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चार प्रमुख जमातें.. जिले के चप्पे-चप्पे पर फैले जमाती
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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बरेली। देश भर में कोरोना संक्रमण फैलाने वाली तब्लीगी जमात के साथ चार प्रमुख जमातें हैं जो देश के कोने-कोने में काम कर रही हैं। इन चारों जमातों का बरेली में भी अच्छा-खासा वर्चस्व है लेकिन तब्लीगी जमात का दबदबा सबसे ज्यादा है। चारों जमातों का आपस में कोई खास ताल्लुक नहीं है, हालांकि ये चारों जमात बरेली के सुन्नी मरकज से अलग अपनी गतिविधियां चला रही हैं।
बरेली में तब्लीगी जमात के हैं
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बरेली में तब्लीगी जमात के हैं
15 हजार से ज्यादा जमाती
सुन्नी मरकज का केंद्र होने के बावजूद बरेली में तब्लीगी जमात का जो वजूद है, उस पर किसी को भी हैरत हो सकती है। इस जमात से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिले भर में उसके 15 हजार से ज्यादा जमाती हैं जो पूरे साल तब्लीगी सेंटरों की हिदायतों के मुताबिक धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। इस जमात के छोटे-बड़े जलसे भी साल भर चलते रहते हैं। तब्लीगी जमात मौलाना इलियास नाम के शख्स लगभग सौ साल पहले कायम की थी। कुछ समय पहले इस जमात के दो फाड़ हो चुके हैं। मुख्य जमात का अगुवा वही मौलाना साद है जो दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से कोरोना संक्रमण फैलने का मामला सामने आने के बाद भूमिगत हो गया है। बरेली में तब्लीगी जमात का सेंटर आजमनगर की खिन्नी वाली मस्जिद में है।
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आदिवासियों की आईडी पर निकले थे जमातियों के सिम
निजामुद्दीन मरकज में हुए जलसे के बाद इसमें शामिल हुए तब्लीग के जमातियों की देश भर में धरपकड़ शुरू हुई तो पता चला था कि इन जमातियों में तमाम के मोबाइल के सिम हिंदू और आदिवासियों की आईडी पर जारी हुए थे। एक ऐसा केस बरेली के भुता में भी मिला था। निजामुद्दीन मरकज से मिली लिस्ट के मुताबिक यह शख्स गाजियाबाद के पते पर रहने वाला था लेकिन उसका सिम भुता के एक हिंदू व्यक्ति की आईडी पर जारी हुआ था।
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