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Bareilly News: दस लाख की बेची थी जमीन, दोस्तों पर लुटा रहा था रकम
Fri, 01 May 2026 11:21 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 01 May 2026 11:21 PM IST
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रायपुर हंस गांव निवासी इंद्रपाल की हत्या शायद कोई खुन्नस निकालने के लिए की गई। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उसको लगीं 315 बोर की तीन में से दो गोलियां आरपार हो गईं। एक गोली पीछे से मारी गई जो सीने में अंदर पसलियों में फंस गई। जबकि सीने की ओर से मारी गोली पीछे की ओर पार हो गई। हत्यारोपी शायद ये नहीं चाहते थे कि इंद्रपाल किसी सूरत में जिंदा बचे। हत्या की वजह स्पष्ट होने में अभी वक्त लगेगा। हालांकि, बीस दिन पहले बेची गई दस लाख रुपये की जमीन और पुराने मुकदमों की रंजिश को आधार बनाकर जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने गांव के लोगों से बात की तो पता चला कि इंद्रपाल की शादी नहीं हुई थी। उसके तीन और भाई हैं। बड़ा भाई परिवार सहित खटीमा में रहता है। बाकी सभी लोग गांव में रहते हैं। इंद्रपाल कहने के लिए अपने भाई उमेशपाल के साथ रहता था, लेकिन हकीकत में उमेश के घर से दो सौ मीटर दूर बाग में झोंपड़ी डाल रखी थी। उसी में वह रहता था।खुद ही झोंपड़ी में खाना भी बनाता था। चारों भाइयों की पुश्तैनी जमीन अभी बंटी नहीं थी। करीब 20 दिन पहले उसने 10 लाख रुपये में अपनी जमीन बेची थी।
ग्रामीणों ने बताया कि यह रकम उसने अपने खाते में डाल रखी थी। खाते से रुपये निकालकर अक्सर वह दोस्तों के साथ शराब पार्टी करता था। बताते हैं कि दूसरे भाई व उनके परिवार के लोग इससे खुश नहीं थे। खुद उमेश पाल से भी बोलचाल बंद थी। चर्चा है कि जमीन बेचने पर मिली रकम भी हत्या की वजह हो सकती है। पुराने मुकदमों की रंजिश को लेकर भी संदेह है। पुलिस ने उस युवक से भी पूछताछ शुरू की है जिसने बृहस्पतिवार रात झोंपड़ी में इंद्रपाल के साथ शराब पी थी।
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कुछ माह पहले जेल से छूटा था इंद्रपाल
इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि इंद्रपाल के खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज हैं। 20 जनवरी 2024 को गांव के ही दीपक ने उसके खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में वह कुछ माह पहले ही जेल से छूट कर आया था। इंद्रपाल के भाई उमेश पाल पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। मादक पदार्थ तस्करी के मामले भी दर्ज थे।
कटरी के तिहरे हत्याकांड कांड के आरोपी सुरेश प्रधान से भी थी रंजिश
इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि इंद्रपाल कटरी कांड के आरोपी सुरेश प्रधान उर्फ सुरेश पाल सिंह तोमर से भी रंजिश मानता था। दो माह पूर्व सुरेश प्रधान व उसके साथियों पर इंद्रपाल के परिवार ने मामला दर्ज कराया गया था। आरोप था कि इंद्रपाल के परिवार की लड़की को सुरेश प्रधान का रिश्तेदार फुसलाकर ले गया था। आरोपियों ने बुखारा रोड स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास लड़की ले जाने के लिए बुलाया। आरोप था कि लड़की वाले पहुंचे तो वहां मौजूद रायपुर हंस गांव निवासी ऋषि पाल व उसके लड़के सर्वेश, संगम, विकास व सुरेशपाल सिंह तोमर, सारीपुर गांव निवासी पोथीराम फौजी और क्यारा गांव निवासी सर्वेश्वर ने उन्हें घेर लिया। जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने लड़की को ढूंढकर उसे न्यायालय में पेश किया। लड़की ने अपनी सहमति से विकास से शादी करने की बात न्यायालय में स्वीकार की तो उसे विकास के साथ भेज दिया गया। लड़की वालों की तरफ से दर्ज कराए मुकदमे को पुलिस ने खत्म कर दिया था। तब से इंद्रपाल और विकास पक्ष में तनाव था।
