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फतेहगंज पूर्वी की पूर्व चेयरमैन के खिलाफ सरकारी रकम गबन करने का मुकदमा दर्ज
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फतेहगंज पूर्वी। 54 लाख गबन की आरोपी पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेगम के खिलाफ शुक्रवार रात रिपोर्ट दर्ज की गई। अधिशासी अधिकारी रतन कुमार पांडेय ने सरकारी रकम गबन के आरोप में रिपोर्ट कराई है। शनिवार को एसआई विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम उनके आवास पर पहुंची लेकिन वह नहीं मिलीं। इसके बाद टीम नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर घोटाले से जुड़े अभिलेखों की जांच की।
समाजवादी पार्टी के शासनकाल में 2013 में नगर पंचायत के कई सदस्यों ने तत्कालीन चेयरमैन किश्वरी बेगम पर वित्तीय अनियमितताएं करने का आरोप लगाते हुए लाखों रुपये गबन करने की शिकायत की थी। तत्कालीन डीएम के आदेश पर मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम फरीदपुर प्रशासन शर्मा ने की थी। जांच पूरी करने के बाद उन्होंने नगर पंचायत सदस्यों के आरोपों की पुष्टि करते हुए किश्वरी बेगम पर कार्रवाई की संस्तुति के साथ अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। किश्वरी बेगम के आग्रह पर मामले की रामपुर के डीएम से दोबारा जांच कराई गई। उन्होंने भी अपनी जांच में आरोपों को सही पाया। इसके बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। बताया जाता है कि किश्वरी बेगम के सपा नेता शब्बीर अहमद ने जोड़तोड़ कर जांच रिपोर्ट को शासन स्तर पर ही दबवा दिया। करीब तीन साल तक रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सत्ता बदलने के बाद हाल ही में यह जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत होने के बाद फिर बाहर आई। इसके बाद शासन ने डीएम को किश्वरी बेगम की ओर से की गई गड़बड़ियों से नगर पंचायत को हुई वित्तीय क्षति का आकलन कर उसकी रिकवरी का आदेश दिया था। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार को एसआई विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम किश्वरी बेगम के घर पूछताछ में पहुंची लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद टीम नगर पंचायत कार्यालय पहुंची। जहां नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर घोटाले से जुडे़ दस्तावेज मांगें और उन्हें खंगाला।
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समाजवादी पार्टी के शासनकाल में 2013 में नगर पंचायत के कई सदस्यों ने तत्कालीन चेयरमैन किश्वरी बेगम पर वित्तीय अनियमितताएं करने का आरोप लगाते हुए लाखों रुपये गबन करने की शिकायत की थी। तत्कालीन डीएम के आदेश पर मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम फरीदपुर प्रशासन शर्मा ने की थी। जांच पूरी करने के बाद उन्होंने नगर पंचायत सदस्यों के आरोपों की पुष्टि करते हुए किश्वरी बेगम पर कार्रवाई की संस्तुति के साथ अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। किश्वरी बेगम के आग्रह पर मामले की रामपुर के डीएम से दोबारा जांच कराई गई। उन्होंने भी अपनी जांच में आरोपों को सही पाया। इसके बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। बताया जाता है कि किश्वरी बेगम के सपा नेता शब्बीर अहमद ने जोड़तोड़ कर जांच रिपोर्ट को शासन स्तर पर ही दबवा दिया। करीब तीन साल तक रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सत्ता बदलने के बाद हाल ही में यह जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत होने के बाद फिर बाहर आई। इसके बाद शासन ने डीएम को किश्वरी बेगम की ओर से की गई गड़बड़ियों से नगर पंचायत को हुई वित्तीय क्षति का आकलन कर उसकी रिकवरी का आदेश दिया था। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार को एसआई विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम किश्वरी बेगम के घर पूछताछ में पहुंची लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद टीम नगर पंचायत कार्यालय पहुंची। जहां नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर घोटाले से जुडे़ दस्तावेज मांगें और उन्हें खंगाला।
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