{"_id":"614e37fa8ebc3efadf554c97","slug":"if-you-have-your-intentions-then-you-become-an-ias-even-after-studying-in-the-up-board-school-bareilly-news-bly4607415104","type":"story","status":"publish","title_hn":"इरादों में हो दम तो यूपी बोर्ड के स्कूल में पढ़कर भी बन जाते हैं आईएएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इरादों में हो दम तो यूपी बोर्ड के स्कूल में पढ़कर भी बन जाते हैं आईएएस
सार
सिरौली के हिमांशु, बीसलपुर के सूर्यप्रताप व आशीष और बिसौली की अनुराधा ने यूपी बोर्ड के स्कूलों में पढ़कर छुआ आसमान
विज्ञापन
अपने परिवार के साथ हिमांशु गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
हिमांशु ने तीसरी कोशिश में पार किया मैदान, आईपीएस से आईएएस बने
विज्ञापन
बरेली। सिविल सेवा में 139वीं रैंक हासिल करने वाले सिरौली के हिमांशु गुप्ता 2019 के आईपीएस हैं और हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने तीसरी कोशिश में अपने सपने को सच में तब्दील किया। देर शाम सिविल सेवा का परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए सिरौली में जनरल स्टोर चलाने वाले अपने पिता और मां का आशीर्वाद लिया।
पिता संतोष गुप्ता ने बताया कि हिमांशु बचपन से ही पढ़ने में अव्वल थे। आठवीं तक की पढ़ाई उन्होंने कस्बे के ही एक निजी स्कूल में की। इसके बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट भी कस्बे के ही बाल विद्या मंदिर स्कूल से पास किया। बायो ग्रुप से इंटर करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर एनवॉयरमेंट साइंस की पढ़ाई की। फिर ग्वालियर से एमफिल भी किया। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की। एमफिल के दौरान 2018 में पहली बार सिविल सर्विस की परीक्षा दी लेकिन रैंक बेहद कम होने से चयन नहीं हो सका।
हिमांशु ने इसके सिविल सर्विसेज की तैयारियों में और ताकत झोंकी। 2019 में उनका आईपीएस के लिए चयन हो गया जिसके बाद वह ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद चले गए। आईपीएस बनने के बावजूद आईएस बनने का जुनून कम नहीं हुआ लिहाजा तैयारियां जारी रहीं और आखिरकार शुक्रवार को उन्होंने इस चुनौती को भी पार कर दिखाया।
विज्ञापन
गांव मंडरा सुमन के मूल निवासी सूर्य प्रताप का परिवार बीसलपुर के मोहल्ला पटेल नगर में रहता है जहां खुशी का माहौल है। परिवार के मुताबिक सूर्य प्रताप ने पांचवीं तक की पढ़ाई बीसलपुर के सरस्वती शिशु मंदिर और फिर 10वीं तक की पढ़ाई पूरनपुर के इंग्लिश मीडियम स्कूल में की। इंटरमीडिएट बरेली के बरेली इंटर कॉलेज और फिर एमए तक की पढ़ाई बरेली कॉलेज में की। इसके बाद वह दिल्ली जाकर आईएएस की तैयारी करने लगे।
सूर्यप्रताप के पिता बाबूराम गंगवार सेवानिवृत्त कानूनगो हैं। उनके बड़े भाई आदित्य सिंडिकेट बैंक की देहरादून शाखा में मैनेजर हैं। उनकी भाभी प्रीति एफसीआई में मैनेजर हैं। दूसरे नंबर के भाई आलोक सिंह मुंसिफ कोर्ट बीसलपुर में पेशकार हैं। तीसरे अनुराग राजनीति में सक्रिय हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।
आशीष के पिता संजीव गंगवार गांव नौगवां संतोष के ग्राम प्रधान हैं। संजीव गंगवार ने बताया कि आशीष ने कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई शिशु विहार विद्यालय बीसलपुर, छह से आठ तक की पढ़ाई शफी सीनियर सेंकड्री स्कूल बीसलपुर, कक्षा नौ और दस तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय बीसलपुर से की। कक्षा 11 और 12वीं की पढ़ाई जीआरएम इंटर कॉलेज बरेली से की। दिल्ली से बीटेक करने बाद वहीं पर आईएएस की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2018 में उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ। आईपीएस ज्वाइन करने के बाद वह हैदराबाद में ट्रेनिंग के लिए चले गए। आईएएस की तैयारी जारी रखी और फिर सफलता प्राप्त की।
