{"_id":"d16eb33f62dd2bb0cbf5d95050c0895c","slug":"elections-also-will-provide-university-and-college-ruhelkhand-bareilly-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुहेलखंड विवि और बरेली कॉलेज को भी कराने होंगे चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुहेलखंड विवि और बरेली कॉलेज को भी कराने होंगे चुनाव
बरेली
Updated Sat, 16 Jan 2016 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। ‘मिशन 2017’ के तहत युवाओं को आकर्षित करने के लिए प्रदेश सरकार ने ये आदेश जारी किए हैं। छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा के साथ ही प्रदेश सरकार ने सत्र शुरू होने के छह से आठ सप्ताह के भीतर इसे कराने के निर्देश दिए हैं। यह भी साफ कर दिया है लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार ‘मोड ऑफ इलेक्शन’ तय करने का अधिकार विश्वविद्यालय का है। लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर चुने हुए अभ्यर्थी को भी पद से हटाया जा सकता है।
पूरी चुनाव प्रक्रिया जिसमें नामांकन से लेकर परिणाम घोषित करने तक सारा काम 10 दिनों में निपटाना होगा। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार, चुनाव कराने व उसकी आचार संहिता का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। चुनाव के दौरान गलियों, सड़कों, पार्कों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चुनावी सभाएं आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मत प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जाएगी। पूजा स्थानों का प्रयोग चुनाव प्रचार में नहीं किया जाएगा। कैंपस के अंदर निश्चित स्थानों पर ही हाथ से बने हुए पोस्टर का उपयोग चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी कर सकेंगे। चुनाव कार्यक्रम सरकार को भी भेजना होगा। साथ ही इसकी पूर्व सूचना स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को देनी होगी। यह चुनाव विश्वविद्यालय प्रशासन व जिला प्रशासन के सहयोग से कराए जाएंगे।
ये हैं लिंगदोह समिति की प्रमुख सिफारिशें
-उम्र सीमा यूजी में 22 वर्ष, पीजी के लिए 25 वर्ष व शोध छात्र के लिए 28 वर्ष
-चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
-चुनाव लड़ने के लिए नियमित छात्र होना जरूरी
-आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
-एक प्रत्याशी अधिकतम पांच हजार रुपये कर सकते हैं खर्च
-प्रिंटेड पोस्टर, पम्फलेट या प्रचार सामग्री के प्रयोग की अनुमति नहीं
-छोटे कैंपस में सीधे प्रतिनिधि चुनने की व्यवस्था
-एक से अधिक कैंपस वाले कॉलेजों में अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव
इस बार तो चुनाव नहीं हो पाए, लेकिन प्रदेश सरकार का आदेश मिलने के बाद अगले शैक्षिक सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे।
डॉ. आरबी सिंह, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
विज्ञापन
पूरी चुनाव प्रक्रिया जिसमें नामांकन से लेकर परिणाम घोषित करने तक सारा काम 10 दिनों में निपटाना होगा। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार, चुनाव कराने व उसकी आचार संहिता का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। चुनाव के दौरान गलियों, सड़कों, पार्कों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चुनावी सभाएं आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मत प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जाएगी। पूजा स्थानों का प्रयोग चुनाव प्रचार में नहीं किया जाएगा। कैंपस के अंदर निश्चित स्थानों पर ही हाथ से बने हुए पोस्टर का उपयोग चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी कर सकेंगे। चुनाव कार्यक्रम सरकार को भी भेजना होगा। साथ ही इसकी पूर्व सूचना स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को देनी होगी। यह चुनाव विश्वविद्यालय प्रशासन व जिला प्रशासन के सहयोग से कराए जाएंगे।
विज्ञापन
ये हैं लिंगदोह समिति की प्रमुख सिफारिशें
-उम्र सीमा यूजी में 22 वर्ष, पीजी के लिए 25 वर्ष व शोध छात्र के लिए 28 वर्ष
-चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
-चुनाव लड़ने के लिए नियमित छात्र होना जरूरी
-आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
-एक प्रत्याशी अधिकतम पांच हजार रुपये कर सकते हैं खर्च
-प्रिंटेड पोस्टर, पम्फलेट या प्रचार सामग्री के प्रयोग की अनुमति नहीं
-छोटे कैंपस में सीधे प्रतिनिधि चुनने की व्यवस्था
-एक से अधिक कैंपस वाले कॉलेजों में अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव
इस बार तो चुनाव नहीं हो पाए, लेकिन प्रदेश सरकार का आदेश मिलने के बाद अगले शैक्षिक सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे।
डॉ. आरबी सिंह, प्राचार्य, बरेली कॉलेज