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Bareilly News: शीतलहर का असर, दो दिन में 75 मेगावाट बढ़ी बिजली की खपत
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30 दिसंबर तक रोजाना 350 मेगावाट हो रही थी खपत, अब बढ़कर 425 हुई
बरेली। शीतलहर के प्रकोप के साथ शहर में दो दिनों में बिजली की खपत में 75 मेगावाट का इजाफा हुआ है। 30 दिसंबर तक शहर में बिजली की खपत रोजाना औसतन 350 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 425 मेगावाट के पार पहुंच गई है। आने वाले दिनों में खपत और बढ़ेगी।
शहर के चार वितरण खंडों में 26 बिजली उपकेंद्रों के जरिये 2.50 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले दिनों मौसम ठीक रहा तो बिजली की मांग भी कम रही। अब शीतलहर के साथ मांग बढ़ने लगी है। बिजली निगम के आंकड़ों पर गौर करने तो पूरे दिसंबर शहर में रोजाना औसतन 350 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। 31 दिसंबर को खपत बढ़कर 425 मेगावाट जा पहुंची। एक जनवरी को उपभोक्ताओं ने 435 मेगावाट बिजली खर्च की है।
शहर में ज्यादा भार विद्युत वितरण खंड प्रथम और तृतीय पर बढ़ा है। लाइन लॉस के मामले में द्वितीय और चतुर्थ खंड आगे हैं। बिजली निगम के मुख्य अभियंता शहरी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर के किसी भी उपकेंद्र पर ओवरलोडिंग की स्थिति नहीं है। संवाद
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बरेली। शीतलहर के प्रकोप के साथ शहर में दो दिनों में बिजली की खपत में 75 मेगावाट का इजाफा हुआ है। 30 दिसंबर तक शहर में बिजली की खपत रोजाना औसतन 350 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 425 मेगावाट के पार पहुंच गई है। आने वाले दिनों में खपत और बढ़ेगी।
शहर के चार वितरण खंडों में 26 बिजली उपकेंद्रों के जरिये 2.50 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले दिनों मौसम ठीक रहा तो बिजली की मांग भी कम रही। अब शीतलहर के साथ मांग बढ़ने लगी है। बिजली निगम के आंकड़ों पर गौर करने तो पूरे दिसंबर शहर में रोजाना औसतन 350 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। 31 दिसंबर को खपत बढ़कर 425 मेगावाट जा पहुंची। एक जनवरी को उपभोक्ताओं ने 435 मेगावाट बिजली खर्च की है।
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शहर में ज्यादा भार विद्युत वितरण खंड प्रथम और तृतीय पर बढ़ा है। लाइन लॉस के मामले में द्वितीय और चतुर्थ खंड आगे हैं। बिजली निगम के मुख्य अभियंता शहरी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर के किसी भी उपकेंद्र पर ओवरलोडिंग की स्थिति नहीं है। संवाद
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