पिता संतोष गुप्ता ने बताया कि हिमांशु बचपन से ही पढ़ने में अव्वल थे। आठवीं तक की पढ़ाई उन्होंने कस्बे के ही एक निजी स्कूल में की। इसके बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट भी कस्बे के ही बाल विद्या मंदिर स्कूल से पास किया। बायो ग्रुप से इंटर करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर एनवॉयरमेंट साइंस की पढ़ाई की। फिर ग्वालियर से एमफिल भी किया। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की। एमफिल के दौरान 2018 में पहली बार सिविल सर्विस की परीक्षा दी लेकिन रैंक बेहद कम होने से चयन नहीं हो सका।
विज्ञापन
हिमांशु ने इसके सिविल सर्विसेज की तैयारियों में और ताकत झोंकी। 2019 में उनका आईपीएस के लिए चयन हो गया जिसके बाद वह ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद चले गए। आईपीएस बनने के बावजूद आईएस बनने का जुनून कम नहीं हुआ लिहाजा तैयारियां जारी रहीं और आखिरकार शुक्रवार को उन्होंने इस चुनौती को भी पार कर दिखाया।
विज्ञापन
15 साल पहले सितारगंज से सिरौली आया था परिवार
संतोष गुप्ता मूलरूप से वह उत्तराखंड सितारगंज के रहने वाले हैं लेकिन 2005 में वह परिवार के साथ सिरौली आकर बस गए। यहां उन्होंने कस्बे के मेन मार्केट में जनरल स्टोर खोल लिया। अब भी उसे चला रहे हैं। संतोष गुप्ता ने कहा, तीन बच्चों में हिमांशु सबसे बड़ा है। दीक्षा और मुस्कान दो छोटी बहनें हैं। दीक्षा का विवाह हो चुका है और मुस्कान पढ़ाई कर रही है। मां चंचल ने कहा कि हिमांशु को बचपन से ही बड़ा अफसर बनने की चाहत थी। बातों-बातों में वह आईएएस बनने का जिक्र करता था। 2019 में आईपीएस बना तो उन्हें काफी गर्व हुआ, मगर अब तो खुशी का ठिकाना ही नहीं है। बोलीं, ईश्वर की कृपा से मनोकामना पूरी हुई है। परिवार का नाम रौशन करने वाला ऐसा बेटा सभी को मिले।बरेली कॉलेज में पढ़े सूर्यप्रताप ने पहली बार में ही मार दिया मैदान
बीसलपुर। रिटायर्ड कानूनगो के बेटे सूर्य प्रताप सिंह पहले ही प्रयास में आईएएस अफसर बने हैं। उनकी भी प्रारंभिक शिक्षा बीसलपुर में ही हुई, फिर परास्नातक तक वह बरेली में पढ़े। दिल्ली में रहकर सिविल सेवा की तैयारी की। उन्हें 258वीं रैंक मिली है।गांव मंडरा सुमन के मूल निवासी सूर्य प्रताप का परिवार बीसलपुर के मोहल्ला पटेल नगर में रहता है जहां खुशी का माहौल है। परिवार के मुताबिक सूर्य प्रताप ने पांचवीं तक की पढ़ाई बीसलपुर के सरस्वती शिशु मंदिर और फिर 10वीं तक की पढ़ाई पूरनपुर के इंग्लिश मीडियम स्कूल में की। इंटरमीडिएट बरेली के बरेली इंटर कॉलेज और फिर एमए तक की पढ़ाई बरेली कॉलेज में की। इसके बाद वह दिल्ली जाकर आईएएस की तैयारी करने लगे।
सूर्यप्रताप के पिता बाबूराम गंगवार सेवानिवृत्त कानूनगो हैं। उनके बड़े भाई आदित्य सिंडिकेट बैंक की देहरादून शाखा में मैनेजर हैं। उनकी भाभी प्रीति एफसीआई में मैनेजर हैं। दूसरे नंबर के भाई आलोक सिंह मुंसिफ कोर्ट बीसलपुर में पेशकार हैं। तीसरे अनुराग राजनीति में सक्रिय हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।
बीसलपुर के आशीष ने भी बरेली में तैयारी शुरू कर पूरा किया सपना
पीलीभीत। बीसलपुर के ही गांव नौगवां संतोष में रहने वाले आशीष गंगवार ने भी अपने जज्बे का लोहा मनवाया है। 2018 में यूपीएससी परीक्षा पास करके आईपीएस बने आशीष संतुष्ट नहीं हुए। आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान तैयारी करते रहे और इस बार यूपीएससी परीक्षा में 188वीं रैंक लेकर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।आशीष के पिता संजीव गंगवार गांव नौगवां संतोष के ग्राम प्रधान हैं। संजीव गंगवार ने बताया कि आशीष ने कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई शिशु विहार विद्यालय बीसलपुर, छह से आठ तक की पढ़ाई शफी सीनियर सेंकड्री स्कूल बीसलपुर, कक्षा नौ और दस तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय बीसलपुर से की। कक्षा 11 और 12वीं की पढ़ाई जीआरएम इंटर कॉलेज बरेली से की। दिल्ली से बीटेक करने बाद वहीं पर आईएएस की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2018 में उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ। आईपीएस ज्वाइन करने के बाद वह हैदराबाद में ट्रेनिंग के लिए चले गए। आईएएस की तैयारी जारी रखी और फिर सफलता प्राप्त की।