{"_id":"582b61a04f1c1b56368ff286","slug":"if-you-do-not-raging-currency-in-banks-put-the-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में करेंसी न मिलने पर भड़के, लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में करेंसी न मिलने पर भड़के, लगाया जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 16 Nov 2016 01:15 AM IST
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शुक्रवार को काला आम से भूड़ रोड पर लगे जाम में फंसे वाहन।
- फोटो : ब्यूरो
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शहर की कई बैंकों में पुरानी करेंसी न बदलने से गुस्साए लोगों ने कई स्थानों पर हंगामा काटा और जाम लगा दिया। सूचना पर थाना बारादरी पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। ऐसा ही हाल मुख्य शाखा स्टेट बैंक, शहामतगंज स्थित स्टेट बैंक आफ पटियाला और बरेली कालेज स्थित बैंक में रहा। बरेली कालेज की स्टेट बैंक शाखा में ग्राहकों से कहासुनी होने के बाद कर्मचारियों ने करीब दो घंटे तक काम बंद कर दिया। कई और बैंकों में नोट बदलने पहुंचे लोगों को परेशानी हुई और अधिकांश लोगों के नोट नहीं बदले जा सके।
नौ नवंबर से इस बैंक में लोगों को रुपये नहीं बदले जा रहे हैं। रोजाना की तरह आज भी पुराने शहर के लोग शाहजहांपुर रोड पर सकलैनी टावर स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा की जगतपुर शाखा के बाहर लोगों की लाइन लग गई थी। 10 बजे ही खबर मिली कि बैंक में नोट खत्म हो गए। अब किसी के नोट नहीं बदले जाएंगे। इससे गुस्सा होकर महिला को आगे करके लोगों ने सड़क जाम करा दी। करीब आधा तक जाम लगने की वजह से वाहन कट से होकर रॉग साइड होकर निकल गए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बैंक अधिकारियों से बात क रके लोगों को समझाकर बमुश्किल शांत करके जाम खुलवा दिया।
दो से चार हजार ही मिले, एटीएम बेदम
बरेली। 500 और एक हजार के पुराने नोट बदलने की सीमा 4500 रुपये अभी बैंकों में लागू नहीं हो पायी। एटीएम सिस्टम में बदलाव नहीं होने से मंगलवार में भी 2500 रुपये भी नहीं मिले। उधर, एटीएम और बैंकों पर लाइनें कम होने का नाम ले रही है। पांचवें दिन खातों में नौ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जमा हुई और ढाई लाख लोगों ने करेंसी बदली। कई बैंकों में दोपहर धनराशि खत्म होने के कारण निकासी बंद कर दी गई।
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वित्त मंत्रालय ने करेंसी चेंज सीमा चार से बढ़ाकर साढे़ चार हजार करने का आदेश मंगलवार तक नहीं आया। इस कारण बैंकों में चार हजार से ज्यादा नहीं बदले गए। केनरा, यूनियन, बड़ौदा, पीएनबी समेत कई ब्रांचों में करेंसी कमी के चलते दो हजार रुपये ही बदले। इस पर कई ब्रांचों में लोगों की झड़पें भी हुई। एटीएम से 2500 निकालने के निर्देश भी जिले में लागू नहीं हो पाए और ना ही दो हजार रुपये का नया नोट रखा जा सका। एसबीआई मेन ब्रांच मुख्य प्रबंधक सुनील शर्मा ने बताया कि अभी नए दिशा निर्देश नहीं मिल पाए हैं, इसलिए पुरानी पद्धति पर ही लेनदेन हो रहा है।
दो घंटे में कैश खत्म
ज्यादातर एटीएम और बैंक शाखाओं में दो घंटे में कैश खत्म हो गया। बड़ा डाकखाना के सामने पीएनबी ब्रांच में दो हजार रुपये चेंज करने बाद दो घंटे में कैश नहीं होने की सूचना लगा दी। सिर्फ दस प्रतिशत एटीएम चलने से लंबी लाइनें लगी रहीं। जगतपुर नई बस्ती चौराहा पर लगा एसबीआई एटीएम 11 बजे बंद हो गया। पुराना शहर में एटीएम में कैश नहीं भरा गया।
