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मंडी समिति से गेटपास बुकलेट ‘गायब’
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बरेली। मंडी परिषद विभिन्न गड़बड़ियों और कारनामों में आगे ही रहता है। इस बार कथित तौर पर गायब हुई सौ पन्नों की गेटपास बुकलेट को लेकर परिषद चर्चा में आ गया है। मंडी मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लेते जांच शुरू करा दी है। तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
नए उपनिदेशक (प्रशासन) की तैनाती के बाद ही माना जा रहा था कि कभी भी कोई भी कारनामा बरेली मंडल में संभव है। पिछले दिनों रिश्वतखोरी के चलते एक लिपिक पर कार्रवाई हुई थी। इसकी शिकायत केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने की थी। अब मंडी निरीक्षक जगवीर सिंह को इश्यू सौ पन्नों की मंडी गेटपास बुकलेट ‘गायब’ होने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि मंडी स्टाफ ने इस बुकलेट के सहारे लाखों रुपये का गोलमाल किया है। मामला चर्चा में आने से पहले ही बारादरी थाने में तहरीर दे दी। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया तो मंडी निदेशक कार्यालय तक हड़कंप मच गया। अपर निदेशक कुमार विनीत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उप निदेशक शिवमंगल सिंह चंदेल को आड़े हाथों लिया और तीन दिन में जांच आख्या देने कोे कहा है।
मुख्यालय से लगी फटकार के बाद मंडी निरीक्षक जगवीर सिंह के नाम जारी हुई ‘गायब’ हुई गेटपास बुकलेट तलाशने के लिए स्टाफ शहर में कई जगह दौड़ने लगा, लेकिन मंगलवार शाम तक बुकलेट नहीं मिली। उधर, अफसर अपना दामन बचाने के लिए मुख्यालय को भ्रामक रिपोर्ट देने की तैयारी में लगे हैं।
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नए उपनिदेशक (प्रशासन) की तैनाती के बाद ही माना जा रहा था कि कभी भी कोई भी कारनामा बरेली मंडल में संभव है। पिछले दिनों रिश्वतखोरी के चलते एक लिपिक पर कार्रवाई हुई थी। इसकी शिकायत केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने की थी। अब मंडी निरीक्षक जगवीर सिंह को इश्यू सौ पन्नों की मंडी गेटपास बुकलेट ‘गायब’ होने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि मंडी स्टाफ ने इस बुकलेट के सहारे लाखों रुपये का गोलमाल किया है। मामला चर्चा में आने से पहले ही बारादरी थाने में तहरीर दे दी। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया तो मंडी निदेशक कार्यालय तक हड़कंप मच गया। अपर निदेशक कुमार विनीत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उप निदेशक शिवमंगल सिंह चंदेल को आड़े हाथों लिया और तीन दिन में जांच आख्या देने कोे कहा है।
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मुख्यालय से लगी फटकार के बाद मंडी निरीक्षक जगवीर सिंह के नाम जारी हुई ‘गायब’ हुई गेटपास बुकलेट तलाशने के लिए स्टाफ शहर में कई जगह दौड़ने लगा, लेकिन मंगलवार शाम तक बुकलेट नहीं मिली। उधर, अफसर अपना दामन बचाने के लिए मुख्यालय को भ्रामक रिपोर्ट देने की तैयारी में लगे हैं।
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