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आईआईटी की टीम ने किया प्लांट का मुआयना
बरेली
Updated Sat, 13 Feb 2016 01:46 AM IST
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पीसीबी बभिया में ट्रेंचिंग ग्राउंड के पक्ष में
बरेली। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कूड़ा के ढुलमुल रवैये के चलते कूड़ा डंपिंग की समस्या बढ़ती जा रही है। छह स्थानों पर पीसीबी ने नगर निगम को नया ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए एनओसी नहीं दी। शहर से 10 किलोमीटर दूर बभिया पक्ष में पीसीबी ने रिपोर्ट अपने हेड ऑफिस को भेजी है। मगर यहां सेना से आपत्ति आ सकती है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में 17 फरवरी को इस मामले की सुनवाई होगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बभिया को छोड़कर बाकी जगह पर एनओसी देने से इनकार कर दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थानीय टीम ने बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए अपने हेड ऑफिस को सकारात्मक रिपोर्ट भेज दी है। बभिया की शहर से दूरी 10 से 12 किलोमीटर है। शहर से रोजाना 350 मीट्रिक टन कूड़ा इतनी दूरी पर ले जाने में नगर निगम का डीजल खर्च बढ़ेगा। अगर कूड़े के वाहन बदायूं रोड से गुजरते हैं तो लाल फाटक रेलवे क्रासिंग पर उनको प्रतिदिन जाम का सामना करना पड़ेगा।
‘ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए बभिया में जमीन उपयुक्त पाई गई। इसकी रिपोर्ट हेड ऑफिस भेजी गई है। एनओसी देने पर निर्णय मुख्यालय से होगा।’
-शशि बिंदु कर, एई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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बरेली। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कूड़ा के ढुलमुल रवैये के चलते कूड़ा डंपिंग की समस्या बढ़ती जा रही है। छह स्थानों पर पीसीबी ने नगर निगम को नया ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए एनओसी नहीं दी। शहर से 10 किलोमीटर दूर बभिया पक्ष में पीसीबी ने रिपोर्ट अपने हेड ऑफिस को भेजी है। मगर यहां सेना से आपत्ति आ सकती है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में 17 फरवरी को इस मामले की सुनवाई होगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बभिया को छोड़कर बाकी जगह पर एनओसी देने से इनकार कर दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थानीय टीम ने बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए अपने हेड ऑफिस को सकारात्मक रिपोर्ट भेज दी है। बभिया की शहर से दूरी 10 से 12 किलोमीटर है। शहर से रोजाना 350 मीट्रिक टन कूड़ा इतनी दूरी पर ले जाने में नगर निगम का डीजल खर्च बढ़ेगा। अगर कूड़े के वाहन बदायूं रोड से गुजरते हैं तो लाल फाटक रेलवे क्रासिंग पर उनको प्रतिदिन जाम का सामना करना पड़ेगा।
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‘ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए बभिया में जमीन उपयुक्त पाई गई। इसकी रिपोर्ट हेड ऑफिस भेजी गई है। एनओसी देने पर निर्णय मुख्यालय से होगा।’
-शशि बिंदु कर, एई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड