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मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़
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बरेली। लिवर और किडनी में इंफेक्शन के मरीज की मौत पर गुस्साए परिजन ने अस्पताल में हंगामा कर तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंचे कोतवाल ने परिवार वालों को समझाकर शांत किया।
लिवर और किडनी में इंफेक्शन के चलते 22 जुलाई को मिशन अस्पताल में भर्ती कराए गए माधोबाड़ी निवासी 35 वर्षीय रानू कश्यप की शुक्रवार रात 8:15 बजे के बाद परिजन हंगामा करने लगे। कोतवाल गीतेश कपिल समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। रानू के साले सुमित कश्यप का आरोप है कि अस्पताल में लिवर का डॉक्टर न होने की उन्हें जानकारी नहीं दी गई। वह लखनऊ ले जाने को विधायक से चिट्ठी लिखवाकर लाए, मगर शाम तक रेफर नहीं किया गया। रात करीब आठ बजे डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए पांच लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा और 15 मिनट बाद मौत की बात कहने लगे। हालांकि, इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम या तहरीर दिए, शव को घर ले गए। मिशन के प्रशासक अमिताभ द्रोण का कहना है कि गंभीर हालत के बावजूद परिजन ने डायलिसिस और मरीज को वेंटिलेटर पर लेने से मना कर दिया। गुुरुवार को डॉ. हर्षदीप साहनी ने मरीज को देखा। रेफर करने के बावजूद भी मरीज को नहीं ले गए और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी।
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लिवर और किडनी में इंफेक्शन के चलते 22 जुलाई को मिशन अस्पताल में भर्ती कराए गए माधोबाड़ी निवासी 35 वर्षीय रानू कश्यप की शुक्रवार रात 8:15 बजे के बाद परिजन हंगामा करने लगे। कोतवाल गीतेश कपिल समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। रानू के साले सुमित कश्यप का आरोप है कि अस्पताल में लिवर का डॉक्टर न होने की उन्हें जानकारी नहीं दी गई। वह लखनऊ ले जाने को विधायक से चिट्ठी लिखवाकर लाए, मगर शाम तक रेफर नहीं किया गया। रात करीब आठ बजे डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए पांच लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा और 15 मिनट बाद मौत की बात कहने लगे। हालांकि, इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम या तहरीर दिए, शव को घर ले गए। मिशन के प्रशासक अमिताभ द्रोण का कहना है कि गंभीर हालत के बावजूद परिजन ने डायलिसिस और मरीज को वेंटिलेटर पर लेने से मना कर दिया। गुुरुवार को डॉ. हर्षदीप साहनी ने मरीज को देखा। रेफर करने के बावजूद भी मरीज को नहीं ले गए और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी।
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