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इस बार वायरल फीवर का सीधा असर लिवर और फेफड़ों पर, सावधान रहें

Fri, 01 Nov 2019 07:54 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 Nov 2019 07:54 PM IST
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Health
दिवाली के ऐन बाद शहर में वायरल फीवर का जोरदार हमला हुआ है। जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक बुखार के मरीजों की भरमार है। एकाएक रोगियों की संख्या बढ़ने की वजह से जिला अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे नजर आ रहे हैं। बुखार के मरीजों के एकाएक बढ़ने को अप्रत्याशित माना जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक इस बार इस मौसम में बुखार के मरीजों की संख्या पिछले साल की तुलना में न सिर्फ काफी ज्यादा बल्कि यह पहली बार है कि वायरल फीवर का सीधा असर फेफड़ों और जिगर पर हो रहा है। शहर के प्रमुख डॉक्टरों के मुताबिक इस बार वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तीस फीसदी तक ज्यादा है। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि आमतौर पर अगस्त से अक्तूबर के बीच वातावरण में अलग-अलग किस्म के वाइरस सक्रिय रहते हैं जो अक्तूबर के आखिर तक कमजोर पड़ने लगते हैं। लिहाजा यह भी हैरत की बात है कि इस बार वायरल फीवर के हमले की शुरुआत अक्तूबर के आखिर में हुई है।
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जिला अस्पताल में 50 फीसदी से ज्यादा मरीज वायरल पीड़ित
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर में बुखार का प्रकोप एकाएक बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। सर्वाधिक बुखार पीड़ित मरीज इसी हफ्ते अस्पताल पहुंचे हैं। अधिकारियों के मुताबिक जिला अस्पताल में इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या 50 फीसदी से भी ज्यादा है। पहले से तैयारी न होने की वजह से हालत यह हो गई है कि महिला और पुरुष मेडिकल वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया है। गुुरुवार को भी यही हाल देखने को मिला। इस बीच दो केस डेंगू के भी पहुंचे। इनमें से एक को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के अनुसार इन दिनों वायरल फीवर के केस ज्यादा आ रहे हैं। मौसम ठंडा होने के साथ वायरल कम होगा लेकिन फिलहाल इसका अच्छा-खासा प्रकोप दिखाई दे रहा है।
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मरीजों को संभालने में प्राइवेट अस्पतालों के भी पसीने छूटे
बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से प्राइवेट अस्पतालों के भी बेड फुल हो गए हैं। सुभाषनगर में स्टेशन रोड पर एक अस्पताल में बृहस्पतिवार को तीस फीसदी से ज्यादा मरीज वायरल फीवर के पीड़ित थे। इसी तरह रामपुर बाग में बच्चों के एक अस्पताल में भी वायरल पीड़ितों की भरमार दिखाई दी। रामपुर बाग के ही एक और अस्पताल में यही स्थिति दिखाई दी। कई डॉक्टरों ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से उन्हें अस्पताल में तय समय से ज्यादा वक्त बैठना पड़ रहा है। स्टाफ को भी आमतौर से ज्यादा समय करना पड़ रहा है।
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बुखार टीक होने के बाद भी प्लेटलेट्स कम होने की रफ्तार हैरतअंगेज
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार दो दिन बुखार आए तो ठीक होने के बाद भी इसे हल्के में लेने की भूल करना ठीक नहीं है। जरा सी लापरवाही मुसीबत में डाल सकती है क्योंकि यह काफी हैरानी की बात है कि इस बार बुखार उतरने के बाद भी मरीजों में बहुत तेजी से प्लेटलेट्स कम हो रही है और इस वजह से कई लोगों की जान तक जा चुकी है। डॉक्टरों की सलाह है कि बुखार आए तो तुरंत दिखाए। बुखार के बाद फेफड़े और लिवर में सूजन भी आ रही है जिसकी वजह से मरीज उल्टी और पेट दर्द की शिकायत कर रहे हैं।
इस बार वाइरस ज्यादा खतरनाक
फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के अनुसार हर साल वायरस नए रूप में आता है। करीब तीन साल पहले बुखार में लोगों के मुंह से खून आने लगता था। इस बार फेफड़ों और लिवर पर सूजन आ रही है। लिवर में एंजाइम भी काफी बढ़ा हुआ मिल रहा है। इससे भूख न लगने, खुजली और उल्टी होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि बुखार दो से तीन दिन में उतर जाता है लेकिन इसके बाद भी प्लेटलेट्स बहुत तेजी से कम होती है। अगर बुखार आए तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। एसी में सोने की भूल बिल्कुल न करें।
रेनो और एडीनो वायरस सक्रिय
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि खन्ना ने बताया कि इस मौसम में रेनो और एडीनो वायरस एक्टिव हैै। बच्चे इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उनके पास निमोनिया के भी केस आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम और ठंडा होने के बाद वाइरस कमजोर पड़ने लगेंगे और बुखार के केस भी कम हो जाएंगे लेकिन तब तक लोगों को काफी एहतियात बरतें की जरूरत है। चूंकि बुखार के बाद प्लेटलेट्स की संख्या बहुत तेजी से कम हो रही है तो इसलिए ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।


डेंगू से एएनएम की मौत
डेंगू का कहर जारी है। पिछले दिनों जिला अस्पताल में दो डॉक्टर इसकी चपेट में आ गए थे। अब एक महिला स्वास्थ्य कर्मी को डेंगू ने निगल लिया। चंपत भमोरा में तैनात सुभाषनगर की रहने वाली अल्का सक्सेना डेंगू की चपेट में आ गई थीं। उनका इलाज चल रहा था। बुधवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
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