{"_id":"5ddd872c8ebc3e54bb6a40ca","slug":"health-bareilly-news-bly385539146","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत, हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। महिला अस्पताल में आपरेशन से प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। ब्लीडिंग न रुकने पर डॉक्टरों ने एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को उसे एक यूनिट और ब्लड चढ़ाया जाना था, लेकिन इसी दौरान उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। इस पर परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने जैसे-तैसे उन्हें समझाकर शांत किया। बाद में परिजन शव लेकर चले गए।
थाना बारादरी के गांव हरूनगला निवासी तुलसीराम की पत्नी 28 वर्षीय राधा को प्रसव के लिए सोमवार रात करीब 12 बजे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी वक्त डॉक्टरों ने आपरेशन कर प्रसव करा दिया। राधा ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन ब्लीडिंग अधिक हो जाने से उसकी हालत बिगड़ गई। तुरंत ही राधा को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार शाम करीब तीन बजे उसे फिर ब्लड चढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। इस पर परिजन ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पर डॉक्टरों ने राधा के ससुर बेनीराम को अलग बुलाकर समझाया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। राधा के दो बेटे पांच वर्षीय कपिल और सात वर्षीय आशीष पहले से हैं। डॉ. शशि गुप्ता ने बताया कि महिला जब अस्पताल आई थी तब उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। वह एनीमिया से पीड़ित थी। सोमवार रात में आपरेशन से प्रसव कराने के बाद उसे एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
थाना बारादरी के गांव हरूनगला निवासी तुलसीराम की पत्नी 28 वर्षीय राधा को प्रसव के लिए सोमवार रात करीब 12 बजे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी वक्त डॉक्टरों ने आपरेशन कर प्रसव करा दिया। राधा ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन ब्लीडिंग अधिक हो जाने से उसकी हालत बिगड़ गई। तुरंत ही राधा को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार शाम करीब तीन बजे उसे फिर ब्लड चढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। इस पर परिजन ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पर डॉक्टरों ने राधा के ससुर बेनीराम को अलग बुलाकर समझाया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। राधा के दो बेटे पांच वर्षीय कपिल और सात वर्षीय आशीष पहले से हैं। डॉ. शशि गुप्ता ने बताया कि महिला जब अस्पताल आई थी तब उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। वह एनीमिया से पीड़ित थी। सोमवार रात में आपरेशन से प्रसव कराने के बाद उसे एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन