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कोरोना वायरस को लेकर जिले में हाई अलर्ट जारी
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लखीमपुर खीरी। चीन में फैले घातक कोरोना वायरस से अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है और वहां पर सैकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चीन में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। इस वायरस को लेकर जिले में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है क्योंकि पड़ोसी देश नेपाल की सीमा चीन और भारत से जुड़ी है। इसलिए सीएमओ ने सीमा पर कस्टम अधिकारियों के साथ सीएचसी, पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों को निर्देश जारी कर दिया है। सीएमओ ने जिला अस्पताल के साथ सीएचसी पर बेड आरक्षित करा दिए हैं। साथ ही दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि सर्दी जुकाम, बुखार से पीड़ित लोगों की जांच कराकर उनका इलाज करें।
क्या है कोरोना वायरस
कोरोना असल में वायरसों का एक बड़ा समूह है जो आम तौर से जानवरों में पाया जाता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के अनुसार, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्य में पहुंचता है। चीनी कोरोना वायरस एक सार्स वायरस की तरह है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। यह मिडल ईस्ट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (एमईआरएस) और सेवल एक्युट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (सार्स) से काफी मिलती जुलती है।
हांगकांग विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वायरोलॉजिस्ट लियो पून ने सबसे पहले इस वायरस को डिकोड किया था, उन्हें लगता है कि यह संभवत: एक जानवर में शुरू हुआ और धीरे-धीरे मनुष्यों में फैल गया है।
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कैसे फैलता है कोरोना वायरस ?
सीफूड (समुद्र से मिलने वाला भोजन, जिसमें मछली, केकड़ा, झींगा आदि) खाने से कोरोना वायरस फैल रहा है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह वायरस तेजी से फैल रहा है।
कोरोना वायरस के लक्षण
एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति में नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर-दर्द और बुखार के लक्षण दिखते हैं। कमजोर रोगप्रतिरोधक क्षमता वालों के लिए यह बेहद घातक है। बुजुर्ग और बच्चे आसानी से इसकी चपेट में आते हैं। निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, छींक आना, अस्थमा आदि भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
ये बरतें सावधानियां
कोरोना वायरस से बचाव की वैक्सीन नहीं है। सावधानी रखकर इससे बचा जा सकता है। बीमार, जुकाम, निमोनिया से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। जरूरी हो तो मॉस्क पहनकर रोगी के कमरे में जाएं। सार्वजनिक स्थल पर आंख, नाक और मुंह को न छुएं। घर आकर हाथों को अच्छे तरीके से धुलने के बाद ही किसी को छुएं।
1. हाथ साबुन एवं अल्कोहल युक्त हैंडवॉश से साफ करें।
2. खांसते, छींकते समय नाक एवं मुंह को टिश्यू या फिर कोहनी से ढकें।
3. सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों तो उन व्यक्तियों के करीब जाने से बचें।
4. मांस, मछली और अंडों का अच्छे से पकाकर सेवन करें।
नेपाल बॉर्डर पर सीएचसी, पीएचसी के डॉक्टरों को निर्देशित कर दिया है कि यदि किसी मरीज में संभावना लगे तो उसकी जांच कराएं। कस्टम विभाग से भी तलाशी के दौरान बीमार व्यक्ति की जानकारी देने को कहा है, क्योंकि नेपाल से आने वालों का आमना-सामना पहले कस्टम वालों से होता है।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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क्या है कोरोना वायरस
कोरोना असल में वायरसों का एक बड़ा समूह है जो आम तौर से जानवरों में पाया जाता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के अनुसार, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्य में पहुंचता है। चीनी कोरोना वायरस एक सार्स वायरस की तरह है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। यह मिडल ईस्ट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (एमईआरएस) और सेवल एक्युट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (सार्स) से काफी मिलती जुलती है।
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हांगकांग विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वायरोलॉजिस्ट लियो पून ने सबसे पहले इस वायरस को डिकोड किया था, उन्हें लगता है कि यह संभवत: एक जानवर में शुरू हुआ और धीरे-धीरे मनुष्यों में फैल गया है।
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कैसे फैलता है कोरोना वायरस ?
सीफूड (समुद्र से मिलने वाला भोजन, जिसमें मछली, केकड़ा, झींगा आदि) खाने से कोरोना वायरस फैल रहा है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह वायरस तेजी से फैल रहा है।
कोरोना वायरस के लक्षण
एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति में नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर-दर्द और बुखार के लक्षण दिखते हैं। कमजोर रोगप्रतिरोधक क्षमता वालों के लिए यह बेहद घातक है। बुजुर्ग और बच्चे आसानी से इसकी चपेट में आते हैं। निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, छींक आना, अस्थमा आदि भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
ये बरतें सावधानियां
कोरोना वायरस से बचाव की वैक्सीन नहीं है। सावधानी रखकर इससे बचा जा सकता है। बीमार, जुकाम, निमोनिया से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। जरूरी हो तो मॉस्क पहनकर रोगी के कमरे में जाएं। सार्वजनिक स्थल पर आंख, नाक और मुंह को न छुएं। घर आकर हाथों को अच्छे तरीके से धुलने के बाद ही किसी को छुएं।
1. हाथ साबुन एवं अल्कोहल युक्त हैंडवॉश से साफ करें।
2. खांसते, छींकते समय नाक एवं मुंह को टिश्यू या फिर कोहनी से ढकें।
3. सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों तो उन व्यक्तियों के करीब जाने से बचें।
4. मांस, मछली और अंडों का अच्छे से पकाकर सेवन करें।
नेपाल बॉर्डर पर सीएचसी, पीएचसी के डॉक्टरों को निर्देशित कर दिया है कि यदि किसी मरीज में संभावना लगे तो उसकी जांच कराएं। कस्टम विभाग से भी तलाशी के दौरान बीमार व्यक्ति की जानकारी देने को कहा है, क्योंकि नेपाल से आने वालों का आमना-सामना पहले कस्टम वालों से होता है।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