पशुधन मंत्री का रास्ता रोकना पड़ा भारी: काफिले के आगे खड़े कर दिए थे सैकड़ों छुट्टा पशु, 90 लोगों पर रिपोर्ट
गांव पिपरिया उपराला में ग्रामीणों ने 17 अगस्त को सैकड़ों छुट्टा पशुओं को सड़क पर खड़ा कर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का रास्ता रोक दिया था। इस मामले में पशु चिकित्सा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की ली है।
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बरेली के सिरौली क्षेत्र में सड़क पर छुट्टा पशुओं को खड़ा कर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का रास्ता रोकने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने इस मामले में 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस की कार्रवाई से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों में खलबली है।
17 अगस्त को पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह एवं विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे जिले के आला अफसरों के साथ गांव गुरगांव मुस्तकिल में पशु पॉली क्लीनिक का शिलान्यास करने जा रहे थे। इसकी सूचना पर सैकड़ों ग्रामीणों ने इलाके के छुट्टा गोवंशीय पशु एकत्र कर गांव पिपरिया उपराला में मार्ग पर खड़े कर दिए थे। जानकारी होने पर अफसरों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने एसडीएम से धक्कामुक्की कर दी।
मंत्री ने संभालना पड़ा था मोर्चा
पॉली क्लीनिक का शिलान्यास करने जा रहे पशुधन मंत्री का काफिला भी फंस गया था। स्थिति को भांपकर कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार से उतरकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच जाकर मोर्चा संभाला। मंत्री ने लोगों को उनकी समस्या का स्थायी समाधान कराने का आश्वासन देकर मार्ग खुलवाया। इसके बाद पशुधन मंत्री का काफिला रवाना हुआ।
इस मामले में पिपरिया के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजय कुमार वर्मा की ओर से थाने में तहरीर दी गई। जिसके आधार पर पुलिस ने पशुधन मंत्री का रास्ता रोकने वाले 90 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि मामले में कोई नामजद नहीं है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।