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बरेली में तमंचे खपाने आया कासगंज का तस्कर दबोचा
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बरेली/आंवला। बरेली और बदायूं जिले में ऑर्डर पर असलहों की सप्लाई करने वाले कासगंज के तस्कर को पुलिस ने पांच तमंचों के साथ गिरफ्तार कर लिया। जबकि कासगंज जिले का ही निवासी उसका साथी फरार हो गया। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान यह खुलासा किया।
एसपी देहात ने बताया कि आंवला पुलिस ने सूचना मिलने पर गौंटिया तिराहे के पास दबिश दी। वहां एक युवक को हिरासत में लेकर उससे 315 बोर के पांच तमंचे बरामद किए। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर तमंचे बनाने वाला साथी भाग गया। आरोपी ने अपना नाम नगेंद्र निवासी गांव देवकली थाना सुनगढ़ी जिला कासगंज बताया। उसने बताया कि फरार हुआ साथी गंजडुंडवारा निवासी संजू है। संजू तमंचे बनाता है और वह ग्राहकों की डिमांड पर उन्हें बरेली और बदायूं जिले के ग्रामीण इलाकों में उन्हें सप्लाई करता है। गुरुवार रात वे दोनों ही यहां ग्राहकों को तमंचे देने आए थे। काफी समय से वह तीन से चार हजार रुपये में तमंचे बेच रहे हैं। इसमें उन्हें करीब आधा मुनाफा होता है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में कोतवाल सुनील कुमार, दरोगा रामपाल सिंह आदि शामिल रहे।
एसटीएफ ने पकड़े थे 25 तमंचे
11 फरवरी 2017 को एसटीएफ बरेली यूनिट ने बदायूं रोड पर असलहों के सौदागर मोहरपाल को 25 तमंचों की खेप के साथ पकड़ा था। वह बदायूं से बस के रास्ते बरेली में तमंचे लेकर आ रहा था। सुभाष नगर निवासी मोहरपाल अपने साथियों के संग बदायूं के ककराला से दो हजार का तमंचा खरीदकर लाता था और शहर में चार से पांच हजार में बेच देता था। तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ ने प्रेसवार्ता में एसटीएफ टीम की पीठ थपथपाई थी।
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रिक्शे की सीट के नीचे रखकर बेचता था तमंचे
बारादरी पुलिस ने डेढ़ साल पहले मुखबिर की सूचना के आधार पर पुराना शहर में एक रिक्शा चालक को पकड़ा था। उसके रिक्शे की सीट के नीचे खाली जगह में तमंचे रखे मिले। रिक्शा चालक ने बताया कि वह दिखावे को रिक्शा चलाता था। उसका असली काम हथियारों को सस्ते में खरीदकर महंगा बेचना था। वह लोगों को उनके घरों पर जाकर तमंचे उपलब्ध करा देता था। कोई उस पर शक भी नहीं करता था।
आंवला पुलिस ने हथियारों के तस्कर को पकड़ा है। दूसरा फरार तस्कर भी कासगंज जिले का ही है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है। दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगी हुई है।- डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात
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एसपी देहात ने बताया कि आंवला पुलिस ने सूचना मिलने पर गौंटिया तिराहे के पास दबिश दी। वहां एक युवक को हिरासत में लेकर उससे 315 बोर के पांच तमंचे बरामद किए। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर तमंचे बनाने वाला साथी भाग गया। आरोपी ने अपना नाम नगेंद्र निवासी गांव देवकली थाना सुनगढ़ी जिला कासगंज बताया। उसने बताया कि फरार हुआ साथी गंजडुंडवारा निवासी संजू है। संजू तमंचे बनाता है और वह ग्राहकों की डिमांड पर उन्हें बरेली और बदायूं जिले के ग्रामीण इलाकों में उन्हें सप्लाई करता है। गुरुवार रात वे दोनों ही यहां ग्राहकों को तमंचे देने आए थे। काफी समय से वह तीन से चार हजार रुपये में तमंचे बेच रहे हैं। इसमें उन्हें करीब आधा मुनाफा होता है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में कोतवाल सुनील कुमार, दरोगा रामपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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एसटीएफ ने पकड़े थे 25 तमंचे
11 फरवरी 2017 को एसटीएफ बरेली यूनिट ने बदायूं रोड पर असलहों के सौदागर मोहरपाल को 25 तमंचों की खेप के साथ पकड़ा था। वह बदायूं से बस के रास्ते बरेली में तमंचे लेकर आ रहा था। सुभाष नगर निवासी मोहरपाल अपने साथियों के संग बदायूं के ककराला से दो हजार का तमंचा खरीदकर लाता था और शहर में चार से पांच हजार में बेच देता था। तत्कालीन एसपी सिटी समीर सौरभ ने प्रेसवार्ता में एसटीएफ टीम की पीठ थपथपाई थी।
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रिक्शे की सीट के नीचे रखकर बेचता था तमंचे
बारादरी पुलिस ने डेढ़ साल पहले मुखबिर की सूचना के आधार पर पुराना शहर में एक रिक्शा चालक को पकड़ा था। उसके रिक्शे की सीट के नीचे खाली जगह में तमंचे रखे मिले। रिक्शा चालक ने बताया कि वह दिखावे को रिक्शा चलाता था। उसका असली काम हथियारों को सस्ते में खरीदकर महंगा बेचना था। वह लोगों को उनके घरों पर जाकर तमंचे उपलब्ध करा देता था। कोई उस पर शक भी नहीं करता था।
आंवला पुलिस ने हथियारों के तस्कर को पकड़ा है। दूसरा फरार तस्कर भी कासगंज जिले का ही है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है। दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगी हुई है।- डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात