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एंटीबायोटिक का मनमाना इस्तेमाल करेगा लिवर को नुकसान
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बरेली। श्री राममूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज में मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रें स का रविवार को समापन हो गया। सेमिनार के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल पर व्याख्यान दिए।
कांफ्रेंस के पहले सत्र में डॉ. शरद जौहरी ने न्यूरोलॉजी से संबंधित रोगों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. सुमित सिंह ने तीव्र सिरदर्द और डॉ. शाह मोहम्मद फैसल ने दिमाग में कम रक्त प्रवाह होने के कारण होने वाले सिर दर्द के कारण और निवारण पर चर्चा की। द्वितीय सत्र में सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली से आए डॉ. प्रणव ईश ने गुर्दा रोग पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। एएमयू के डॉ. उवैस अशरफ ने पीलिया रोगियों के डायलिसिस के दौरान सावधानियां बताईं, इसके कारण रीनल कैंसर भी हो सकता है। तृतीय सत्र में नोएडा से आए डॉ. एसके चक्रवर्ती ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाइयों के प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। कहा, डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल न करें, इससे लिवर में दिक्कत हो सकती है। वाराणसी से आए डॉ. एके सिंह ने बढ़ती आयु में कमजोर हड्डियों के कारण लगने वाली चोटों और उनके इलाज के विषय में जानकारी दी। अलीगढ़ से आए डॉ. शोएब जहीर ने हॉल ही में विकसित हुई वैक्सीनों पर प्रकाश डाला। डॉ. सुदीप सरन ने भी एंटीबायोटिक के सही उपयोग पर चर्चा की। मेरठ से आई डॉ. आभा गुप्ता ने मियादी बुखार पर जानकारी दी। अंतिम सत्र में डॉक्टरोें को बताया गया कि मेडिको लीगल केस में इलाज के दौरान कानूनी पक्ष का भी ध्यान रखना चाहिए। अंत में पोस्टर प्रतियोगिता हुई, इसमें प्रथम पुरस्कार डॉ. सक्षम सेठ को दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक निदेशक आदित्य मूर्ति, प्राचार्य एसवी गुप्ता, डॉ. निर्मल यादव, डॉ. ललित सिंह, विनीत वर्मा, नितिन रस्तोगी, राघवेंद्र उपाध्याय, मयंक चित्रांशी आदि उपस्थित रहे।
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कांफ्रेंस के पहले सत्र में डॉ. शरद जौहरी ने न्यूरोलॉजी से संबंधित रोगों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. सुमित सिंह ने तीव्र सिरदर्द और डॉ. शाह मोहम्मद फैसल ने दिमाग में कम रक्त प्रवाह होने के कारण होने वाले सिर दर्द के कारण और निवारण पर चर्चा की। द्वितीय सत्र में सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली से आए डॉ. प्रणव ईश ने गुर्दा रोग पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। एएमयू के डॉ. उवैस अशरफ ने पीलिया रोगियों के डायलिसिस के दौरान सावधानियां बताईं, इसके कारण रीनल कैंसर भी हो सकता है। तृतीय सत्र में नोएडा से आए डॉ. एसके चक्रवर्ती ने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाइयों के प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। कहा, डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल न करें, इससे लिवर में दिक्कत हो सकती है। वाराणसी से आए डॉ. एके सिंह ने बढ़ती आयु में कमजोर हड्डियों के कारण लगने वाली चोटों और उनके इलाज के विषय में जानकारी दी। अलीगढ़ से आए डॉ. शोएब जहीर ने हॉल ही में विकसित हुई वैक्सीनों पर प्रकाश डाला। डॉ. सुदीप सरन ने भी एंटीबायोटिक के सही उपयोग पर चर्चा की। मेरठ से आई डॉ. आभा गुप्ता ने मियादी बुखार पर जानकारी दी। अंतिम सत्र में डॉक्टरोें को बताया गया कि मेडिको लीगल केस में इलाज के दौरान कानूनी पक्ष का भी ध्यान रखना चाहिए। अंत में पोस्टर प्रतियोगिता हुई, इसमें प्रथम पुरस्कार डॉ. सक्षम सेठ को दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक निदेशक आदित्य मूर्ति, प्राचार्य एसवी गुप्ता, डॉ. निर्मल यादव, डॉ. ललित सिंह, विनीत वर्मा, नितिन रस्तोगी, राघवेंद्र उपाध्याय, मयंक चित्रांशी आदि उपस्थित रहे।
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