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दिन में धूप, शाम को सर्दी.. सेहत के लिए खतरे की घंटी
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बरेली। बदलाव के दौर से गुजर रहा मौसम सतर्क न रहने वाले लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकता है। दिन में धूप और रात में कंपकंपा देने वाली सर्द हवाओं से एलर्जी, सांस, बीपी, कोल्ड डायरिया, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, आंखों में जलन और वायरल के मरीज बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक करीब 40 फीसदी बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में हैं।
नवंबर के अंतिम दौर में दिन में चटक धूप लोगों को गर्मी का अहसास करा रही है तो शाम ढलते ही सर्द हवाएं कंपकंपी छुड़ा रही हैं। 15 दिनों से दिन में अधिकतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के करीब स्थिर है जबकि रात में पारा 10.5 से 12 डिग्री सेेल्सियस रिकॉर्ड हो रहा है। रविवार की रात पारा 12 डिग्री सेल्सियस था। मंगलवार की रात यह 10.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। दिन में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान का यह अंतर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान के इस उतारचढ़ाव से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और लोग आसानी से वायरल संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं।
अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. वीके धस्माना ने बताया कि इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा के मरीजों को होती है। बॉर्डर लाइन वाले मरीजों में अस्थमा उभर सकता है। फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि सर्दी-जुकाम के साथ एलर्जी ने भी पांव फैला रखे है। शरीर पर दाने निकलने की वजह भी यही है। उन मरीजों को भी सतर्कता बरतनी चाहिए जो ब्लड प्रेशर व डायबिटीज से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक अगर बुखार तीन दिन से अधिक समय तक ठीक न हो तो जांच कराएं। लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
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इन बातों का रखें ख्याल
दोपहर में हल्के ऊनी और शाम को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
पानी ज्यादा पीएं, संभव हो तो गुनगुना पानी पीने का प्रयास करें।
भोर में उम्रदराज लोग जॉगिंग से परहेज करें, बीपी की नियमित जांच कराएं।
कमरे में ब्लोअर और हीटर चलाने से बचें।
सफाई का विशेष ध्यान रखें, बाहर के खाने से परहेज करें।
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नवंबर के अंतिम दौर में दिन में चटक धूप लोगों को गर्मी का अहसास करा रही है तो शाम ढलते ही सर्द हवाएं कंपकंपी छुड़ा रही हैं। 15 दिनों से दिन में अधिकतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के करीब स्थिर है जबकि रात में पारा 10.5 से 12 डिग्री सेेल्सियस रिकॉर्ड हो रहा है। रविवार की रात पारा 12 डिग्री सेल्सियस था। मंगलवार की रात यह 10.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। दिन में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान का यह अंतर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान के इस उतारचढ़ाव से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और लोग आसानी से वायरल संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं।
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अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. वीके धस्माना ने बताया कि इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा के मरीजों को होती है। बॉर्डर लाइन वाले मरीजों में अस्थमा उभर सकता है। फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि सर्दी-जुकाम के साथ एलर्जी ने भी पांव फैला रखे है। शरीर पर दाने निकलने की वजह भी यही है। उन मरीजों को भी सतर्कता बरतनी चाहिए जो ब्लड प्रेशर व डायबिटीज से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक अगर बुखार तीन दिन से अधिक समय तक ठीक न हो तो जांच कराएं। लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
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इन बातों का रखें ख्याल
दोपहर में हल्के ऊनी और शाम को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
पानी ज्यादा पीएं, संभव हो तो गुनगुना पानी पीने का प्रयास करें।
भोर में उम्रदराज लोग जॉगिंग से परहेज करें, बीपी की नियमित जांच कराएं।
कमरे में ब्लोअर और हीटर चलाने से बचें।
सफाई का विशेष ध्यान रखें, बाहर के खाने से परहेज करें।