहा कि धौरा जलाशय से करीब दस सालों से नहरों में पानी नहीं आ रहा है। क्षेत्र की हजारों एकड़ जमीन बिन पानी से बंजर हो गई है। आरोप लगाया कि जलाशय की जमीन पर मोटी रकम लेकर सिंचाई विभाग के अफसरों ने कब्जे करा दिए हैं। इस पर डीएम ने कहा कि सीएम आफिस में विधायक छत्रपाल सिंह ने शिकायत की थी। उनके पत्र के साथ अखबार की कटिंग सीएम आफिस से जांच के लिए आ गई है। सिंचाई विभाग से कब्जेदारों की लिस्ट मांगी गई थी जो दस दिन बीतने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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डीएम बोलीं- अमर उजाला ने साफ कर दी पूरी तस्वीर
धौरा जलाशय के मामले में डीएम पिंकी जोवल से बात की गई तो वह बोलीं कि इस मामले में बताने के लिए अब कुछ बाकी नहीं है। सारी तस्वीर अमर उजाला ने खबरों के जरिये साफ कर दी है। इस मामले में एसडीएम को आदेश दिए हैं कि वो मौके पर जाकर जांच करें। एडीएम प्रशासन को जांच में जुटाया गया है।
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दस दिन में खस्ताहाल नहरों को कर लें ठीक
डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह दस दिनों के अंदर खस्ताहाल नहरों व गूलों को ठीक कर लें। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में सबसे ज्यादा शिकायतें सिंचाई विभाग को लेकर हैं। किसान नहरों में पानी न आने की शिकायतें लगातार कर रहे हैं। वर्षा आने से पहले सिंचाई विभाग अपनी सभी नहरें ठीक कर लें। वह गांव के प्रधान और लेखपाल के जरिये इसकी रिपोर्ट मांगेंगी।