फरीदपुर टोल प्लाजा: प्रतिदिन छह लाख रुपये घाटे की वजह से गुरुग्राम की कंपनी ने छोड़ दिया अनुबंध
कंपनी ने 12 अप्रैल को टोल टैक्स लेना शुरू किया और 14 अप्रैल को टेंडर सरेंडर कर दिया। अब एनएचएआई नई कंपनी का चयन करेगी। इसके लिए टेंडर निकाले गए हैं।
विस्तार
बरेली में गुरुग्राम की रणछोड़ इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के फरीदपुर टोल प्लाजा का अनुबंध छह लाख रुपये प्रतिदिन के घाटे की वजह से छोड़ दिया। निजी कंपनी को टोल टैक्स वसूलकर 34 लाख रुपये प्रतिदिन एनएचएआई के पास जमा कराना था, लेकिन वह 28 लाख रुपये प्रतिदिन ही वसूल सकी।
कंपनी ने 12 अप्रैल को टोल टैक्स लेना शुरू किया और 14 अप्रैल को टेंडर सरेंडर कर दिया। अब एनएचएआई नई कंपनी का चयन करेगी। इसके लिए टेंडर निकाले गए हैं। एक महीने में दूसरी कंपनी का चयन होगा, तब तक घाटा सहते हुए कंपनी को टोल के संचालन का निर्देश दिया गया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बीपी पाठक ने बताया कि वस्तु स्थिति से मुख्यालय को अवगत कराया गया है। टोल पर आम जनता के लिए कोई असर नहीं है। टोल टैक्स वसूली के लिए कंपनी का बदलाव एक प्रक्रिया का हिस्सा है।
यह रही घाटे की वजह
जब टोल नहीं लगा था, अधिकतर वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग से ही गुजरते थे। टोल लगने के बाद से बदायूं से आने वाले वाहन लाल फाटक से रास्ता बदल देते हैं। बुखारा होते हुए फरीदपुर टोल प्लाजा से आगे निकल जाते हैं। इससे उनका टोल बच जाता है और एनएचएआई को चूना लगता है। लाल फाटक से बुखारा होते हुए फरीदपुर से आगे निकलने वाली सड़क लोक निर्माण विभाग की है। जब से टोल चालू हुआ है, इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ा है।