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UP News: जाली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, कॉलेज का शिक्षक और उसका भाई गिरफ्तार

Thu, 08 May 2025 10:48 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 08 May 2025 10:48 AM IST
सार

एसटीएफ अयोध्या ने बरेली एसटीएफ के साथ बदायूं रोड स्थित देवचरा में एक इंटरनेट कैफे पर छापा मारा। टीम ने यहां से खेड़ा गांव निवासी देव कुमार और उसके भाई रवि कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों ने जाली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का गिरोह चलाते हैं। 

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Gang making fake birth-death certificates busted in Bareilly
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में एसटीएफ ने फर्जी वेबसाइट, पोर्टल और सॉफ्टवेयर के जरिये जाली जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह चला रहे इंटर कॉलेज के शिक्षक और उसके भाई को गिरफ्तार कर उनसे 26 जन्म, चार मृत्यु प्रमाणपत्र, दो लैपटॉप, एक आधार कार्ड, डेबिट कार्ड व दो हजार रुपये बरामद किए हैं।  

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एसटीएफ को काफी समय से फर्जी वेबसाइट, पोर्टल और सॉफ्टवेयर के जरिये जाली जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने और इनका विभिन्न योजनाओं के साथ पासपोर्ट, बैनामा, वसीयतनामा आदि में इस्तेमाल करने की सूचनाएं मिल रही थीं। डीएसपी एसटीएफ प्रमेश शुक्ला ने इसके खुलासे के लिए कई टीमें लगा रखी थीं। इस बीच, एसटीएफ अयोध्या की टीम को थाना भमोरा के कस्बा देवचरा से तार जुड़े होने की सूचना मिली। मंगलवार को एसआई सौरभ मिश्रा के साथ अयोध्या से एसटीएफ टीम बरेली पहुंची। यहां एसटीएफ की स्थानीय यूनिट और भमोरा पुलिस के साथ मंगलवार शाम सात बजे देवचरा में दिलजीत इंटरनेट कैफे पर छापा मारा।
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लैपटॉप में कई फर्जी वेबसाइट के लिंक मिले 
एसटीएफ ने सगे भाइयों रवि सिंह और देव सिंह को हिरासत में लेने के साथ दो लैपटॉप कब्जे में ले लिए। कैफे से 26 जन्म व चार मृत्यु प्रमाणपत्र भी बरामद हुए। छानबीन में पता चला कि ये जाली हैं। लैपटॉप में कई फर्जी वेबसाइट और पोर्टल के लिंक भी मिले। ये सरकारी वेबसाइटों से मिलते-जुलते थे। इंस्पेक्टर भमोरा आरके शर्मा ने बताया कि दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

तीन साल में 28.10 लाख हजम कर गए
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जाली जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर रवि और देव ने 28.10 लाख रुपये कमाए हैं। फर्जी पोर्टल से जो बैंक अकाउंट लिंक पाया गया है, उसमें तीन साल के दौरान यह रकम जमा हुई है। आशंका है कि फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा था। इस दौरान हजारों जाली जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जा चुके हैं।

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इतिहास का शिक्षक है देव 
भाई के साथ जाली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का रैकेट चलाने वाला देव सिंह राम भरोसे इंटर कॉलेज में इतिहास का शिक्षक है। दोनों भाई शौक पूरा करने के लिए गिरोह चला रहे थे। कस्बे में भी उन्होंने तमाम लोगों के लिए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए हैं। आवेदन फर्जी पोर्टल पर कराए जाते थे। पोर्टल पर ही रकम जमा होती थी और पोर्टल से ही प्रमाणपत्र डाउनलोड हो जाता था। ऐसे में किसी को शक भी नहीं होता था।


 
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