Bareilly News: नगर निगम की जानलेवा लापरवाही, खुले नाले में गिरकर बालक की मौत, तीन दिन बाद मिला शव
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना घटित हुई है। आठ साल के बालक का शव सोमवार को सीवर नाले में मिला। संजय नगर निवासी नौ साल का विराट यादव पुत्र हरिमोहन 30 अप्रैल से लापता था। नाले में डूबकर उसकी मौत हुई है।
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बरेली के संजयनगर में शुक्रवार शाम विराट यादव (9 वर्ष) घर के पास खेलते समय खुले नाले में गिरकर डूब गया। सोमवार को उसका शव मिला। घटना में नगर निगम की लापरवाही सामने आई है।
संजयनगर निवासी हरिमोहन यादव फर्नीचर का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा विराट शुक्रवार शाम ट्यूशन से घर आया। बैग रखकर अपनी मां प्रियंका से खेलने की बात कहकर बाहर चला गया। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे। उसके दोस्तों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई पता नहीं चला। रविवार सुबह उन्होंने बारादरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई तो पुलिस भी विराट को खोजने लगी।
लोगों में था आक्रोश, पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना से वहां मौजूद लोगों में आक्रोश था। अगर नगर निगम से कोई पहुंचता तो आक्रोश भड़क सकता था। इस वजह से नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने से परहेज किया गया। पुलिस ने स्थिति संभाली।
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सीसीटीवी से मिला सुराग, जेसीबी से हटाया पत्थर तो दिखे पैर
इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से यह पक्का हुआ कि विराट पड़ोस की कॉलोनी रेजिडेंसी गार्डन के बाहर नहीं गया है। फिर कई कैमरे देखे तो नाले के पास उसके देखे जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जेसीबी मंगवाकर नाले के ऊपर पड़ा स्लैब हटवाया तो विराट के पैर नजर आए। दूसरा स्लैब हटाया गया तो विराट पेट के बल पड़ा नजर आया।
तीन दिन में उसका शव काफी फूल चुका था और खराब होने लगा था। पोस्टमॉर्टम में भी डूबने से मौत की पुष्टि हुई। विराट तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। परिजनों के मुताबिक उसका मानसिक विकास अन्य बच्चों की तुलना में कम था, इसलिए उसे देर से पढ़ने भेजा गया। वह पास के ही निजी स्कूल में कक्षा एक का छात्र था। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिता का सवाल...क्यों खुला छोड़ दिया नाला
नाले से विराट का शव निकाला गया तो पिता ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया। बार बार-सवाल उठाए कि किसकी गलती थी? क्यों खुला रह गया नाला? मुझे जवाब चाहिए। मैंने समझाया तो उन्होंने एसडीएम से बात की। पुलिस और प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया तो वह शांत हुए। जिम्मेदारों को भी कुछ आर्थिक मदद देनी चाहिए। मैं इस विषय में मंगलवार को नगर आयुक्त से बात करूंगा। मौजूदा पार्षद के पति और पूर्व पार्षद ने बताया कि इस बारे में चार बार लिखकर नगर निगम को दे चुके हैं। आर्थिक मदद के लिए राज्यमंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखवाएंगे। -अनिल सक्सेना, वन राज्यमंत्री के प्रतिनिधि।