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तय होगा चौकीदार का भाग्य, छीन लेंगे चौकी : अखिलेश
Fri, 12 Apr 2019 01:04 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Apr 2019 01:04 AM IST
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अखिलेश यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
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चुनाव प्रचार को पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि भाजपाई हमारे महागठबंधन को महामिलावट कहते हैं लेकिन यह महामिलावट नहीं महापरिवर्तन के लिए बना है। जिससे चौकीदार का भाग्य तय होगा और हम उसकी चौकी छीन लेंगे। उन्होंने अच्छे दिन, स्मार्ट सिटी और नोट बंदी के नाम पर भी घेराबंदी की।
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इस्लामिया ग्राउंड में बरेली लोकसभा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार के समर्थन में आयोजित रैली में महागठबंधन को उन्होंने विचारों का संगम बताया। कहा- नवरात्र चल रहे हैं और बहुत सारे लोग व्रत रहते हैं। हम सब संकल्प लें कि सच के सिवा कुछ नहीं बोलेंगे लेकिन यह संकल्प भाजपा को भी लेना होगा। इसके बाद जनता से सवाल-जवाब के अंदाज में जुड़ते हुए कहा कि सच सब जान गए हैं तो बताओ-चौकी छीनोगे या नहीं।
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अच्छे दिन पर तंज कसा कि अभी कितने किलोमीटर दूर रह गए हैं। बोले- अच्छे दिन तो आएंगे लेकिन उसके लिए भगवत सरन गंगवार और रुचि वीरा को जिताकर लोकसभा भेजना पड़ेगा। भाजपा वाले कहते हैं, बरेली नहीं जीत सकते लेकिन जब कागज-कलम लेकर हिसाब लगाते हैं तो कहते हैं कि बरेली अब नहीं बचेगा। योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा कि मैंने सुना है बाबा जी यहां आए थे लेकिन जब अपनी नहीं बचा पाए तो यह कैसे बचेगी। सुना है कि वह अपनी उपलब्धियां बता रहे थे, भ्रष्टाचार खत्म हो गया, कानून-व्यवस्था ठीक कर दी, बेरोजगारी खत्म कर दी लेकिन हमें लगता है उन्हें यहां हमारी सरकार का विकास नहीं दिखाई दे रहा था।
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जनता से मुखातिब बोले उन्हें धुंधला दिखाई दे रहा था, आप लोग ही सुरमा लगाकर उनकी आंखें ठीक कर सकते हो। बोले- हमने सौ नंबर की अच्छी व्यवस्था दी लेकिन बाबा की सरकार आई तो न जाने क्या होगा। हमारी सरकार में कहते थे कि अपराध बहुत हो रहे हैं लेकिन अब तो ठोको नीति चल रही है। पुलिस आम जनता को ठोक देती है और मौका मिलता है तो आम लोग पुलिस को ठोक देते हैं। सांसद और विधायकों में जूते चल रहे हैं।
स्थानीय मुद्दों से जुड़ते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी संतोष गंगवार पर भी वह खासे हमलावर रहे। बोले- सात बार सांसद रहे क्या किया, यहां कोई विकास कार्य नहीं हुआ। ऐसा स्मार्ट सिटी है, जहां सड़क पर भैंसें दौड़ती हैं। बोले- राष्ट्रवाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा है लेकिन नई व्यवस्था में अब मौका नहीं मिलेगा। ऐसे लोगों से नया भारत मत बनवाओ, जो खुद पुराने हो चुके हैं। इस दौरान मंच पर भगवत सरन गंगवार, अताउर्रहमान, रुचि वीरा, महिपाल सिंह यादव, शुभलेश यादव, शहजिल इस्लाम, कदीर अहमद, जफर बेग, संजीव यादव, राजेश सागर समेत सपा-बसपा के तमाम नेता मौजूद रहे।
‘भाजपा और कांग्रेस में ज्यादा फर्क नहीं’
सभा के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में ज्यादा फर्क नहीं, दोनों मिलती-जुलती ही हैं। हमने बसपा और सपा ने उनके लिए अमेठी और रायबरेली छोड़ी लेकिन उन्होंने धन्यवाद नहीं दिया। चुनाव जीतने के बाद भाजपा के सांसद और उनके मुख्यमंत्री की भाषा बदल गई। वे राष्ट्रवाद और हरे रंग पर भाषण दे रहे हैं। ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं, जिनका आम जन से मतलब नहीं। योगी जी बताएं बरेली में क्या किया। गेहूं की खरीद में तो कभी दिक्कत नहीं होती थी। बताएं धान के लिए क्या किया? चीनी मिलों पर अब तक पैसा बकाया है। बाबा मुख्यमंत्री जी तो कुछ जानते ही नहीं, वह तो अपना घोषणापत्र ही नहीं पढ़ रहे।