बैंकों पर दबाव
एसबीआई, बड़ौदा बैंक, ओबीसी आदि की कुछ मेन ब्रांचों में कार्य दबाव इतना बढ़ गया है कि स्टाफ लंच भी समय नहीं कर पाता है। एसबीआई ने जोनल स्टाफ भी करेंसी चेंज और अन्य व्यवस्थाओं में लगा दिया गया है। मेन ब्रांच में हर दिन नजारा अलग ही दिखता है। पंकज अग्रवाल, रामगोपाल, राजेंद्र सिंह बताते हैं कि रात 12 बजे काम पूरा नहीं होता है। कचहरी मेन ब्रांच में प्रबंधन ने सरकारी और अर्द्ध सरकारी स्टाफ की करेंसी चेंज के लिए अलग से काउंटर खोला है।
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नौ नवंबर से इस बैंक में लोगों को रुपये नहीं बदले जा रहे हैं। रोजाना की तरह आज भी पुराने शहर के लोग शाहजहांपुर रोड पर सकलैनी टावर स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा की जगतपुर शाखा के बाहर लोगों की लाइन लग गई थी। 10 बजे ही खबर मिली कि बैंक में नोट खत्म हो गए। अब किसी के नोट नहीं बदले जाएंगे। इससे गुस्सा होकर महिला को आगे करके लोगों ने सड़क जाम करा दी। करीब आधा तक जाम लगने की वजह से वाहन कट से होकर रॉग साइड होकर निकल गए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बैंक अधिकारियों से बात क रके लोगों को समझाकर बमुश्किल शांत करके जाम खुलवा दिया।
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दो से चार हजार ही मिले, एटीएम बेदम
बरेली। 500 और एक हजार के पुराने नोट बदलने की सीमा 4500 रुपये अभी बैंकों में लागू नहीं हो पायी। एटीएम सिस्टम में बदलाव नहीं होने से मंगलवार में भी 2500 रुपये भी नहीं मिले। उधर, एटीएम और बैंकों पर लाइनें कम होने का नाम ले रही है। पांचवें दिन खातों में नौ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जमा हुई और ढाई लाख लोगों ने करेंसी बदली। कई बैंकों में दोपहर धनराशि खत्म होने के कारण निकासी बंद कर दी गई।
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वित्त मंत्रालय ने करेंसी चेंज सीमा चार से बढ़ाकर साढे़ चार हजार करने का आदेश मंगलवार तक नहीं आया। इस कारण बैंकों में चार हजार से ज्यादा नहीं बदले गए। केनरा, यूनियन, बड़ौदा, पीएनबी समेत कई ब्रांचों में करेंसी कमी के चलते दो हजार रुपये ही बदले। इस पर कई ब्रांचों में लोगों की झड़पें भी हुई। एटीएम से 2500 निकालने के निर्देश भी जिले में लागू नहीं हो पाए और ना ही दो हजार रुपये का नया नोट रखा जा सका। एसबीआई मेन ब्रांच मुख्य प्रबंधक सुनील शर्मा ने बताया कि अभी नए दिशा निर्देश नहीं मिल पाए हैं, इसलिए पुरानी पद्धति पर ही लेनदेन हो रहा है।
दो घंटे में कैश खत्म
ज्यादातर एटीएम और बैंक शाखाओं में दो घंटे में कैश खत्म हो गया। बड़ा डाकखाना के सामने पीएनबी ब्रांच में दो हजार रुपये चेंज करने बाद दो घंटे में कैश नहीं होने की सूचना लगा दी। सिर्फ दस प्रतिशत एटीएम चलने से लंबी लाइनें लगी रहीं। जगतपुर नई बस्ती चौराहा पर लगा एसबीआई एटीएम 11 बजे बंद हो गया। पुराना शहर में एटीएम में कैश नहीं भरा गया।
बैंकों पर दबाव
एसबीआई, बड़ौदा बैंक, ओबीसी आदि की कुछ मेन ब्रांचों में कार्य दबाव इतना बढ़ गया है कि स्टाफ लंच भी समय नहीं कर पाता है। एसबीआई ने जोनल स्टाफ भी करेंसी चेंज और अन्य व्यवस्थाओं में लगा दिया गया है। मेन ब्रांच में हर दिन नजारा अलग ही दिखता है। पंकज अग्रवाल, रामगोपाल, राजेंद्र सिंह बताते हैं कि रात 12 बजे काम पूरा नहीं होता है। कचहरी मेन ब्रांच में प्रबंधन ने सरकारी और अर्द्ध सरकारी स्टाफ की करेंसी चेंज के लिए अलग से काउंटर खोला है।