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बरेली-सितारगंज हाईवे- सात लोगों की मौत के बाद भी नहीं शुरू कराया अधूरे हाईवे का काम
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बरेली। बरेली-सितारगंज के आधे-अधूरे और जर्जर हाईवे पर जुलाई में रोडवेज बस और एक कार की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई थी। बावजूद इसके हाईवे को पूरा कराने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। आशंका है कि सर्दी बढ़ने के साथ कोहरे में यहां हादसे का खतरा और बढ़ जाएगा। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि अधूरे हाईवे का सर्वे कर करीब पौने तीन करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इसके लिए जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
एनएचएआई ने करीब तीन अरब से वीआईएल नाम की एक कंपनी को बरेली से सितारगंज वाया पीलीभीत तक करीब 74 किलोमीटर हाईवे को टू-लेन बनाने का काम दिया था। कंपनी को दो साल के अंदर हाईवे को चौड़ा करने के साथ नई पुलियों का निर्माण भी करना था। कंपनी ने शुरूआत में तो तेजी दिखाई, लेकिन बाद में काम की गति धीमी होती चली गई और फिर यह प्रोजेक्ट अधूरा ही छोड़ दिया गया। रिठौरा, नवाबगंज, खमरिया पुल, ललौरीखेड़ा समेत कई जगह निर्माणाधीन हाईवे के किनारे मिट्टी फैली हुई है। अधूरी पड़ी पुलिया और सड़क हादसों की वजह बन रही है। रोड सेफ्टी के काम भी नहीं कराए गए हैं। जुलाई में रोडवेज बस और कार की टक्कर से हुई भयंकर दुर्घटना में सात लोगों की मौत को गई थी। इसके बाद एनएचएआई ने अक्तूबर में कंपनी से काम छीनते हुए उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया, लेकिन अधूरे हाईवे को पूरा कराने के लिए अब तक निर्माण शुरू नहीं शुरू हो सका।
नई कंपनी को ठेका देने के लिए सर्वे कराया गया है। इसके लिए करीब पौने तीन करोड़ की और जरूरत पड़ेगी। इस एस्टीमेट को पास कराकर जल्द टेंडर की कार्रवाई कराने की कोशिश चल रही है।
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- एनपी सिंह, पीडी एनएचएआई
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एनएचएआई ने करीब तीन अरब से वीआईएल नाम की एक कंपनी को बरेली से सितारगंज वाया पीलीभीत तक करीब 74 किलोमीटर हाईवे को टू-लेन बनाने का काम दिया था। कंपनी को दो साल के अंदर हाईवे को चौड़ा करने के साथ नई पुलियों का निर्माण भी करना था। कंपनी ने शुरूआत में तो तेजी दिखाई, लेकिन बाद में काम की गति धीमी होती चली गई और फिर यह प्रोजेक्ट अधूरा ही छोड़ दिया गया। रिठौरा, नवाबगंज, खमरिया पुल, ललौरीखेड़ा समेत कई जगह निर्माणाधीन हाईवे के किनारे मिट्टी फैली हुई है। अधूरी पड़ी पुलिया और सड़क हादसों की वजह बन रही है। रोड सेफ्टी के काम भी नहीं कराए गए हैं। जुलाई में रोडवेज बस और कार की टक्कर से हुई भयंकर दुर्घटना में सात लोगों की मौत को गई थी। इसके बाद एनएचएआई ने अक्तूबर में कंपनी से काम छीनते हुए उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया, लेकिन अधूरे हाईवे को पूरा कराने के लिए अब तक निर्माण शुरू नहीं शुरू हो सका।
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नई कंपनी को ठेका देने के लिए सर्वे कराया गया है। इसके लिए करीब पौने तीन करोड़ की और जरूरत पड़ेगी। इस एस्टीमेट को पास कराकर जल्द टेंडर की कार्रवाई कराने की कोशिश चल रही है।
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- एनपी सिंह, पीडी एनएचएआई