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कुपोषित मोदीराम के चेहरे पर एनआरसी ने बिखेरी मुस्कान
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तीन साल बाद बच्चे के अभिभावकों ने डॉक्टरों का जताया आभार
बरेली। तीन साल पहले एक अतिकुपोषित बच्चे मोदीराम को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) पर भर्ती कराया गया था। आर्थिक तंगी के चलते गरीब परिवार इकलौते चिराग का इलाज कराने में असमर्थ थे। एनआरसी पर 15 दिनों तक इलाज के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो उसे डिस्चार्ज कर दिया। करीब तीन साल बाद बच्चे के जन्मदिन पर उसके अभिभावक एनआरसी पहुंचे और डॉक्टरों का तहेदिल से आभार जताया।
नवाबगंज में रंपुरा के रहने वाले लक्ष्मण ने बताया कि करीब तीन साल पहले महज डेढ़ माह की उम्र में उनका बेटा मोदीराम अतिकुपोषित कैटेगरी में दर्ज हुआ था। उसे स्वस्थ करने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर वह बच्चे को लेकर एनआरसी पहुंचे। बच्चे का इलाज शुरू हुआ और वजन भी बढ़ा। इसके बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बेटे को स्वस्थ करके एनआरसी ने उनके परिवार का चिराग जलाए रखा। इस वजह से वह तीन साल बाद बच्चे के जन्मदिन पर जिला अस्पताल पहुंचे। एनआरसी केंद्र की डायटीशियन रोजी जैदी का आभार जताया। ब्यूरो
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बरेली। तीन साल पहले एक अतिकुपोषित बच्चे मोदीराम को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) पर भर्ती कराया गया था। आर्थिक तंगी के चलते गरीब परिवार इकलौते चिराग का इलाज कराने में असमर्थ थे। एनआरसी पर 15 दिनों तक इलाज के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो उसे डिस्चार्ज कर दिया। करीब तीन साल बाद बच्चे के जन्मदिन पर उसके अभिभावक एनआरसी पहुंचे और डॉक्टरों का तहेदिल से आभार जताया।
नवाबगंज में रंपुरा के रहने वाले लक्ष्मण ने बताया कि करीब तीन साल पहले महज डेढ़ माह की उम्र में उनका बेटा मोदीराम अतिकुपोषित कैटेगरी में दर्ज हुआ था। उसे स्वस्थ करने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर वह बच्चे को लेकर एनआरसी पहुंचे। बच्चे का इलाज शुरू हुआ और वजन भी बढ़ा। इसके बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बेटे को स्वस्थ करके एनआरसी ने उनके परिवार का चिराग जलाए रखा। इस वजह से वह तीन साल बाद बच्चे के जन्मदिन पर जिला अस्पताल पहुंचे। एनआरसी केंद्र की डायटीशियन रोजी जैदी का आभार जताया। ब्यूरो
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