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तस्करी का माल बेच रहे तेल कारोबारियों में हड़कंप
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श्यामगंज मंडी से नेपाली खाद्य तेल हटाओ.. देहात में खपाओ
करोड़ों रुपये का गोदाम में भरा स्टाक क्लीयर करने को जुटे
बरेली। श्यामगंज मंडी में करोड़ों रुपये का नेपाल से आयातित खाद्य तेल जमा स्टाक क्लीयर करने के लिए परेशान हो रहे हैं। क्योंकि कभी भी जिला प्रशासन अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसलिए संबंधित व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने गोदाम में भरा स्टाक तहसील और देहातों में खपाने की कवायद में जुट गए हैं। उधर, एफएसडीए विभाग भी नेपाली खाद्य तेल कारोबार और व्यापारिक गतिविधियोें पर निगरानी रखे हुए है।
पिछले एक साल में नेपाल से आयातित खाद्य तेल ने लोकल कारोबार चौपट कर दिया है। स्थानीय छोटे-छोटे उत्पादक व्यापारियों का कारोबार तो बंद जैसी स्थिति में आ गया है। पिछले दिनों गोपनीय जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त संजय पांडे के निर्देशन में जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने छापे लगाए थे। इस छापा कार्रवाई में नेपाली खाद्य तेल का स्टाक पकड़ा गया था, छापा टीम ने इसके सैंपल भरकर लैब भेज दिए हैं। जानकारों का कहना है कि विदेशी यानी नेपाली खाद्य तेल की लैब रिपोर्ट किसी भी कारोबारी के पास नहीं है इसलिए लैब से सैंपल फेल हुए तो बड़ी कार्रवाई संभव है। इससे परेशान स्टाकिस्ट नेपाल से आयातित खाद्य तेल अपने गोदामों से हटाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने गांव और गली में फैले रिटेलर से शुक्रवार पूरे दिन संपर्क किया और उधार में ही नेपाली तेल ले जाने को कहा। स्टाकिस्टों ने उधार के साथ ही ट्रांसपोर्ट सुविधा भी देने का ऑफर दिए हैं।
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करोड़ों रुपये का गोदाम में भरा स्टाक क्लीयर करने को जुटे
बरेली। श्यामगंज मंडी में करोड़ों रुपये का नेपाल से आयातित खाद्य तेल जमा स्टाक क्लीयर करने के लिए परेशान हो रहे हैं। क्योंकि कभी भी जिला प्रशासन अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसलिए संबंधित व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने गोदाम में भरा स्टाक तहसील और देहातों में खपाने की कवायद में जुट गए हैं। उधर, एफएसडीए विभाग भी नेपाली खाद्य तेल कारोबार और व्यापारिक गतिविधियोें पर निगरानी रखे हुए है।
पिछले एक साल में नेपाल से आयातित खाद्य तेल ने लोकल कारोबार चौपट कर दिया है। स्थानीय छोटे-छोटे उत्पादक व्यापारियों का कारोबार तो बंद जैसी स्थिति में आ गया है। पिछले दिनों गोपनीय जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त संजय पांडे के निर्देशन में जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने छापे लगाए थे। इस छापा कार्रवाई में नेपाली खाद्य तेल का स्टाक पकड़ा गया था, छापा टीम ने इसके सैंपल भरकर लैब भेज दिए हैं। जानकारों का कहना है कि विदेशी यानी नेपाली खाद्य तेल की लैब रिपोर्ट किसी भी कारोबारी के पास नहीं है इसलिए लैब से सैंपल फेल हुए तो बड़ी कार्रवाई संभव है। इससे परेशान स्टाकिस्ट नेपाल से आयातित खाद्य तेल अपने गोदामों से हटाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने गांव और गली में फैले रिटेलर से शुक्रवार पूरे दिन संपर्क किया और उधार में ही नेपाली तेल ले जाने को कहा। स्टाकिस्टों ने उधार के साथ ही ट्रांसपोर्ट सुविधा भी देने का ऑफर दिए हैं।
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