{"_id":"6542b1c6f7ec1967bb0724ef","slug":"for-shri-ram-everyone-is-his-own-no-one-is-alien-bareilly-news-c-4-noi1138-279056-2023-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: श्रीराम के लिए सभी अपने, कोई पराया नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: श्रीराम के लिए सभी अपने, कोई पराया नहीं
Thu, 02 Nov 2023 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 02 Nov 2023 01:45 AM IST
विज्ञापन
बरेली। रामपुर बाग स्थित आनंद आश्रम में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ बुधवार को हुआ। पहले दिन कथा व्यास पंडित ब्रजेश पाठक ने कहा कि श्रीराम के लिए कोई भी पराया नहीं, उनके लिए सभी अपने हैं। उन्होंने निरंतर वंचितों को स्वीकार किया।
व्यास ने कहा कि प्रभु श्रीराम की वन यात्रा वास्तव में जन-जन को जोड़ने वाली है। यात्रा के प्रारंभ में वह निषादराज से संबंध जोड़ते हैं। उसके बाद वानर सुग्रीव को अपनाते हैं और राक्षस विभीषण को भी गले लगाते हैं। रामायण में जो गौरव कौशल्या और दशरथ को प्राप्त नहीं हुआ, वह शबरी और जटायु को प्राप्त हुआ।
वास्तव में रामचरितमानस को विश्वविद्यालयों में बैठकर नहीं समझा जा सकता। इसके लिए तो मन में श्रद्धा, सत्संग और भगवान राम के चरणों में प्रीति आवश्यक है। अनिल कुमार गुप्ता ने व्यास पीठ पर माल्यार्पण किया। इस दौरान नरसिंह मोदी, रामनिवास शर्मा, राजेंद्र कुमार, वीरेंद्र मिश्रा, रामपाल उपस्थित रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
व्यास ने कहा कि प्रभु श्रीराम की वन यात्रा वास्तव में जन-जन को जोड़ने वाली है। यात्रा के प्रारंभ में वह निषादराज से संबंध जोड़ते हैं। उसके बाद वानर सुग्रीव को अपनाते हैं और राक्षस विभीषण को भी गले लगाते हैं। रामायण में जो गौरव कौशल्या और दशरथ को प्राप्त नहीं हुआ, वह शबरी और जटायु को प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
वास्तव में रामचरितमानस को विश्वविद्यालयों में बैठकर नहीं समझा जा सकता। इसके लिए तो मन में श्रद्धा, सत्संग और भगवान राम के चरणों में प्रीति आवश्यक है। अनिल कुमार गुप्ता ने व्यास पीठ पर माल्यार्पण किया। इस दौरान नरसिंह मोदी, रामनिवास शर्मा, राजेंद्र कुमार, वीरेंद्र मिश्रा, रामपाल उपस्थित रहे। संवाद
विज्ञापन