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फर्जी बिल लगाकर कृषि विभाग के बाबू ने किया लाखों का गोलमाल
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बरेली। कृषि विभाग के एक बाबू ने खरीदारी के फर्जी बिल दिखाकर लाखों का गोलमाल कर डाला। इस खरीदारी का न तो कोई टेंडर हुआ और न ही शासन से अनुमति ली गई। अब मामले की शिकायत सीडीओ समेत अन्य आला अधिकारियों तक पहुंची है। मामला चर्चा में आने के बाद कृषि विभाग के बाबुओं में खलबली मची हुई है।
आरोप है कि कृषि विभाग के एक बाबू ने 31 मार्च 10 लाख 45 हजार रुपये के खरीदारी के फर्जी बिल लगाकर पैसे ट्रांसफर करा लिए। इस खरीदारी का न तो टेंडर किया गया और न ही निदेशालय से अनुमति ली गई। यह पैसा अलग-अलग नाम से खातों में भेजा गया। आरोप है कि यह सामान खरीदा ही नहीं गया, सिर्फ फर्जी बिल काटकर भुगतान करा दिया गया। शिकायत में यह कहा कि एक कर्मचारी के खाते में 23.7 लाख रुपये डालकर सरकारी पैसे का गबन कर लिया। अब मामले की शिकायत सीडीओ, जेडीए, डीडीए पीपी, डीडीए एसी को शिकायत भेजी गई। सबूत के तौर पर लेनदेन की सारी रसीदें भी भेजी गई हैं। सूत्रों की माने तो बाबू इससे पहले भी कई घपले कर चुका है। शिकायत होने के बाद मामले की जांच भी अंदरखाने शुरू हो गई है।
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आरोप है कि कृषि विभाग के एक बाबू ने 31 मार्च 10 लाख 45 हजार रुपये के खरीदारी के फर्जी बिल लगाकर पैसे ट्रांसफर करा लिए। इस खरीदारी का न तो टेंडर किया गया और न ही निदेशालय से अनुमति ली गई। यह पैसा अलग-अलग नाम से खातों में भेजा गया। आरोप है कि यह सामान खरीदा ही नहीं गया, सिर्फ फर्जी बिल काटकर भुगतान करा दिया गया। शिकायत में यह कहा कि एक कर्मचारी के खाते में 23.7 लाख रुपये डालकर सरकारी पैसे का गबन कर लिया। अब मामले की शिकायत सीडीओ, जेडीए, डीडीए पीपी, डीडीए एसी को शिकायत भेजी गई। सबूत के तौर पर लेनदेन की सारी रसीदें भी भेजी गई हैं। सूत्रों की माने तो बाबू इससे पहले भी कई घपले कर चुका है। शिकायत होने के बाद मामले की जांच भी अंदरखाने शुरू हो गई है।
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