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शीतलहर का कहर बना रहा बीमार.. अस्पताल में बढ़े मरीज
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बरेली। लगातार गिर रहे तापमान और शीतलहर चलने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। अस्पताल में सर्दी, खांसी, जुकाम, उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हो गया है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 28 सौ मरीजों में ऐसे रोगियों की ही संख्या अधिक रही।
डॉक्टरों ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ कोल्ड डायरिया, फीवर, दर्द, खांसी-जुकाम के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। शीतलहर के कारण तापमान तेजी से गिर रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाए रखना जरूरी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र का कहना है कि सर्दी नवजात से लेकर तीन साल तक के बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होती है। ठंड लगने से बच्चों को सर्दी-खांसी के साथ निमोनिया और कोल्ड डायरिया हो जाता है। यह मौसम रक्तचाप के रोगियों के लिए भी मुसीबत भरा है। ऐसे में गर्म पानी का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।
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डॉक्टरों ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ कोल्ड डायरिया, फीवर, दर्द, खांसी-जुकाम के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। शीतलहर के कारण तापमान तेजी से गिर रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाए रखना जरूरी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र का कहना है कि सर्दी नवजात से लेकर तीन साल तक के बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होती है। ठंड लगने से बच्चों को सर्दी-खांसी के साथ निमोनिया और कोल्ड डायरिया हो जाता है। यह मौसम रक्तचाप के रोगियों के लिए भी मुसीबत भरा है। ऐसे में गर्म पानी का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।
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