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देश को बाजार न बनाए सरकार तो पांच साल में विश्वशक्ति बनने की सक्षम
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श्रोताओं को संबोधित करते शंकाराचार्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा- जो अंग्रेजों से बचा, उसे अब लूट रहे हैं राजनीतिक दल, राजनीति दिशाहीन, नष्ट हो रही है देश की मेधा और संपदा
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बरेली। पुरी पीठाधीश्वर एवं हिंदू धर्म ध्वज वाहक शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने रविवार को आनंद आश्रम में हुई विचार गोष्ठी में राजनीति और संतों की स्थिति जैसे कई पहलुओं पर बात करते हुए देश के भविष्य पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अपार मेधा और संपदा होते हुए भी राजनीतिक दलों ने शोषण को शाश्वत अधिकार मानकर भारत को दिशाहीन बना दिया है। ऐसा न होता तो भारत में अब भी पांच वर्षों के अंदर पूरे विश्व में सबसे समृद्ध और शक्तिशाली बनने की क्षमता है।
शंकराचार्य ने भारत की अपार संपदा और मेधा का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। अदूरदर्शिता से ही समाज दिशाहीन हो गया है। परिवार, राज्य, देश, समाज, सांस्कृतिक मूल्यों का निरंतर पतन हो रहा है। सरकारें युवाओं को कामगार बनाने के बजाय मुफ्तखोरी सिखा रही हैं। अर्थनीति ठीक न होने से बैंक बंद हो रहे हैं। देश में भ्रष्टाचार चरम पर है। कल्याणकारी योजनाओं में दलाली हावी है। खान-पान की सामग्री विषाक्त हो चुकी है। मठ-मंदिरों में भी राजनीति का वातावरण है। संत राजनेता बन रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अंग्रेज सैकड़ों साल शासन करने के बाद भी जिस भारत को पूरी तरह नहीं लूट पाए, वह काम अब किया जा रहा है। संसद को देश को दिशा देने के साथ सर्वाधिक मर्यादित होना चाहिए किंतु वहां राजेनता गालीगलौज करते हैं। कार्यक्रम में विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, एडीजी अविनाश चंद्र, कारोबारी अशोक गोयल, नरेंद्र गुप्ता पप्पू, नीरज गोयल, संजीव अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, पवन सक्सेना, विनोद ग्रोवर, विभोर गोयल, महेंद्र अग्रवाल मौजूद रहे।
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शंकराचार्य ने भारत की अपार संपदा और मेधा का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। अदूरदर्शिता से ही समाज दिशाहीन हो गया है। परिवार, राज्य, देश, समाज, सांस्कृतिक मूल्यों का निरंतर पतन हो रहा है। सरकारें युवाओं को कामगार बनाने के बजाय मुफ्तखोरी सिखा रही हैं। अर्थनीति ठीक न होने से बैंक बंद हो रहे हैं। देश में भ्रष्टाचार चरम पर है। कल्याणकारी योजनाओं में दलाली हावी है। खान-पान की सामग्री विषाक्त हो चुकी है। मठ-मंदिरों में भी राजनीति का वातावरण है। संत राजनेता बन रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अंग्रेज सैकड़ों साल शासन करने के बाद भी जिस भारत को पूरी तरह नहीं लूट पाए, वह काम अब किया जा रहा है। संसद को देश को दिशा देने के साथ सर्वाधिक मर्यादित होना चाहिए किंतु वहां राजेनता गालीगलौज करते हैं। कार्यक्रम में विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, एडीजी अविनाश चंद्र, कारोबारी अशोक गोयल, नरेंद्र गुप्ता पप्पू, नीरज गोयल, संजीव अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, पवन सक्सेना, विनोद ग्रोवर, विभोर गोयल, महेंद्र अग्रवाल मौजूद रहे।