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बरेली में जुटे सैकड़ों किसान: विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन, बोले- विभागों की तानाशाही चलने नहीं देंगे
Tue, 24 Sep 2024 04:49 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 24 Sep 2024 04:49 PM IST
सार
बरेली में मंगलवार को मंडल के चारों जनपद से सैकड़ों किसान जुटे। किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने समय पर बिजली-पानी, खाद-बीज न मिलने का आरोप भी लगाया।
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किसानों ने कमिश्नरी के पास पार्क में दिया धरना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले मंगलवार को मंडल के चारों जिलों से आए किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भाकियू मंडल अध्यक्ष चौधरी अरुण राठी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान कमिश्नरी के समीप स्थित पार्क में एकत्र हुए। बड़ी संख्या में किसानों को देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। किसानों ने पार्क में धरना प्रदर्शन किया। अपनी आवाज को बुलंद किया।
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किसान नेताओं ने कहा कि छुट्टा पशुओं के कारण फसलें चौपट हो रही हैं। न समय पर बिजली मिल रही है और न ही पानी। खाद भी नहीं मिल रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। किसान शिकायती पत्र देते हैं तो उन्हें रद्दी में डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी विभागों की तानाशाही चलने नहीं देंगे। किसान अब जागरूक हो चुके हैं।
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ये हैं प्रमुख मांगें
- मंडल भर की जिन चीनी मिलों पर किसानों का गन्ना मूल्य बकाया है, उन मिलों से ब्याज सहित भुगतान कराया जाए।
- खाद-बीज, कीटनाशक दवाइयों में मिलावट खत्म हो, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
- खेतों में घूम रहे अवारा और घुमंतू पशुओं को पकड़ा जाए। फसलों की क्षति होने पर किसानों को मुआवजा मिले।
- बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत में बाढ़ पीड़ितों का सर्वे कराया जाए, मुआवजा वितरित किया जाए।
- वन्यजीव के हमले में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए।
- जंगलों की फेसिंग कराई जाए ताकि वन्यजीव जंगल से बाहर न सकें।