{"_id":"59c418ab4f1c1b91688b5e2b","slug":"filled-with-ambulance-hospitalized-pregnant-with-bike","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस में खत्म हुआ ईधन, गर्भवती को बाइक पर ले गए अस्पताल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस में खत्म हुआ ईधन, गर्भवती को बाइक पर ले गए अस्पताल
बरेली
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:23 AM IST
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अफसर तो दावा कर रहे हैं एंबुलेंसों के लिए डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ ही समय बाद मझगवां के सरकारी अस्पताल में बृहस्पतिवार को दूसरी बार ऐसा हुआ जब गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस डीजल न होने के कारण उपलब्ध नहीं सकी। महिला के पति को मजबूरी में उसे बाइक पर अस्पताल लाना पड़ा। तीन महीने पहले ही डीजल न होने के कारण एक अन्य गर्भवती को एंबुलेंस उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया गया था। इलाज न मिलने से पेट में ही उसके शिशु की मौत हो गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि एंबुलेंस के लिए सरकार से मिलने वाला डीजल आखिर कहां जा रहा है।
कस्बे के वार्ड 12 निवासी विनोद की पत्नी मीना को दोपहर दो बजे प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उसके ससुर ने 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया तो बताया गया कि 102 राजपुरकलां गई है। इसके बाद कॉल सेंटर से उनकी कॉल 108 एंबुलेंस पर ट्रांसफर कर दी गई। 108 के ईएमटी अरविंद कुमार ने बताया कि एंबुलेंस में तेल नहीं है। लिहाजा गाड़ी मरीज को लेने नहीं आ सकती। आखिर मीना के पति को उसे बाइक से अस्पताल लाना पड़ा। संयोग से जच्चा-बच्चा की जान भी बच गई। बता दें कि इससे पहले 11 जून की रात बिशारतगंज निवासी प्रभात श्रीवास्तव ने रात में प्रसव पीड़ा से तड़प रही पत्नी के लिए मझगवां सीएचसी की 108 पर फोन किया था लेकिन ईएमटी ने तेल नही होने की बात कहकर आने से इंकार कर दिया था। समय पर इलाज न मिलने से भारती के बच्चे की पेट में ही मौत हो गई थी जिसके बाद डीएम ने ईएमटी को निलंबित कर दिया था।
...और सबने एक-दूसरे पर टाल दी बला
तेल खत्म, कई कॉल पर नहीं जा सका
मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने बताया कि पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तेल खत्म हो गया था, जिसकी सूचना जिला मुख्यालय को दी गई थी। शाम चार बजे तक तेल का इंतजाम नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि इस दौरान कई इमरजेंसी कॉल आई पर सुविधा नहीं मिल सकी।
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अधिकारियों को बता दिया है
मझगवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वैभव राठौर का कहना है कि 108 व 102 एंबुलेंस उनके अधिकार क्षेत्र में नही है। इनका सीधा संबंध लखनऊ से है। तेल खत्म होने के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं मिल पाना अनुचित है। व्यवस्था के बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है।
तेल की तो कोई कमी नहीं
एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी जीवीके के प्रोग्राम मैनेजर संजीव गुप्ता ने बताया कि मौजूदा समय में अभी ईधन की कोई कमी नहीं है। मझगवां के मामले में उन्होंने बताया कि गलती से पायलट के जेब में फ्यूल कार्ड चला गया था, जिसके चलते गाड़ी में ईधन नहीं भर सका। अब वह वापस आ गया है।
कल कराएंगे मामले की जांच
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने कहा कि 102 और 108 को स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो डीजल दिया जाता है और न ही उनकी कोई कॉल हम लोगाें तक आती है। कंपनी ही अपने प्रतिनिधियाें के माध्यम से सभी व्यवस्था कराती है। हालांकि ईधन कै से खत्म हुआ इसकी जानकारी शुक्र वार को करवाई जाएगी।
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कस्बे के वार्ड 12 निवासी विनोद की पत्नी मीना को दोपहर दो बजे प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उसके ससुर ने 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया तो बताया गया कि 102 राजपुरकलां गई है। इसके बाद कॉल सेंटर से उनकी कॉल 108 एंबुलेंस पर ट्रांसफर कर दी गई। 108 के ईएमटी अरविंद कुमार ने बताया कि एंबुलेंस में तेल नहीं है। लिहाजा गाड़ी मरीज को लेने नहीं आ सकती। आखिर मीना के पति को उसे बाइक से अस्पताल लाना पड़ा। संयोग से जच्चा-बच्चा की जान भी बच गई। बता दें कि इससे पहले 11 जून की रात बिशारतगंज निवासी प्रभात श्रीवास्तव ने रात में प्रसव पीड़ा से तड़प रही पत्नी के लिए मझगवां सीएचसी की 108 पर फोन किया था लेकिन ईएमटी ने तेल नही होने की बात कहकर आने से इंकार कर दिया था। समय पर इलाज न मिलने से भारती के बच्चे की पेट में ही मौत हो गई थी जिसके बाद डीएम ने ईएमटी को निलंबित कर दिया था।
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...और सबने एक-दूसरे पर टाल दी बला
तेल खत्म, कई कॉल पर नहीं जा सका
मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने बताया कि पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तेल खत्म हो गया था, जिसकी सूचना जिला मुख्यालय को दी गई थी। शाम चार बजे तक तेल का इंतजाम नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि इस दौरान कई इमरजेंसी कॉल आई पर सुविधा नहीं मिल सकी।
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अधिकारियों को बता दिया है
मझगवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वैभव राठौर का कहना है कि 108 व 102 एंबुलेंस उनके अधिकार क्षेत्र में नही है। इनका सीधा संबंध लखनऊ से है। तेल खत्म होने के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं मिल पाना अनुचित है। व्यवस्था के बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है।
तेल की तो कोई कमी नहीं
एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी जीवीके के प्रोग्राम मैनेजर संजीव गुप्ता ने बताया कि मौजूदा समय में अभी ईधन की कोई कमी नहीं है। मझगवां के मामले में उन्होंने बताया कि गलती से पायलट के जेब में फ्यूल कार्ड चला गया था, जिसके चलते गाड़ी में ईधन नहीं भर सका। अब वह वापस आ गया है।
कल कराएंगे मामले की जांच
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने कहा कि 102 और 108 को स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो डीजल दिया जाता है और न ही उनकी कोई कॉल हम लोगाें तक आती है। कंपनी ही अपने प्रतिनिधियाें के माध्यम से सभी व्यवस्था कराती है। हालांकि ईधन कै से खत्म हुआ इसकी जानकारी शुक्र वार को करवाई जाएगी।