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अधिवक्ता हरीश भाटिया पर धोखाधड़ी के तीन और केस

Mon, 17 Oct 2022 02:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 02:30 AM IST
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fraud case on advocate harish bhatia
बरेली। क्लेम के लिए गलत वाहन को केस में शामिल करने के आरोप में लखनऊ एसआईटी ने जांच के बाद बरेली के वकील हरीश भाटिया, उनके बेटे और साथी अधिवक्ता समेत दस लोगों के खिलाफ रविवार को कोतवाली में तीन और केस दर्ज कराए हैं। हरीश भाटिया पर इससे पहले भी एक केस दर्ज कराया जा चुका है।
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लखनऊ एसआईटी के एसआई युगुल किशोर चंद्र की ओर से कोतवाली में दर्ज कराए गए तीनों केसों में सड़क दुघर्टना बीमा का क्लेम लेने के लिए डेलापीर निवासी अधिवक्ता हरीश भाटिया, उनके बेटे गौरव भाटिया, मढ़ीनाथ निवासी कैलाश चंद्र वर्मा एडवोकेट समेत दस लोगों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है।
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एक मामला रामपुर के थाना कैमरी के गांव दनकरी मुड़िया निवासी हरीश कुमार सिंह उर्फ हरी सिंह और वाहन स्वामी पीलीभीत निवासी जितेंद्र के खिलाफ दर्ज कराया गया है। आरोप है कि हरीश कुमार ने अधिवक्ता हरीश भाटिया के जरिए एक्सीडेंट क्लेम लेने के लिए 13 फरवरी 2015 को कोर्ट में आवेदन किया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। दूसरे मामले में मदनापुर (शाहजहांपुर) के रजपुरा निवासी मोइद खां उर्फ राजा, परतापुर जीवन सहाय इज्जतनगर के वाहन स्वामी हाशिम खान समेत अधिवक्ता हरीश भाटिया, उनके बेटे गौरव भाटिया और मढ़ीनाथ के कैलाश चंद्र शर्मा एडवोकेट को नामजद किया गया है। इसमें मोइद खां ने क्लेम के लिए अर्जी दी थी। यह केस भी कोर्ट में खारिज कर दिया था।
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तीसरे मामले में भुता के गांव सिसइया निवासी सर्वेश कुमार, ग्राम म्यूड़ी खुर्द के भगवान दास पटेल और लेखराज पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सर्वेश ने 25 नवंबर 2014 को भुता में हुई सड़क दुर्घटना का क्लेम लेने के लिए आवेदन किया था। इसकी जांच में भी बीमा कंपनी से क्लेम लेने के लिए फर्जीवाड़ा होने की बात सामने आई है।

उधर, हरीश भाटिया का कहना है कि कई केस 2014 और 2016 में खारिज हो गए और सुबूत न जुटा पाने की वजह से क्लाइंट को क्लेम नहीं मिल पाया। कोर्ट ने अपने आदेश में न यह कहा कि फर्जी तरीके से क्लेम लेने का प्रयास किया गया है न जांच के आदेश दिए हैं। अचानक पांच-छह साल बाद सीधे केस दर्ज करा दिए गए हैं। एक बीमा कंपनी के वकील के कहने पर रकम ऐंठने के लिए यह सब किया जा रहा है।
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