Bareilly News: बिजली चोरी के मामलों में जुर्माना राशि तय करने में 'खेल', निगम के बाबुओं पर उगाही करने का आरोप
बरेली में पोर्टल पर दर्ज बिजली चोरी के मामलों में उपभोक्ताओं से वसूली की जा रही है। कई उपभोक्ताओं के पास जुर्माना राशि से दोगुने के नोटिस भेजे गए हैं। बिजली निगम के बाबुओं पर उगाही करने का आरोप लग रहा है।
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बरेली में बिजली चोरी में दर्ज मामलों में जुर्माना तय करने में खेल किया जा रहा है। पोर्टल पर दर्ज जुर्माना से दोगुनी राशि के नोटिस भेजने के बाद चोरी के आरोपियों से उगाही की जा रही है। बिजली निगम के कई बाबू इस खेल में शामिल हैं। जानकारी होने के बाद भी अधिकारी अनजान बन रहे हैं।
विजिलेंस और एचआर टीम ने पिछले महीनों बड़ी संख्या में मार्निंग रेड कर बिजली चोरी के मामले पकड़े थे। 130 से ज्यादा प्रकरणों में रिपोर्ट दर्ज की गई। बिजली चोरी के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जुर्माना तय करने के लिए रिपोर्ट कॉमर्शियल टू अधिशासी अभियंता को भेजी जाती है।
अधिशासी अभियंता संबंधित उपभोक्ता के मकान या दुकान पर बिजली भार के अनुसार जुर्माना तय करते हैं। जुर्माना राशि पोर्टल पर दर्ज करने के बाद उपभोक्ता को नोटिस भेजा जाता है। नोटिस के साथ ही बाबुओं का खेल शुरू हो जाता है। पोर्टल पर दर्ज जुर्माना राशि से डेढ़ और दोगुने जुर्माने का नोटिस भेज दिया जाता है। उपभोक्ता जुर्माना जमा कर देता है तो उसके लिए एनओसी जारी कर मुकदमा खत्म कर दिया जाता है।
डेढ़ और दोगुना जुर्माना राशि का नोटिस लेकर उपभोक्ता जुर्माना अदा करने पहुंचता है कि उससे वसूली की जाती है। रुपये लेकर जुर्माना राशि कम करने की बात कही जाती है। पोर्टल पर दर्ज जुर्माना राशि से ज्यादा रुपये लिए जाते हैं।
58 हजार का जुर्माना, नोटिस भेजा एक लाख रुपये का
शांति विहार निवासी मुन्ना लाल गुप्ता के मकान पर विजिलेंस टीम ने 19 अगस्त को बिजली चोरी पकड़ी थी। उपभोक्ता पर 58 हजार रुपये का जुर्माना और 12 हजार रुपये का शमन शुल्क पोर्टल पर चढ़ाया गया। बाबुओं ने खेल करते हुए एक लाख रुपये का नोटिस भेज दिया। वह जुर्माना राशि जमा करने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि एक लाख का जुर्माना छूट के आधार पर 50 हजार रुपये और शमन शुल्क के 12 हजार लगाकर कुल 62 हजार रुपये जमा करने होंगे। नियमानुसार 58 हजार रुपये जुर्माने पर 50 फीसदी छूट के बाद 29 हजार और 12 हजार शमन शुल्क सहित कुल 41 हजार रुपये जमा करने थे। मामला खुलने के बाद 41 हजार रुपये जमा कर उनके लिए एनओसी जारी कर दी गई।
पोर्टल पर 82 हजार, नोटिस भेजा 1.10 लाख का
नकटिया निवासी राम नरेश के घर पर 11 सितंबर को चेकिंग के दौरान बिजली चोरी पकड़ी गई थी। उनके पास 1.10 लाख रुपये के जुर्माना का नोटिस भेजा गया, जबकि पोर्टल पर जुर्माना 82 हजार दर्ज किया गया। राम नरेश ओटीएस के तहत जुर्माना पर मिल रही 50 फीसदी छूट का लाभ लेने के लिए पहुंचे। उनसे 55 हजार रुपये की मांग की गई। पोर्टल पर जुर्माना राशि 82 हजार दर्ज थी। ऐसे में 50 फीसदी छूट के साथ उनको 41 हजार रुपये जमा करने थे। राम नरेश ने बताया कि उनसे जुर्माना की राशि के रूप में 50 हजार रुपये लिए गए, लेकिन रसीद 41 हजार रुपये की दी गई।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि जुर्माना निर्धारण और नोटिस जारी करने के संबंध में शिकायत मिली है। जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।