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मनरेगा में डेढ़ करोड़ का गोलमाल, पांच निलंबित
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:32 AM IST
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दमखोदा ब्लाक की 64 ग्राम पंचायतों में तीन साल के दौरान मनरेगा के 9.23 करोड़ से कराए गए कामों में 1.57 करोड़ के गोल माल का खुलासा हुआ है । जिसमें पांच पंचायत सचिवों को दोषी मानते हुए पंद्रह दिन पहले कागजों में निलंबित कर दिया, जबकि उनके निलंबन आदेश मंगलवार को ब्लाकों तक नहीं पहुंचे हैं। ये सचिव मंगलवार को भी अपने -अपने ब्लाकों में रोजाना की तरह काम करते रहे। इतना सब कुछ होता रहा लेकिन उच्च अधिकारी इस गोलमाल से अनजान बने रहे।
मनरेगा से दमखोदा ब्लाक की 64 ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 तथा 2014-15 के दौरान 9.23 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें से 6.40 करोड़ रुपये अकेले दो दर्जन ग्राम पंचायतों को विकास के नाम पर थमा दिए गए । जो कि इस विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों का 69 फीसदी है। जबकि शेष ग्राम पंचायतों को 31 फीसदी धनराशि विकास के लिए दी गई।
संयुक्त विकास आयुक्त की ओर से डीपीआरओ को भेजे गए पत्र से खुलासा हुआ है कि आडिट में विकास के लिए आवंटित की गई धनराशि के वितरण पर सवाल उठाए हैं। यह भी स्पष्ट किया है कि इस ब्लाक में तैनात एक पंचायत सचिव करन सिंह को 20 ग्राम पंचायत और नजरुल हसन को 13 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई। आडिट टीम ने इनसे समायोजन, लेखा व्यय, बाउचर्स, कार्य मापक आदि अखिलेख मांगे। इन्होंने अखिलेख दिखाना तो दूर, जवाब तक नहीं दिया। यह रिपोर्ट कमिश्नर तथा अन्य उच्च अधिकारियों को भेजी गई, जिसे अफसरों ने गंभीरता से लिया। उसी के बाद कमिश्नर की ओर से संयुक्त विकास आयुक्त को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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यह मामला कमिश्नर तक पहुंचा, इसलिए डीपीआरओ ने 16 मई को पांच पंचायत सचिवों को निलंबन करने का आदेश कर दिया। उन्होंने करन सिंह पंचायत सचिव को निलंबित करके भुता ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया। पंचायत सचिव नजरुल हसन को सहायक विकास अधिकारी मीरगंज से संबद्ध किया है। दमखोदा ब्लाक के पंचायत सचिव बरकत खां और मोहम्मद बसीम को सहायक विकास अधिकारी पंचायत दमखोदा। भदपुरा के पंचायत सचिव शशांक वर्मा को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) भदपुरा से संबद्ध कर दिया है।
बीडीओ बोले, नहीं आया निलंबन आदेश
बरेली। विकास खंड भुता, मीरगंज और भदपुरा के खंड विकास अधिकारियों का कहना है कि उनके पास मंगलवार की शाम तक किसी भी पंचायत सचिव के निलंबन या फिर उसको उनके कार्यालय संबद्ध करने का आदेश नहीं मिला है।
टीडीसी के 7 लाख भी हजम कर गए
बरेली। जेडीसी ने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि मनरेगा में कराए गए कामों के लिए जो सामान खरीदा गया था। उसके 7.41 लाख रुपये टीडीसी के रूप में आयकर में जमा होने चाहिए थे लेकिन यह राशि भी आयकर में जमा नहीं कराई है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी सूरजपाल शर्मा, अतर सिंह और उमाशंकर जिम्मेदार हैं।
‘आडिट रिपोर्ट के आधार पर 16 मई को पांच पंचायत सचिव निलंबित कर दिए हैं, उनके निलंबन आदेश पहुंच गए होंगे’ दिनेश सिंह, डीपीआरओ
‘पंचायत सचिवों के निलंबन की जानकारी नहीं है। हो सकता है सूचनार्थ प्रतिलिपि डीपीआरओ की ओर से भेजी गई हो’ शिव सहाय अवस्थी सीडीओ
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मनरेगा से दमखोदा ब्लाक की 64 ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 तथा 2014-15 के दौरान 9.23 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें से 6.40 करोड़ रुपये अकेले दो दर्जन ग्राम पंचायतों को विकास के नाम पर थमा दिए गए । जो कि इस विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों का 69 फीसदी है। जबकि शेष ग्राम पंचायतों को 31 फीसदी धनराशि विकास के लिए दी गई।
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संयुक्त विकास आयुक्त की ओर से डीपीआरओ को भेजे गए पत्र से खुलासा हुआ है कि आडिट में विकास के लिए आवंटित की गई धनराशि के वितरण पर सवाल उठाए हैं। यह भी स्पष्ट किया है कि इस ब्लाक में तैनात एक पंचायत सचिव करन सिंह को 20 ग्राम पंचायत और नजरुल हसन को 13 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई। आडिट टीम ने इनसे समायोजन, लेखा व्यय, बाउचर्स, कार्य मापक आदि अखिलेख मांगे। इन्होंने अखिलेख दिखाना तो दूर, जवाब तक नहीं दिया। यह रिपोर्ट कमिश्नर तथा अन्य उच्च अधिकारियों को भेजी गई, जिसे अफसरों ने गंभीरता से लिया। उसी के बाद कमिश्नर की ओर से संयुक्त विकास आयुक्त को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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यह मामला कमिश्नर तक पहुंचा, इसलिए डीपीआरओ ने 16 मई को पांच पंचायत सचिवों को निलंबन करने का आदेश कर दिया। उन्होंने करन सिंह पंचायत सचिव को निलंबित करके भुता ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया। पंचायत सचिव नजरुल हसन को सहायक विकास अधिकारी मीरगंज से संबद्ध किया है। दमखोदा ब्लाक के पंचायत सचिव बरकत खां और मोहम्मद बसीम को सहायक विकास अधिकारी पंचायत दमखोदा। भदपुरा के पंचायत सचिव शशांक वर्मा को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) भदपुरा से संबद्ध कर दिया है।
बीडीओ बोले, नहीं आया निलंबन आदेश
बरेली। विकास खंड भुता, मीरगंज और भदपुरा के खंड विकास अधिकारियों का कहना है कि उनके पास मंगलवार की शाम तक किसी भी पंचायत सचिव के निलंबन या फिर उसको उनके कार्यालय संबद्ध करने का आदेश नहीं मिला है।
टीडीसी के 7 लाख भी हजम कर गए
बरेली। जेडीसी ने रिपोर्ट में खुलासा किया है कि मनरेगा में कराए गए कामों के लिए जो सामान खरीदा गया था। उसके 7.41 लाख रुपये टीडीसी के रूप में आयकर में जमा होने चाहिए थे लेकिन यह राशि भी आयकर में जमा नहीं कराई है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी सूरजपाल शर्मा, अतर सिंह और उमाशंकर जिम्मेदार हैं।
‘आडिट रिपोर्ट के आधार पर 16 मई को पांच पंचायत सचिव निलंबित कर दिए हैं, उनके निलंबन आदेश पहुंच गए होंगे’ दिनेश सिंह, डीपीआरओ
‘पंचायत सचिवों के निलंबन की जानकारी नहीं है। हो सकता है सूचनार्थ प्रतिलिपि डीपीआरओ की ओर से भेजी गई हो’ शिव सहाय अवस्थी सीडीओ