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पुलिस अधिकारियों ने गांव के लोगों से बात की तो पता चला कि इंद्रपाल की शादी नहीं हुई थी। उसके तीन और भाई हैं। बड़ा भाई परिवार सहित खटीमा में रहता है। बाकी सभी लोग गांव में रहते हैं। इंद्रपाल कहने के लिए अपने भाई उमेशपाल के साथ रहता था, लेकिन हकीकत में उमेश के घर से दो सौ मीटर दूर बाग में झोंपड़ी डाल रखी थी। उसी में वह रहता था।खुद ही झोंपड़ी में खाना भी बनाता था। चारों भाइयों की पुश्तैनी जमीन अभी बंटी नहीं थी। करीब 20 दिन पहले उसने 10 लाख रुपये में अपनी जमीन बेची थी।
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ग्रामीणों ने बताया कि यह रकम उसने अपने खाते में डाल रखी थी। खाते से रुपये निकालकर अक्सर वह दोस्तों के साथ शराब पार्टी करता था। बताते हैं कि दूसरे भाई व उनके परिवार के लोग इससे खुश नहीं थे। खुद उमेश पाल से भी बोलचाल बंद थी। चर्चा है कि जमीन बेचने पर मिली रकम भी हत्या की वजह हो सकती है। पुराने मुकदमों की रंजिश को लेकर भी संदेह है। पुलिस ने उस युवक से भी पूछताछ शुरू की है जिसने बृहस्पतिवार रात झोंपड़ी में इंद्रपाल के साथ शराब पी थी।
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कुछ माह पहले जेल से छूटा था इंद्रपाल
इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि इंद्रपाल के खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज हैं। 20 जनवरी 2024 को गांव के ही दीपक ने उसके खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में वह कुछ माह पहले ही जेल से छूट कर आया था। इंद्रपाल के भाई उमेश पाल पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। मादक पदार्थ तस्करी के मामले भी दर्ज थे।
कटरी के तिहरे हत्याकांड कांड के आरोपी सुरेश प्रधान से भी थी रंजिश
इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि इंद्रपाल कटरी कांड के आरोपी सुरेश प्रधान उर्फ सुरेश पाल सिंह तोमर से भी रंजिश मानता था। दो माह पूर्व सुरेश प्रधान व उसके साथियों पर इंद्रपाल के परिवार ने मामला दर्ज कराया गया था। आरोप था कि इंद्रपाल के परिवार की लड़की को सुरेश प्रधान का रिश्तेदार फुसलाकर ले गया था। आरोपियों ने बुखारा रोड स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास लड़की ले जाने के लिए बुलाया। आरोप था कि लड़की वाले पहुंचे तो वहां मौजूद रायपुर हंस गांव निवासी ऋषि पाल व उसके लड़के सर्वेश, संगम, विकास व सुरेशपाल सिंह तोमर, सारीपुर गांव निवासी पोथीराम फौजी और क्यारा गांव निवासी सर्वेश्वर ने उन्हें घेर लिया। जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने लड़की को ढूंढकर उसे न्यायालय में पेश किया। लड़की ने अपनी सहमति से विकास से शादी करने की बात न्यायालय में स्वीकार की तो उसे विकास के साथ भेज दिया गया। लड़की वालों की तरफ से दर्ज कराए मुकदमे को पुलिस ने खत्म कर दिया था। तब से इंद्रपाल और विकास पक्ष में तनाव था।