Bareilly: अशोका फोम फैक्टरी अग्निकांड में बड़ा खुलासा, सिलिंडर फटने से हुआ था धमाका; जिंदा जल गए थे चार लोग
अशोका फोम फैक्टरी में 10 मई की शाम धमाके के साथ भीषण आग लग गई थी। इसमें चार कर्मचारी जिंदा जल गए थे। अब जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
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बरेली के अशोका फोम फैक्टरी में आग लगने के मामले में स्थानीय अफसर भले ही लीपापोती में जुटे हों लेकिन डीजी के निर्देश पर जांच करने आए प्रभारी उप निदेशक फायर सर्विस को मौके पर खामियों का पिटारा मिला है। उन्होंने माना है कि फैक्टरी में रखे एलपीजी सिलिंडर फटने से धमाका हुआ था। उन्होंने दोनों प्लांट की एनओसी पर सवाल उठाए। डीजी को भेजी रिपोर्ट ने दोनों एनओसी निरस्त करने की संस्तुति की है।
अमरोहा के सीएफओ अनिल कुमार सिंह फिलहाल जिले में अग्निशमन विभाग के प्रभारी उप निदेशक हैं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जो रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक फैक्टरी मानकों को ताक पर रखकर चलाई जा रही थी। उन्हें दोनों प्लांट में निकास का रास्ता नहीं मिला।
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दोनों प्लांट में डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम नहीं था। दूसरे चालू प्लांट में भी करीब 40-50 एलपीजी सिलिंडर रखे मिले। उन्होंने माना कि ऐसे ही सिलिंडर इस प्लांट में रखे होंगे, जिनके फटने से हादसा हुआ, आग लगी और प्लांट की छत नीचे गिर पड़ी। दूसरे प्लांट में भी अलग से निकास मार्ग न होने का जिक्र करते हुए भविष्य में खतरा जताया गया है।
एनओसी देने वाले भी फंसेंगे
निरीक्षण में उप निदेशक को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के मुताबिक प्लांट की फायर एनओसी जुलाई 2020 में जारी की गई है जो जुलाई 2023 तक प्रभावी है। दोनों प्लांट की एनओसी एक ही है। दोनों का नक्शे में ब्लॉक अलग होना चाहिए जो नहीं किया गया है। ऐसे में मानकों को परखे बिना एनओसी जारी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इसके साथ ही अधिकारी ने दूसरे प्लांट की भी एनओसी पर सवाल उठाकर उसे रद्द करने की सिफारिश की है।
डीजी बोले- कोई दोषी नहीं बचेगा
अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अविनाश चंद्र ने बताया कि लखनऊ के एएसपी दिनेश पुरी की टीम को भेजकर बरेली में अशोका फोम अग्निकांड मामले की जांच कराई जा रही है। निरीक्षण को भेजे गए अन्य अधिकारियों से भी रिपोर्ट तलब की गई है। जिस स्तर पर खामी मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। एनओसी या अन्य मानकों की अनदेखी करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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यह थी घटना
फरीदपुर में हाईवे किनारे स्थित अशोका फोम फैक्टरी में 10 मई की शाम भीषण आग लग गई थी। फैक्टरी में काम करने वाले राकेश, अरविंद, अनूप और अखिलेश की जलकर मौत हो गई थी। चार लोगों के शव पूरी तरह चल चुके थे। उनकी पहचान भी मुश्किल थी। इस मामले में फैक्टरी मालिकों और मैनेजर पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।