पुलिस चौकी में वसूली का खेल: रिश्वत लेते पकड़ा गया दरोगा तब सामने आए कारनामे, कमरे में मिले 1.06 लाख रुपये
बरेली की बंजरिया चौकी के प्रभारी जितेंद्र सिंह को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को चौकी में ही 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मुकदमे को खत्म करने के लिए उसने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। दरोगा के कमरे से 1.06 लाख रुपये भी बरामद हुए थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के शीशगढ़ थाने की बंजरिया चौकी में वसूली का खुला खेल चल रहा था। हद तो यह है कि चौकी के अंदर ही खुलेआम रिश्वत भी ली जा रही थी। इसके बावजूद इंस्पेक्टर व सीओ इससे बेखबर बने रहे। इससे उनके पर्यवेक्षण पर भी सवाल उठ रहे हैं। एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को बंजरिया चौकी के प्रभारी जितेंद्र सिंह को चौकी में ही 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी शीशगढ़ के लालू नगला गांव निवासी हामिद अली की शिकायत पर हुई थी।
बंजरिया पुलिस चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब उनके कारनामे सामने आने लगे हैं। चौकी के अंदर खुलेआम वसूली होने से अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि सिपाहियों को भनक नहीं होगी। चौकी इंचार्ज ने हामिद अली के भाई गुलफाम को गिरफ्तार करने के लिए घर में दबिश तक दे डाली, जबकि मुकदमा धारा 504, 506 में दिया गया था। इसमें गिरफ्तारी का प्रावधान ही नहीं है। मुकदमा फिर पुलिस की दबिश से हामिद उसके भाई गुलफाम की खासी बदनामी हुई।
फिर चला बुलडोजर: बीडीए ने ध्वस्त कराईं चार अवैध कॉलोनियां, बिना नक्शा के कराया जा रहा था निर्माण
गांव के ही कादिर अली ने हामिद के भाई गुलफाम के खिलाफ प्रार्थनापत्र देते हुए कहा था कि एक जून को उसने पड़ोसी गुलफाम को फर्नीचर के काम के 50,000 रुपये दिए थे। आरोप है कि गुलफाम ने काम नहीं किया। रुपये मांगे तो धमकी दी कि बीवी को आगे करके झूठा मुकदमा दर्ज करा दूंगा। इसके साथ ही गाली गलौज की व जान से मारने की धमकी दी। 12 जून को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
हामिद का कहना है कि मुकदमा झूठा दर्ज कराया गया है। चौकी इंचार्ज पहले प्रार्थनापत्र पर ही दबाव बनाते रहे। इसके बाद मुकदमा दर्ज करने के बाद दो-तीन बार घर पर दबिश दे डाली। मामला निपटाने के चौकी इंचार्ज ने शुरू में 25 हजार रुपये मांगे। काफी कम करते-करते दस हजार रुपये पर माने। इससे पहले हामिद एंटी करप्शन से शिकायत कर चुका था।
इंचार्ज के कक्ष में मिले 1.06 लाख रुपये भी सील
एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने चौकी के अंदर चौकी इंचार्ज को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के बाद उसके कक्ष की तलाशी ली। यहां तख्त पर नीले रंग का बैग मिला। बैग खोलने पर उसमें 1,06,650 रुपये मिले। चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि ये रुपये फॉलोअर नरेश रस्तोगी उर्फ बाबू के हैं। मकान बनवाने के लिए उसने कर्मचारियों के चंदे से जुटाए हैं, जो उनके पास रखे हैं।
इसमें 1650 रुपये उन्हें लोकसभा चुनाव ड्यूटी से प्राप्त हुए हैं। चौकी इंचार्ज बरामद रुपये के संबंध में कोई प्रामाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। एंटी करप्शन की टीम ने माना कि बरामद रकम भी अवैध उगाही कर वसूली गई है। टीम ने रुपये को बैग समेत सील कर दिया। चौकी इंजार्च को निलंबित कर दिया गया है।
रिश्वत के लिए पहले से ही बदनाम है ये चौकी
लगभग एक वर्ष पहले भी चौकी बंजरिया सुर्खियों में रही थी। उस समय के तत्कालीन इंस्पेक्टर व चौकी इंचार्ज ने एक मानसिक रूप से कमजोर दुष्कर्म पीड़िता की इज्जत का सौदा एक लाख में करके रुपये ले लिए थे। तत्कालीन कप्तान ने चौकी इंचार्ज, इंस्पेक्टर और क्राइम इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था। आज फिर इस चौकी में दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए चौकी इंचार्ज पकड़े गए।
कोई रिश्वत मांगे तो दें सूचना, होगी कार्रवाई: सीओ
सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह का कहना है कि अगर कोई रिश्वत मांगे तो उनके कार्यालय में आकर सीधे सूचना दें, जिससे कि आरोपियों को पकड़ा जा सके। सीओ ने बताया कि जो भी सूचना मिल रही हैं सभी में आरोपी को ट्रैप किया जा रहा है। तीन दिन पहले बुधवार को एंटी करप्शन की टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते दरोगा रामौतार को गिरफ्तार किया था। एंटी करप्शन की कार्रवाई से अब पुलिस विभाग में भी खलबली मची हुई है। सीओ का कहना है कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति उनके सीयूजी 9454405475 पर सूचना दे सकता है।