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तेंदुए के हमले में युवक के घायल होने के मामले में लीपापोती
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खुटार। फसल की रखवाली करते समय बुधवार रात तेंदुए के हमले में किसान रामलड़ैते के घायल होने के मामले में वनकर्मी लीपापोती करने में जुट गए हैं। वन दरोगा ने कहा है कि रामलड़ैते ब्लेड वाले तार पर गिरने से घायल हुआ है, जबकि रामलडैते ने कहा कि वन दरोगा झूठ बोल रहा है, तेंदुए ने ही हमला किया था।
19 जनवरी की रात आवरा पशुओं से फसल की रखवाली करने खेत पर गए रामलड़ैते पर गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। सूचना के बाद भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचे थे। 21 जनवरी को वन रक्षक रामप्रसाद वर्मा गांव पहुंचे और जांच की। इसके बाद रेंजर को भेजी रिपोर्ट में वन रक्षक ने बताया है कि रामलड़ैते गन्ने के खेत में सियार को देखकर भागा और खेत के किनारे लगे तारों में फंसकर घायल हो गया। उधर, रामलड़ैते का कहना है कि उसने टॉर्च की रोशनी में तेंदुए को देखा था। वनकर्मी झूठी रिपोर्ट अधिकारियों को भेज रहे हैं।
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बकरी और नीलगाय का किसने किया शिकार?
वन रक्षक का दावा है कि रामलड़ैते ब्लेड वाले तारों से घायल हुआ है, लेकिन वन रक्षक और वन अधिकारियों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि कुछ दिन पूर्व इसी क्षेत्र में बकरियों और नीलगाय को किसने मारा था। गांव बुझिया, सरेली आदि के लोग कई बार तेंदुए को देखे जाने का दावा कर चुके हैं, लेकिन वनकर्मी कोई कार्रवाई नहीं कर लोगों को जागरूकता के नाम पर गांव जाकर खानपूरी कर लौट जाते हैं। इससे लोगों में रोष है। गांव के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
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वन रक्षक की जांच में पता चला है कि रामलड़ैते सियार को देखकर भागा और ब्लेड वाले तारों से घायल हो गया। नीलागाय और बकरी आदि के मारे जाने की जांच रिपोर्ट की जानकारी इस समय नहीं है।
डीएस यादव, रेंजर खुटार
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19 जनवरी की रात आवरा पशुओं से फसल की रखवाली करने खेत पर गए रामलड़ैते पर गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। सूचना के बाद भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचे थे। 21 जनवरी को वन रक्षक रामप्रसाद वर्मा गांव पहुंचे और जांच की। इसके बाद रेंजर को भेजी रिपोर्ट में वन रक्षक ने बताया है कि रामलड़ैते गन्ने के खेत में सियार को देखकर भागा और खेत के किनारे लगे तारों में फंसकर घायल हो गया। उधर, रामलड़ैते का कहना है कि उसने टॉर्च की रोशनी में तेंदुए को देखा था। वनकर्मी झूठी रिपोर्ट अधिकारियों को भेज रहे हैं।
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बकरी और नीलगाय का किसने किया शिकार?
वन रक्षक का दावा है कि रामलड़ैते ब्लेड वाले तारों से घायल हुआ है, लेकिन वन रक्षक और वन अधिकारियों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि कुछ दिन पूर्व इसी क्षेत्र में बकरियों और नीलगाय को किसने मारा था। गांव बुझिया, सरेली आदि के लोग कई बार तेंदुए को देखे जाने का दावा कर चुके हैं, लेकिन वनकर्मी कोई कार्रवाई नहीं कर लोगों को जागरूकता के नाम पर गांव जाकर खानपूरी कर लौट जाते हैं। इससे लोगों में रोष है। गांव के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
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वन रक्षक की जांच में पता चला है कि रामलड़ैते सियार को देखकर भागा और ब्लेड वाले तारों से घायल हो गया। नीलागाय और बकरी आदि के मारे जाने की जांच रिपोर्ट की जानकारी इस समय नहीं है।
डीएस यादव, रेंजर खुटार